असलहा तस्कर की मौत: नक्सलियों को सप्लाई किए थे असलहे, लखनऊ जेल में था बंद, केजीएमयू से चल रहा था इलाज

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: प्रभापुंज मिश्रा Updated Sun, 24 Oct 2021 12:20 PM IST
एटीएस इंस्पेक्टर पंकज अवस्थी के साथ राजकिशोर राय (मृतक असलहा तस्कर)
एटीएस इंस्पेक्टर पंकज अवस्थी के साथ राजकिशोर राय (मृतक असलहा तस्कर) - फोटो : amar ujala
विज्ञापन
ख़बर सुनें
नक्सलियों को फर्जी ट्रांजिट लाइसेंस पर असलहे सप्लाई करने वाले तस्कर राजकिशोर राय की केजीएमयू में मौत हो गई। वह लखनऊ जेल में बंद था। वह कैंसर से ग्रसित था। उसकी मौत से तमाम अनसुलझे सवालों का सुलझना मुश्किल है।
विज्ञापन


यह नहीं पता चल सका था कि कानपुर से खरीदकर 25 असलहे किसको सप्लाई करने थे। बिहार के मोतिहारी निवासी राजकिशोर राय पांच साल पहले कानपुर से असलहों की खेप खरीदकर ले गया था। तब एटीएस ने उसके साथी उपेंद्र, शस्त्र विभाग के बाबू और शहर के पांच गन हाउस मालिकों को जेल भेजा था।


एटीएस की तफ्तीश में सामने आया था कि राजकिशोर व उसके गिरोह ने फर्जी ट्रांजिट रिमांड पर इन गन हाउस से कुल 25 असलहे खरीदे थे। ये असलहे नक्सलियों को सप्लाई किए थे। राजकिशोर को छोड़कर बाकी आरोपियों की पहले ही गिरफ्तारी हो चुकी थी। इसी साल 27 फरवरी को एटीएस ने राजकिशोर को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। राजकिशोर कैंसर से ग्रसित था। 16 अगस्त को उसकी मौत भी हो गई थी।

अब तक छिपी मौत की खबर 
राजकिशोर की मौत हुए करीब दो महीने बीत चुके हैं। मगर इसकी जानकारी किसी को नहीं चली। मौत के बाद जेल प्रशासन ने एटीएस व उसके परिजनों को दी। करीब पांच साल से मामले की जांच चल रही है लेकिन अभी तक नहीं पता चला था कि असलहे किसको और किस इस्तेमाल के लिए सप्लाई किए गए थे। मुख्य आरोपी की मौत होने से राज से पर्दा उठाना अब बड़ी चुनौती है।

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
  • Downloads

Follow Us

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00