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कानपुर: मां के प्रेमी की हत्या के आरोप में बंद किशोर को नहीं मिलेगी जमानत

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: प्रभापुंज मिश्रा Updated Sun, 06 Feb 2022 01:59 PM IST
सार

बिठूर में 16 जून 2021 को सुरेश उर्फ पुत्तन की उसी की झोपड़ी में चापड़ से गर्दन काटकर हत्या कर दी गई थी। सुरेश के भाई रमेश कुशवाहा ने बिठूर थाने में दर्ज कराई रिपोर्ट में कहा था कि सुरेश के एक महिला से अवैध संबंध थे।

कोर्ट।
कोर्ट। - फोटो : amar ujala
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विस्तार

मां के अवैध संबंधों के तानों से आजिज किशोर द्वारा मां के प्रेमी की हत्या करने के मामले में आरोपी किशोर को जमानत देने से विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट राजवीर सिंह ने इनकार कर दिया। किशोर न्याय बोर्ड से जमानत अर्जी खारिज होने के बाद सत्र न्यायालय में रिवीजन याचिका दाखिल की गई थी जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया।


बिठूर में 16 जून 2021 को सुरेश उर्फ पुत्तन की उसी की झोपड़ी में चापड़ से गर्दन काटकर हत्या कर दी गई थी। सुरेश के भाई रमेश कुशवाहा ने बिठूर थाने में दर्ज कराई रिपोर्ट में कहा था कि सुरेश के एक महिला से अवैध संबंध थे। उसके पति व बेटों ने कई बार उसे व भाई को जान से मारने की धमकी भी दी थी।


पुलिस जांच में महिला के किशोर बेटे ने हत्या की बात कबूल कर ली थी। बयान में कहा था कि सुरेश के मां से अवैध संबंध थे। कई बार उसे मना किया था लेकिन वह नहीं मानता था। गांव वाले उसे इस बात का ताना देते थे। इसलिए उसने सुरेश के घर में ही मुर्गा पार्टी की। दारू पिलाने के बाद चापड़ से गर्दन काट दी।

पुलिस ने किशोर को 20 जून को जेल भेजा था। 29 जनवरी को किशोर न्याय बोर्ड ने किशोर की जमानत अर्जी खारिज कर दी थी। एडीजीसी सुशील कुमार वर्मा व एसपीपी धर्मेंद्र वर्मा ने बताया कि आदेश के खिलाफ रिवीजन याचिका दाखिल की गई थी।

किशोर के पिता ने उसे अपनी सुपुर्दगी में देने पर उसकी सही देखभाल का तर्क रखा था जबकि अभियोजन ने किशोर की निशानदेही पर चापड़ की बरामदगी और उसके द्वारा जुर्म कबूलने की बात कही थी।

पुलिस रिपोर्ट में भी किशोर को जमानत मिलने से उसके फरार हो जाने और गवाहों को धमकाने के साथ ही मृतक और किशोर परिवार के बीच रंजिश से किशोर को भी जानमाल का खतरा होने की बात कही गई थी। सबूतों के आधार पर कोर्ट ने किशोर न्याय बोर्ड के आदेश को सही ठहराते हुए रिवीजन याचिका खारिज कर दी।

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