अब पुलिस वाली सहेलियों को बता सकेंगी अपने दिल की हर बात, कानपुर कमिश्नर ने तैयार किया ये खास प्रोजेक्ट

सूरज शुक्ला, अमर उजाला, कानपुर Published by: शिखा पांडेय Updated Sun, 11 Apr 2021 01:19 PM IST

सार

- काउंसलिंग कर घरेलू कलह संबंधी मामलों का किया जाएगा निपटारा
कानपुर में खुलेंगे पिंक बूथ
कानपुर में खुलेंगे पिंक बूथ - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

कानपुर में कमिश्नरी प्रणाली लागू होने के बाद से महिला अपराधों पर अंकुश लगाने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई के लिए पुलिस कमिश्नर असीम अरुण जल्द नए प्रोजेक्ट शुरू करने की तैयारी में जुटे हैं। इसी क्रम में साथी और कुटुंब अभियान चलाने की तैयारी की जा रही है। 
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आमतौर पर दुष्कर्म पीड़िता या छेड़छाड़ पीड़िता पुलिसकर्मियों को पूरी बातें नहीं बता पाती है। इसलिए साथी अभियान चलाया जाएगा। इसमें प्रत्येक पीड़िता को एक महिला पुलिसकर्मी दोस्त की तरह दी जाएगी जो वारदात होने के बाद से चार्जशीट लगने तक लगातार उसके संपर्क में रहेगी।


ताकि पीड़िता अपना पूरा पक्ष रख सके और दोषियों पर कार्रवाई हो सके। कुटुंब अभियान में काउंसलिंग कर घरेलू कलह संबंधी मामलों का निपटारा कराया जाएगा। यहां तक इसमें अगर प्रेमी-प्रेमिकाओं की शिकायत पहुंचती है तो उसमें भी दोनों पक्षों की सुनवाई कर उचित रास्ता निकाला जाएगा। 

50 से अधिक खुलेंगे पिंक बूथ
सेफ सिटी प्रोजेक्ट के तहत लखनऊ की तर्ज पर सबसे पहले कमिश्नरी में 50 से अधिक पिंक बूथ खोले जाएंगे ताकि महिलाओं और छात्राओं को सुरक्षित माहौल मिल सके। पिंक बूथ स्कूल, कॉलेज, मॉल, बाजार, कोचिंग मंडी समेत अन्य ऐसे स्थानों पर बनेंगे जहां पर युवतियां, महिलाओं और छात्राओं की आवाजाही अधिक रहती है। बूथ पर एक महिला सब इंस्पेक्टर व दो महिला सिपाहियों की तैनाती की जाएगी। इन पुलिसकर्मियों को अपने क्षेत्र में गश्त करना होगा। कोई भी पीड़ित इनसे तत्काल मदद मांग सकेगा। बता दें कि कमिश्नरी में कुल 34 थाने हैं। 

महिला एस्कॉर्ट सुविधा का होगा विस्तार 
पुलिस ने एक साल पहले महिला एस्कॉर्ट की सुविधा शुरू की थी। इसके तहत अगर रात में किसी महिला को घर जाना है और असुरक्षा महसूस हो रही है तो वह पुलिस कंट्रोल रूम में सूचना दे सकती है। इसके बाद पुलिसकर्मी उसको घर तक छोड़ेंगे। कमिश्नरी में अब इसका विस्तार किया जाएगा। चुनाव के बाद महिला पीआरवी की संख्या बढ़ाई जाएगी।

प्रबल प्रतिक्रिया से कम समय में पहुंचेगी पुलिस
प्रबल प्रतिकिया नाम से एक नया अभियान चलेगा। जो महिलाएं एक से अधिक बार घरेलू हिंसा का शिकार हुई होंगी, वे अपना नंबर यूपी 112 में दर्ज करवा सकेंगी। इसका डाटा कानपुर स्थित कंट्रोल रूम में फीड हो जाएगा। जब कभी दोबारा ये महिलाएं हिंसा की शिकार होंगी तो सिर्फ एक कॉल से पुलिस जल्द से जल्द मौके पर पहुंच जाएगी क्योंकि पुलिस के पास उनका विवरण पहले से ही दर्ज होगा। 

महिला संबंधी अपराध हों तो डायल करें ये नंबर
- पुलिस कंट्रोल रूम यूपी- 112
- वुमन पॉवर लाइन 1090
- हेल्पलाइन नंबर: 181 
- संबंधित थाने के इंस्पेक्टर, एसीपी, डीसीपी, एडिशन सीपी और पुलिस कमिश्नर से सीधे शिकायत कर सकती हैं। 
-  कानपुर पुलिस कमिश्नरेट नाम के ट्विटर हैंडल पर शिकायत टैग कर सकते हैं या मैसेज भेज सकते हैं। 

महिला संबंधी अपराधी के लिए क्राइम अगेंस्ट वूमेन सेल का गठन किया गया है। इसमें एक डीसीपी, एडीसीपी और एसीपी अफसरों की तैनाती की गई है। महिला सुरक्षा के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। महिला संबंधी अपराध को अंजाम देने वाले पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। - असीम अरुण, पुलिस कमिश्नर

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