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मंगलवार को इन 4 राशिवालों की पलटेगी किस्मत, जेब में आएगा पैसा
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मंगलवार को इन 4 राशिवालों की पलटेगी किस्मत, जेब में आएगा पैसा

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साप्ताहिक कर्फ्यूः बंद रहीं दुकानें, लेकिन बाजारों में रही आवाजाही

कासगंज/सोरों/गंजडुंडवारा/सिढ़पुरा/पटियाली/अमांपुर/सहावर। साप्ताहिक कर्फ्यू के दौरान जिलेभर में ज्यादातर दुकानें बंद रहीं, लेकिन बाजारों में लोग लापरवाह होकर घूमते रहे। तमाम लोग बिना मास्क के भी घूम रहे थे। जिलेभर में यही हाल रहा। पुलिस के वाहन देखकर लोग गलियों में इधर-उधर हो जाते, लेकिन गाड़ी निकलते ही फिर गाइडलाइन का उल्लंघन शुरू हो जाता।
कर्फ्यू के दौरान केवल गली, मोहल्लों में ही दुकानें खुली हुईं थीं। फल और सब्जी विक्रेता की दुकानों पर सुबह के समय सब्जी और फल की खरीदारी करते रहे। तीर्थनगरी सोरों में भी ऐसी ही लापरवाही नजर आईं। सुबह के समय श्रद्धालु भी अच्छी खासी संख्या में नजर आए। सहावर, अमांपुर कस्बों में छोटी दुकानों से दुकानदार शटर उठाकर बिक्री कर रहे थे। सिढ़पुरा, गंजडुंडवारा, पटियाली में भी बाजार बंद थे, लेकिन यहां भी कुछ लोग बिना मास्क के घूमते रहे।
‘सार्वजनिक स्थलों पर न लगाएं भीड़’
कासगंज। डीएम सीपी सिंह ने कहा है कि कोरोना महामारी के संक्रमण को रोकने के लिए मानव जीवन के स्वास्थ्य की सुरक्षा जरूरी है। जिले में शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिले में धारा 144 लागू है। कर्फ्यू का सभी को पालन करना चाहिए। सभी लोग मास्क लगाएं। सामाजिक दूरी का पालन करें। दुकानदारों की भी यह जिम्मेदारी है कि वह खुद भी मास्क लगाएं और ग्राहकों को मास्क लगाने के लिए प्रेरित करें।
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पंचायत उप चुनाव: कासगंज में मतदान से पहले ही उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित घोषित

कासगंज जिले की ग्राम पंचायतों एवं क्षेत्र पंचायत सदस्यों के रिक्त पदों पर उप चुनाव के लिए जिले में मतदान से पहले ही उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचिक घोषित हो गए। नामांकन पत्रों की जांच एवं नाम वापसी की प्रक्रिया के दौरान ही निर्विरोध निर्वाचन तय हो गया था, लेकिन अब जिला प्रशासन ने चुनाव आयोग को निर्वाचित उम्मीदवारों का ब्यौरा भेजकर उम्मीदवारों की जीत पर मोहर लगा दी है।

त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के मुख्य मतदान में ग्राम पंचायत सदस्यों और क्षेत्र पंचायत सदस्यों के जो पद रिक्त रह गए थे उन पर उपनिर्वाचन की प्रक्रिया आयोग के निर्देशों के क्रम में शुरू की गई। 6 जून को नामांकन पत्र दाखिल हुए और 7 जून को नामांकन पत्रों की जांच और नाम वापसी की तिथि निर्धारित थी।

उसी दिन लगभग तय हो गया था कि सभी रिक्त पदों पर उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित हो गए, लेकिन अधिकृत घोषणा नहीं हुई थी। अब जिला प्रशासन ने चुनाव आयोग को रिक्त पदों पर निर्वाचित हुए उम्मीदवारों का ब्यौरा भेजकर उनकी की घोषणा की है। जिले में कुल 1902 ग्राम पंचायत सदस्यों व क्षेत्र पंचायत सदस्य के पदों पर निर्विरोध निर्वाचन हुआ है। 
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मचान से महका उद्यान, हौसलों से छू लिया लक्ष्य का आसमान

कासगंज। खेती के कृत्रिम प्रयोग से जागे हौंसले ने उद्देश्य को मुकाम तक पहुंचा दिया। मचान विधि ने किसानों की तकदीर ही नहीं बदली बल्कि खेतीबाड़ी की तस्वीर भी बदल डाली है, यह विधि जहां एक ओर किसानों को आर्थिक समृद्ध बना रही है वहीं खेतों की माटी के लिए पर्याप्त पोषक तत्व भी दे रही है। जिले के सौ से अधिक किसान उद्यान विभाग के आंकड़ों में इस विधि से खेतीवाड़ी कर रहे हैं।
कभी एक समय था जब किसान मचान विधि का प्रयोग नहीं करते थे।
वे खेतों की माटी में क्यारी विधि से ही सब्जियां पैदा करते थे। जिससे फसलों में लागत की अपेक्षा उत्पादन बेहतर नहीं हो पाता था। अधिक लागत होती थी और मुनाफा कम होता था। ऐसे में उद्यान विभाग समय-समय पर किसानों को इस विधि से खेती के प्रति जागरूक करता रहा। नतीजा रहा कि अधिकांश किसान अब इस विधि से खेती करने में रुचि दिखाने लगे।
गांव मेमड़ी, लुहर्रा, धनतोरिया सहित तमाम गांव में वैसे तो काफी किसान इस विधि से खेती करने लगे हैं, लेकिन उद्यान विभाग के आंकड़ों में सौ किसान ऐसे हैं जो मचान विधि से बेहतर खेती को मुकाम दे रहे हैं। सरकारी आंकड़ों में वे होनहार किसानों की श्रेणी में शामिल हैं। सबसे अहम बात यह है कि इन किसानों में कई किसान ऐसे हैं जो उर्वरकों का प्रयोग इस खेती में नहीं कर रहे बल्कि जैविक खाद अपना रहे हैं।
सहफसली से दोहरा लाभ
मचान विधि से खेती करने से सहफसली भी की जा सकती है। ऐसा कई किसान कर भी रहे हैं। मेमड़ी के चंद्रभान इन दिनों करेले की फसल मचान विधि से कर रहे हैं, जबकि पिछले दिनों उन्होंने मचान विधि से लौकी, तोरई की फसल की थी और सहफसली के रूप में प्याज भी उगा ली। इनको उद्यान विभाग सम्मानित कर चुका है।
तब खराब हो जाती थीं क्यारी विधि से फसलें
एक समय था जब किसान क्यारी विधि से खेती पर निर्भर रहते थे तो उन्हें बारिश के मौसम में उन्हें नुकसान झेलना पड़ता था। क्योंकि करेला, तोरई, लौकी, खीरा आदि की फसलें बारिश के दौरान सड़ गल जाती थीं। क्योंकि यह फसलें जमीन पर होती थीं, लेकिन अब बारिश से इन फसलों को बचाया जा रहा है।
ऐसे बनता है मचान
विशेषज्ञों की मानें तो मचान के लिए लोहे का तार, प्लास्टिक की रस्सी और खूंटी की आवश्यकता होती है। एक एकड़ में लगभग 25 हजार रुपए मचान बनाने में खर्च आ जाता है, जबकि 20 हजार रुपये तक फसलों में लागत लग जाती है। मुनाफे की बात करें तो खर्चा निकालकर लगभग एक लाख रुपये अल्प समय में किसानों का मुनाफा हो जाता है।
मचान विधि से तोरई, लौकी, खीरा, करेला, सेम आदि की फसलें कम लागत में बेहतर पैदा की जा सकती है। जिले में सौ से अधिक किसान इस विधि से खेती कर रहे हैं और कम लागत में अधिक लाभ उठा रहे हैं। - योगेश कुमार, जिला उद्यान अधिकारी
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जब चले पुरवइया तब पार होगी किसानों की नैया

कासगंज। पिछले दिनों भले ही चक्रवात के बाद हवा का रुख बदला रहा हो, लेकिन जिले की जमीं के लिए यह रुख बेहतर नहीं रहा। अब किसानों को हवा के नए रुख से उम्मीदें हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि पछुआ के बजाय पुरवइया चल जाए तो किसानों को ही नहीं बल्कि आम जनमानस के लिए भी हवाओं का रुख बेहतर सहूलियत देगा।
लोग कहते हैं कि हवाएं अपना रुख बदलती हैं। जब गर्म या पश्चिम दिशा से हवा चलती है तो उसे लोग पछुआ कहते हैं। वहीं जिले के वातावरण के लिए पुरवइया बेहतर मानी गई है। जब पूरब से हवाएं चलती है तो गर्मी से तो राहत मिलती ही है बारिश की उम्मीद भी बढ़ जाती है। 15 जून को विश्व पवन दिवस है। ऐसे में किसान एवं जनमानस उम्मीद लगाए बैठे कि अगर पुरवइया चल जाए तो मौसम भी सुहाना सुहाना होगा और बरसात की उम्मीद भी बढ़ जाएगी।
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विद्युत समस्या को लेकर भाकियू ने दिया धरना

कासगंज/सोरों। मानपुर नगरिया में भारतीय किसान यूनियन (स्वराज) के कार्यकर्ताओं ने विद्युत समस्या को लेकर धरना दिया। तहसीलदार (सदर) अजय कुमार ने ज्ञापन लेकर समस्या के समाधान का भरोसा दिया तब धरना समाप्त हो सका। भाकियू के राष्ट्रीय आईटीसेल प्रमुख प्रवीन शर्मा के नेतृत्व में धरना दिया गया। प्रवीन शर्मा ने बताया कि मानपुर नगरिया में बिजली का संकट है। उपकेंद्र से मनकापुर, दीपपुर, एवं नगरिया फीडर को बिजली दी जाती है। इस विद्युत उपकेंद्र से नगरिया फीडर अलग किया जाए। सोरों से आ रही विद्युत आपूर्ति विद्युत उपकेंद्र मिर्जापुर तक सीमित रखी जाए।
दीपपुर फीडर और मनकापुर फीडर को सहावर विद्युत उपकेंद्र से जोड़ा जाए। नगरिया में 18 घंटे विद्युत आपूर्ति की जाए। गऊपुरा रोड पर मकानों के ऊपर से गुजर रही हाइटेंशन लाइन को अलग किया जाए। जेई अनिल कुमार को तत्काल प्रभाव से हटाया जाए। मौके पर पहुंचे तहसीलदार से प्रवीन शर्मा ने किसान नेताओं ने बातचीत की। इस दौरान प्रवीन शर्मा, विनोद कुमार साहू, रमेश कुमार, रामसेवक, सुरेंद्र कुमार, मुकेश, महेश मौर्य, संजय सिंह मौजूद रहे।
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गेहूं बेचकर वापस जा रहे किसान से लूटे 95 हजार रुपये

सहावर(कासगंज)। कस्बे में दिनदहाड़े बाइक सवार तीन लुटेरों ने गेहूं बेचकर वापस लौट रहे किसान को धक्का मारकर 95 हजार रुपये की नकदी भरा थैला लूट लिया। भागते समय उनकी उनकी बाइक फिसल गई। पीछा कर रहे ग्रामीण ने दो लुटेरों को दबोच लिया, जबकि तीसरा फरार हो गया। पुलिस तीसरे की तलाश कर रही है। एक लुटेरा बाइक फिसलने से गंभीर घायल हो गया, जिसे उपचार के लिए अलीगढ़ रेफर किया गया है।
गांव फरौली निवासी किसान राजेश कुमार पुत्र पंजाबी सिंह सोमवार को दोपहर के बाद सहावर से गेहूं बेचकर नकदी लेकर बाइक से अपने गांव वापस जा रहा था। नकदी भरा थैला बाइक के हैंडल पर लटका हुआ था। थैले में बैंकपासबुक व अन्य कागजात थे। सहावर के रेलवे फाटक के पास तीन लुटेरे बाइक पर आए। जिन्होंने राजेश की बाइक में धक्का मार दिया। धक्का लगने पर बाइक सहित किसान गिर गया। तभी बाइक के हैंडल पर लटका नकदी भरा थैला लूटकर लुटेरे फरार हो गए। ग्रामीण शोर मचाते हुए उनका पीछा करने लगे। कुछ दूरी पर जाकर लुटेरों की बाइक फिसल गई और वे गिर गए। ग्रामीणों ने दो लुटेरों को पकड़ लिया। इनमें एक सरजू घायल हो गया। उसे सहावर के चिकित्सालय से अलीगढ़ रेफर कर दिया। दूसरा मूलचंद निवासी रजपुरा थाना एटा पुलिस की हिरासत में है। पुलिस लुटेरे से पूछताछ कर रही है। पुलिस ने नकदी और लूट में प्रयुक्त बाइक बरामद कर ली है।
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हिस्ट्री शीटर की 110 बीघा फसल की प्रशासन ने की कुर्की

कासगंज। जिले के दो हिस्ट्रीशीटर भाईयों की अपराध से धन अर्जित कर संपत्ति बनाने के मामले में बड़ी कार्रवाई की गई है। रविवार को प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों की टीम ने कुमरऊआ गांव में हिस्ट्रीशीटरों की 110 बीघा भूमि और फसल कुर्क की है। कुर्क भूमि का रिसीवर तहसीलदार कासगंज को नियुक्त किया गया है।
पुलिस अधीक्षक ने रिपोर्ट में बताया कि नत्थू सिंह और उसके भाई दिनेश पुत्रगण मनोहर सिंह निवासीगण पचलाना ने अवैध तरीके से धनोपार्जन एवं भूमि पर अवैध कब्जा किया गया है। इस भूमि की कीमत करीब एक करोड़ 85 लाख रुपये से अधिक है। पुलिस अधीक्षक ने कृषि भूमि को उत्तर प्रदेश गिरोह बंद एवं समाजविरोधी क्रियाकलाप अधिनियम के अंतर्गत जब्त करने की संस्तुति की। जिलाधिकारी सीपी सिंह के न्यायालय में पुलिस अधीक्षक की रिपोर्ट पर वाद दर्ज कर आरोपियों को नोटिस जारी किए गए। किंतु नोटिस के जवाब दाखिल नहीं हुए। जिलाधिकारी ने पूरे मामले में साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद भूमि को कुर्क करने के निर्देश जारी किए।
रविवार को एसडीएम ललित कुमार, सीओ आरके तिवारी, तहसीलदार अजय कुमार, इंस्पेक्टर कासगंज विनोद मिश्रा, इंस्पेक्टर सोरों अनिल कुमार, ढोलना थाना के प्रभारी रामप्रकाश गौतम ने पुलिसबल के साथ मौके पर पहुंचकर 110 बीघा भूमि की कुर्की की कार्रवाई की। इस भूमि का रिसीवर तहसीलदार अजय कुमार को बनाया गया है।
प्रशासन की कार्रवाई देख मची खलबली
कासगंज। कुमरऊआ में हिस्ट्रीशीटर नत्थू सिंह और उसके भाई दिनेश की संपत्ति की कुर्की की कार्रवाई के लिए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी पुलिसबल के साथ पहुंचे। इस कार्रवाई को लेकर कुमरऊआ गांव में खलबली मची रही।
नत्थू और दिनेश पर दर्ज हैं कई आपराधिक मामले
कासगंज। एसपी मनोज कुमार सोनकर ने बताया कि हिस्ट्रीशीटर भूमाफिया नत्थू सिंह एवं दिनेश दोनों सगे भाई हैं। इन दोनों के द्वारा आपराधिक क्रियाकलापों के माध्यम से काफी कृषि भूमि अर्जित की गई है। जिलाधिकारी के आदेश के बाद यह भूमि कुर्क की गई है। नत्थू सिंह और दिनेश पर काफी आपराधिक मामले हैं। नत्थू सिंह पर 20 आपराधिक मामले सोरों थाने में दर्ज हैं जबकि दिनेश पर 9 आपराधिक मामले दर्ज हैं। नत्थू पर जानलेवा हमला, मारपीट, बलवा, गुंडा एक्ट, चोरी, गैंगस्टर के कई मामले दर्ज हैं। वहीं दिनेश पर बलवा, जानलेवा हमला, शस्त्र अधिनियम, चोरी, गैंगस्टर, गुंडा एक्ट, धोखाधड़ी की धाराओं में मामले दर्ज हैं।
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सप्ताहांत कफ्र्यू- जिलेभर में बंद रहे बाजार, ठेले पर बिकते नजर आए फल और सब्जी

कासगंज/सोरों/सहावर/पटियाली/गंजडुंडवारा/सिढ़पुरा/अमांपुर। सप्ताहांत कर्फ्यू के दौरान रविवार को जिलेभर में बाजार बंद रहे। बाजार बंदी के बीच लोगों को अच्छी खासी चहल पहल नजर आई।
सुबह शाम के समय जहां बाजारों में काफी लोग सैर सपाटे के लिए निकले तो पार्कों में भी बच्चों की मस्ती देखी गई। बाजारों में जगह-जगह फल और सब्जी के ठेले लगे हुए थे। तीर्थनगरी सोरों में भी सभी व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद नजर आए। गंगाघाटों पर सुबह श्रद्धालु पहुंचे थे। सहावर, अमांपुर, सिढ़पुरा में भी वीकेंड कर्फ्यू काफी प्रभावी नजर आया।
यहां भी सब्जी और फल की दुकानें ही खुलीं थीं। गंजडुंडवारा, पटियाली, मोहनपुर में भी बाजार बंद रहे। बंद बाजारों में पुलिस की टीमें भी गश्त करती नजर आ रही थी। बाजार बंद होने के बावजूद लोगों की बीच लापरवाही बनी हुई थी। लापरवाह लोग बिना मास्क के घूम रहे थे। लोग लापरवाही करने से नहीं चूक रहे।
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रात में चली तेज हवा, दिन में कई बार हुई बूंदाबांदी

कासगंज। मौसम का मिजाज लगातार करवट बदल रहा है। शनिवार को रात के समय तेज हवा चली। वहीं दिन में कई बार बूंदाबांदी हुई। इससे मौसम केे मिजाज नरम हो गया। पारा में दो डिग्री की गिरावट आ गई। मौसम सुुहावना हो जाने से लोगों ने राहत महसूस की।
शनिवार को दिन के समय बादल और सूर्य देव के बीच लुकाछिपी का खेल चलता रहा। जिससे अधिकतम पारा 37 डिग्री तक रहा, लेकिन रात के समय अचानक तेज हवाएंचलना शुरू हो गई। ठंडी हवा के तेज झोंके लोगों को काफी राहत देने लगे। इसके बाद बूंदाबांदी शुरू हो गई। सुबह के समय हालांकि धूप निकल आई, लेकिन दोपहर के बाद से मौसम फिर बदल गया। बूंदाबांदी का दौर शुरू हो गया। इसके बाद दिन में कई बार बूंदाबांदी हुई। जिससे पारा और नीचे आ गया। अधिकतम पारा जहां 35 डिग्री तक पहुंच सका।
वहीं न्यूनतम पारा 26 डिग्री तक रहा। लगातार बूंदाबांदी का दौर रहने से किसान भी काफी खुश नजर आ रहे हैं। किसानों को खरीफ की फसल की बुवाई करनी है। बूंदाबांदी से खेतों में नमी आ जाने से किसान को अपने खेत तैयार करने में आसानी हो जाएगी। इसके साथ ही जिन खेतों में मक्का आदि की फसल है वे किसान भी मौसम को देखकर खुश नजर आ रहे हैं।
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तैयारी- कटान पर नियंत्रण के लिए ड्रोन कैमरे से होगी गंगा नदी की निगरानी

कासगंज। बाढ़ से निपटने के लिए अब नई कार्ययोजना योजना तैयार की गई है। गंगा नदी की निगरानी ड्रोन कैमरे से की जाएगी। ग्रामीणों द्वारा खोले गए सभी तटबंध विभाग ने अभी से बंद करा दिए हैं।
पिछले साल कादरगंज के समीप गंगा नदी ने कटान किया था। गंगा का पानी जिले के गंगा पार गांवों में घुस गया था। काफी तबाही हुई थी। इस बार बाढ़ से निपटने के लिए सिंचाई विभाग ने कार्य योजना बनाई है। डीएम सीपी सिंह के निर्देश पर सिंचाई विभाग ने ड्रोन कैमरे से गंगा नदी की निगरानी की तैयारी की है। नदी किनारे के सभी गांव में ड्रोन कैमरा से निगरानी कराई जाएगी। नदी कहीं कटान होता है या बाढ़ का पानी गांव में घुसता है तो तत्काल प्रभावी कार्रवाई की जा सके। ग्रामीणों ने जो तटबंध खोल दिए गए थे वह सिंचाई विभाग में बंद कर दिए हैं।
- 23 तटबंधों की कराई गई मरम्मत
- 24 घंटे सक्रिय रहेगा बाढ़ नियंत्रण कक्ष
जिला अधिकारी के निर्देश पर बाढ़ से निपटने की तैयारियां की गई हैं। जहां पिछले साल कटान की स्थिति बन रही थी। वहां-वहां ड्रोन कैमरे से निगरानी कराई जाएगी। तटबंध ग्रामीणों द्वारा खोल दिए गए थे उनकी मरम्मत करा दी गई है
- अरुण कुमार, अधिशासी अभियंता सिंचाई
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पहल- गायों की देखभाल के लिए गोशालाओं में लगेंगे सीसीटीवी कैमरे

कासगंज। जिले में गोशालाओं की निगरानी बढ़ाने के लिए जिलाधिकारी ने वाईफाई से कनेक्ट सीसीटीवी कैमरे लगाने के निर्देश दिए हैं। जिले की 15 गोशाला एवं निराश्रित पशु आश्रय स्थलों पर यह व्यवस्था लागू होगी। इससे अधिकारी इस बात पर नजर रख सकेंगे कि गोवंशों को चारा पानी समय से मिल रहा है। अन्य समस्याओं पर नजर रहेगी।
जिले में करीब 3 हजार गोवंशीय पशु इन गोशालाओं एवं आश्रय स्थलों में हैं। जहां कर्मियों की तैनाती पशुओं की देखरेख के लिए की गई है। पशु चिकित्सक और पशु चिकित्साविभाग के कर्मी तैनात हैं। जो समय समय पर गोवंशों का परीक्षण करते हैं और उपचार करते हैं, लेकिन गोशालाओं और आश्रय स्थलों को लेकर काफी शिकायतें प्रशासन को मिलती हैं। इन शिकायतों को देखते हुए जिलाधिकारी सीपी के निर्देश पर सीसीटीवी कैमरे लगाने की व्यवस्था की जा रही है। यह सीसीटीवी कैमरे वाईफाई से कनेक्ट होंगे। सौ सीसीटीवी कैमरे इन गोशालाओं में लगेंगे। शासन स्तर से भी मुख्यमंत्री या अधिकारी सीधे आश्रय स्थल की व्यवस्था को देख सकेंगे।
- जिले में 15 गोशालाओं और आश्रय स्थलों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने की योजना है। यह सीसीटीवी कैमरे वाई फाई से कनेक्ट किए जाएंगे। जिससे शासन से लेकर जिले तक के अधिकारी कभी भी आश्रय स्थलों व गोशालाओं का जायजा ले सकेंगे। सौ सीसीटीवी कैमरे लगाने की योजना है
डा. खुशीराम प्रजापति - जिला पशु चिकित्साधिकारी
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कासगंज पुलिस-प्रशासन की बड़ी कार्रवाई: हिस्ट्रीशीटर की 110 बीघा फसल कुर्क, 1.85 करोड़ है कीमत

कासगंज के दो हिस्ट्रीशीटर अपराधियों के द्वारा अपराध से धन अर्जित कर संपत्ति बनाने के मामले में बड़ी कार्रवाई की गई है। रविवार को प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों की टीम ने कुमरऊआ गांव में दो हिस्ट्रीशीटरों की 110 बीघा भूमि और फसल कुर्क की है। कुर्क भूमि का रिसीवर तहसीलदार कासगंज को नियुक्त किया गया है।

पुलिस अधीक्षक की रिपोर्ट पर पिछले वर्ष 2 अक्टूबर को यह कार्रवाई प्रारंभ हुई थी। पुलिस अधीक्षक ने रिपोर्ट में बताया कि नत्थू सिंह, उसका भाई दिनेश पुत्रगण मनोहर सिंह निवासीगण पचलाना द्वारा अवैध धनोपार्जन एवं भूमि पर अवैध कब्जा किया गया है। इस भूमि की कीमत करीब 1 करोड़ 85 लाख रुपये से अधिक है। पुलिस अधीक्षक ने कृषि भूमि को उत्तर प्रदेश गिरोह बंद एवं समाजविरोधी क्रियाकलाप अधिनियम के अंतर्गत जब्त करने की संस्तुति की। जिलाधिकारी सीपी सिंह के न्यायालय में पुलिस अधीक्षक की रिपोर्ट पर वाद दर्ज कर आरोपियों को नोटिस जारी किए गए। किंतु नोटिस के जवाब दाखिल नहीं हुए। जिलाधिकारी ने पूरे मामले में साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद भूमि को कुर्क करने के निर्देश जारी किए।

निर्देशों के अनुरूप रविवार को एसडीएम ललित कुमार, क्षेत्राधिकारी आरके तिवारी, तहसीलदार अजय कुमार, इंस्पेक्टर कासगंज विनोद मिश्रा, इंस्पेक्टर सोरों अनिल कुमार, ढोलना थाना के प्रभारी रामप्रकाश गौतम ने पुलिसबल के साथ मौके पर पहुंचकर 110 बीघा भूमि की कुर्की की कार्रवाई की। इस भूमि का रिसीवर तहसीलदार अजय कुमार को बनाया गया है।
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भाकियू ने विद्युत उपकेंद्र का घेराव कर की नारेबाजी

सिढ़पुरा। भारतीय किसान यूनियन (किसान) के कार्यकर्ताओं ने विद्युत उपकेंद्र का घेराव किया गया। धरना प्रदर्शन कर नारेबाजी की गई। जिसमें चार सूत्री मांगे रखी गई। पदाधिकारियों ने ज्ञापन विद्युत निगम के एसडीओ एवं कोतवाली प्रभारी को सौंपा है।
राष्ट्रीय संगठन मंत्री रविपाल सिंह ने कहा कि चार दिन पूर्व किसानों एवं विद्युत कर्मी के बीच हुई कहासुनी के मामलें में किसानों पर लगाए गए झूठे मुकदमे वापस हों। मंडल प्रभारी हृदेश सोलंकी ने कहा कि बिजली की समस्या को दूर किया जाए, समय से बिजली न मिल पाने से फसलों की सिंचाई नहीं हो पाती है। जिलाध्यक्ष अनिल राजपूत ने कहा कि ग्राम मगथरा, मनकई, नगला पोता, नगला खेमी सहित अन्य ग्रामों में विद्युत तारों के गांव के ऊपर से गुजरने से हादसों की आशंका रहती है।
पिछले महीने 2 मई को हुए करंट से 3 लोगों की मौत हो गई थी। तारों को ठीक किया जाए। समस्याओं का ज्ञापन एसडीओ महावीर सिंह व कोतवाली प्रभारी प्रेमपाल को दिया गया। इस दौरान मंडल अध्यक्ष आकाश सोलंकी, शिवम बघेल, ब्रजेश पाल, अतर सिंह पाल, देवेंद्र सिंह, धर्मेंद्र कुमार, राजप्रताप, विमल कुमार, आकाश, ब्रजेश, डॉ. दीपसिंह, शैलेश, योगेंद्र सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
विद्युत उपकेंद्र पर तैनात रहा पुलिस बल
सिढ़पुरा। कस्बा अमांपुर रोड स्थिति विद्युत उपकेंद्र पर 9 जून को किसानों एवं विद्युत उपकेंद्र के परिचालक लखेंद्र पाल के बीच कहासुनी हुई थी। इसके बाद विद्युत उपकेंद्र के कर्मचारी लखेंद्र पाल ने कई किसानों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। जिसमें सरकारी कार्य में बाधा डालने, सरकारी दस्तावेज फाड़ने एवं सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाए जाने के आरोप लगाए गए हैं। इस पर किसानों नेताओं के विद्युत उपकेंद्र पर धरना प्रदर्शन करने की जानकारी पर कोतवाली प्रभारी प्रेमपाल सिंह सहित पुलिस बल तैनात रहा।
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