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नगर निकाय चुनावः लखीमपुर, गोला नगर पालिका में सबसे ज्यादा सामान्य दावेदार

Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 22 Nov 2022 01:08 AM IST
Municipal elections: Lakhimpur, Gola municipality most common claimants
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भाजपा आरक्षण में बदलाव न होने के प्रति आश्वस्त तो सपा-बसपा को आरक्षण बदलने की उम्मीद

लखीमपुर खीरी। नगरीय निकाय चुनाव की घोषणा भले ही अभी न हुई हो लेकिन, शहरी सरकार के मुखिया बनने के लिए दावेदारों ने शहरों और कस्बों को होर्डिंग और पोस्टरों से पाट दिया है। हालांकि आरक्षण की स्थिति अभी साफ नहीं है। भाजपा जहां आरक्षण से कोई बदलाव न होने के प्रति आश्वस्त है तो सपा, बसपा को आरक्षण बदलने की उम्मीद है।
जिले की चार नगर पालिकाओं में से तीन नगर पालिकाओं पर भाजपा का कब्जा है। केवल पलिया नगर पालिका अध्यक्ष का पद सपा के पास है। इनमें लखीमपुर में भाजपा की निरुपमा मौनी बाजपेयी, गोला में मीनाक्षी अग्रवाल, मोहम्मदी में भाजपा के संदीप मेहरोत्रा अध्यक्ष हैं, जबकि पलिया में सपा के महमूद हुसैन अध्यक्ष हैं। यदि आरक्षण में बदलाव हुआ तो सभी सीटों पर राजनीतिक समीकरण गड़बड़ा सकते हैं। नगर पालिकाओं के मौजूदा अध्यक्ष आरक्षण में बदलाव न होने की आस लगाए बैठे हैं, जबकि भारतीय जनता पार्टी के नेता आरक्षण में खास बदलाव न होने के प्रति आश्वस्त नजर आ रहे हैं।


सिर्फ दो बार ही आरक्षित रही है लखीमपुर सीट
लखीमपुर खीरी। सभी राजनीतिक दलों के प्रतिष्ठा का सवाल बनी लखीमपुर नगर पालिका में अध्यक्ष पद दो बार को छोड़कर हमेशा अनारक्षित सीट रही है। केवल दो बाद सामान्य महिला के लिए सीट आरक्षित हुई है। इस सीट पर कभी पिछड़ा वर्ग या अनुसूचित जाति को मौका नहीं मिला है।
सपा और बसपा इस बार यह सीट पिछड़े वर्ग के लिए आरक्षित होने की संभावना जता रही हैं। यहां सामान्य और पिछड़े वर्ग के वोटों की संख्या लगभग बराबर है। हालांकि भाजपा इस सीट के फिर सामान्य रहने के प्रति आश्वस्त दिख रही है। 2017 में लखीमपुर नगर पालिका में सामान्य सीट पर चुनाव लड़कर डॉ. इरा श्रीवास्तव अध्यक्ष बनी थीं। इस तरह इस सीट पर तीन बार महिलाओं के हाथों में बागडोर रही।
गोला नगर पालिका में अधिकांश समय अध्यक्ष पद अनारक्षित ही रहा है। इस बार इस सीट के आरक्षण के बदलाव के कयास लगाए जा रहे हैं। गोला में एक बार अध्यक्ष पद केवल एक बार 2007 में सामान्य महिला के लिए आरक्षित हुआ था। उस समय तत्कालीन विधायक सुधा गिरि सपा से नगर पालिका की अध्यक्ष चुनी गई थीं। इसके बाद दो बार से लगातार मीनाक्षी अग्रवाल अध्यक्ष हैं। वह दोनों पर निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव जीती हैं। गोला के जातीय गणित की बात करें तो यहां भी सामान्य और पिछड़े वर्ग के मतदाताओं की संख्या लगभग बराबर है।
लखीमपुर और गोला की तरह ही मोहम्मदी और पलिया की स्थिति भी यही है। मोहम्मदी और पलिया में एक बार महिला अध्यक्ष रहीं। इन दोनों नगर पालिकाओं में कभी आरक्षण में खास बदलाव नहीं हुआ है। इस बार आरक्षण में बदलाव की संभावनाएं जताई जा रही हैं, जबकि नगर पंचायतों में आरक्षण चक्र तेजी से घूमा है। आने वाले चुनाव में इस बार नगर पालिका में आरक्षण बदलाव की संभावनाओं से दावेदार खासे पेशोपेश में हैं।
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