कई क्रय केंद्रों पर पोर्टल लाक होने से बैरंग लौटे किसान

Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 22 Jun 2021 11:00 PM IST
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मऊ। शासन की तरफ से गेहूं खरीद समय सीमा अंतिम खरीद होने वाले क्रय केंद्रों का जिला प्रशासन की तरफ से व्यापक पैमाने पर प्रचार प्रसार न होने से किसानों को असुविधा का सामना करना पड़ा। कई क्रय केंद्रों का पोर्टल लाक होने के चलते खरीद ठप रही। गेहूं से लदी ट्राली लेकर आए किसानों को बैरंग लौटना पड़ा। गुस्साए लोगों ने शासन प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया। साथ ही जमकर नारेबाजी किया। जिले में 8518 किसानों से 32934 एमटी खरीद हुई। जबकि 19 जून से अब तक 90 किसानों से 250 एमटी खरीद की गई है।
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किसानों को फसल का उचित मूल्य दिलाने के लिए शासन की तरफ से जिले में 49 क्रय केंद्र बनाए गए हैं। 15 जून को गेहूं खरीद समय सीमा समाप्त होने के बाद शासन की तरफ से 22 जून तक समय सीमा बढ़ा दी थी। लेकिन क्रय केंद्रों का पोर्टल लाक होने के चलते खरीद ठप रही। मात्र मंडी समिति के एक मात्र क्रय केंद्र पर खरीद हो रही थी।

जिले के आखिरी छोर पर क्रय केंद्र होने के चलते सभी किसानों को लाभ नहीं मिल पा रहा था। किसानों की समस्या को देखते हुए जिला प्रशासन की तरफ से मंडी समिति गोठा, दोहरीघाट, अमिला, मधुबन, चिरैयाकोट, दादनपुर अहिरौली सहित सात क्रय केंद्रों पर खरीद शुरू कराया। लेकिन खरीद होने वाले क्रय केंद्रों का व्यापक पैमाने पर प्रचार प्रसार के अभाव मेें किसान इधर उधर भटकते रहे। कई क्रय केंद्रों पर पोर्टल लाक होने से नाराज किसानों ने प्रदर्शन किया। आंकड़ों पर नजर डाला जाए तो 8518 किसानों से 32934 एमटी खरीद की गई। 19 मई से 22 मई तक 90 किसानों से 250 एमटी की खरीद हुई। इस बाबत अपर जिलाधिकारी के हरि सिंह का कहना था कि पिछले वर्ष के सापेक्ष गेहूं की रिकार्ड खरीदारी हुई है।
पोर्टल लाक होने से बैरंग लौटे किसान
चिरैयाकोट। शासन की तरफ से 22 जून तक गेहूं खरीद समय सीमा बढ़ाए जाने का लाभ किसानों को नहीं मिल पाया। पोर्टल लाक रहने के चलते किसानों को बैरंग लौटना पड़ा। 18145.50 क्विंटल की खरीद की गई है। वह पूरी हो जाने से पोर्टल बंद हो गया है। मंगलवार को चार किसानों की ट्रॉली क्रय केंद्र पर खड़ी रही। किसान पोर्टल खुलने का इंतजार करते रहे। चकिया निवासी किसान रमेश सिंह का कहना थ कि 30 कुंतल गेहूं बेचने के लिए लाया था। लेकिन पोर्टल लाक होने से खरीद नहीं हो सकी। इसी क्रम में मदवा निवासी दूधनाथ यादव का कहना था कि 60 कुंतल बेचने के लिए गेहूं लाया था। लेकिन बैरंग लौटना पड़ा। इसी क्रम में मदवा निवासी शिवशंकर यादव का कहना था कि 50 कुंतल गेहूं बेचने के लिए लाया था। लेकिन पोर्टल लाक होने से मायूसी मिली। कटघर कयाम निवासी रामू ने बताया कि 21 कुंतल गेहूं लाया था, लेकिन अंतिम दिन भी बैरंग लौटना पड़ा। इस बाबत क्रय केंद्र प्रभारी रामभूवन राम ने बताया कि डीपीआरएमओ से बात करने का प्रयास किया जा रहा है। ताकि बचे किसानों का गेहूं खरीद कर लिया जाए।
मशीन लॉक नहीं हो सकी खरीद
मधुबन। कस्बा स्थित गेहूं क्रय केंद्र पर शासन द्वारा बढाए गए खरीद के अंतिम दिन मंगलवार को गेहूं विक्रय के लिए ट्रालियों पर अपने गेहूं को लेकर किसान जमे रहे। लेकिन सात दिनों में किसानों से एक किलों गेहूं की खरीद नहीं किया जा सकी। क्रय केंद्र पर खरीद आंकड़ों पर नजर डाला जाए तो अब तक निर्धारित समय 15 जून तक 200 किसानों से 7793 कुंतल गेहूं की खरीद विपणन शाखा मधुबन द्वारा किया गया है। आखिरी दिन लगभग 230 किसानों की ट्रालियों पर लदे गेहूं क्रय नहीं किए जाने के चलते वापस हुई। इस बाबत क्रय केंद्र प्रभारी अमरदीप दुबे का कहना है कि सात दिनों तक ई-पाश मशीन का संचालन नहीं होने के कारण खरीद नहीं की जा सकी।
खरीद ठप होने से किसान परेशान
कोपागंज। कस्बा स्थित विपणन शाखा गेहू क्रय केंद्र पर मंगलवार को पूर्वाह्न 11 बजे शाखा पर गेहूं खरीद नहीं हो रही थी। विपणन शाखा के कर्मचारी मुन्ना राजभर ने बताया कि 15 जून से पोर्टल लाक होने के चलते खरीद नहीं हो पा रही है। 354 किसानों को टोकन जारी किया गया है। अब तक 330 किसानों से 13560 कुंतल गेहूं खरीद की गई है।

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