मोटे अनाज की खेती से दें सूखे को मात

ब्यूरो, अमर उजाला, मऊ Updated Thu, 21 Jan 2016 11:41 PM IST
The cultivation of cereals to beat drought
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आईडब्ल्यूएमपी जागरूकता सप्ताह के चौथे दिन को वर्षा, सूखा आधारित कृषि दिवस के रूप में मनाया गया। परियोजना द्वितीय के ग्राम प्यारेपुर सलाउद्दीनपुर में गुुुुरुवार को किसानों को जल संरक्षण के महत्व के साथ ही क्षेत्र आधारित सूखा आधारित कृषि के तरीके बताए गए। इसमें मोटे अनाज की खेती से सूखे से पार पाने के राज बताए।
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इस अवसर पर अवर अभियंता बच्चाराम यादव ने जागरूकता सप्ताह के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए लोगों को जल संरक्षण के प्रति तत्पर रहने के साथ-साथ वर्षा आधारित खेती तथा मोटे अनाज की खेती के लिए लोगों को जागरूक किया।



कृषि विज्ञान केंद्र पिलखी के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ एनके सिंह ने में वरानी क्षेत्रों के लिए संस्तुत कृषि प्रणाली पर चर्चा करते हुए कृषि एवं पशुपालन आधारित रोजगार के अवसर के बारे में जानकारी दी। वरिष्ठ बैज्ञानिक डॉ. बीके सिंह ने किनवा की खेती पर विशेष चर्चा किया।


 वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. केएन तिवारी ने बीज उत्पादन एवं इससे लाभ के विषय में उपस्थित लोगों को जागरूक किया। अवर अभियन्ता इन्द्रसेन सिंह ने समेकित वाटरशेड प्रबंधन कार्यक्रम के तहत बरसात का जल संरक्षित करने के बारे में बताया। 

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