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महिला अस्पताल में नर्स को पता नहीं किस डॉक्टर की है डयूटी

Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 01 Aug 2021 10:57 PM IST
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मऊ। लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराने के सरकार के लाख दावे के बाद भी जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां करती है। स्थिति यह है कि रविवार को अस्पताल पहुंचने वाले मरीज भगवान भरोसे ही होते हैं। आकस्मिक उपचार के नाम पर बस खानापूर्ति की जा रही है। रविवार को जिले के स्वास्थ्य केंद्रों के इमरजेंसी चिकित्सा व्यवस्था की पड़ताल की गई।
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रविवार को आकस्मिक विभाग सिर्फ फार्मासिस्ट, स्टाफ नर्स और वार्ड ब्वाय के भरोसे ही संचालित होते मिले। जिला अस्पताल में रविवार की सुबह 10.22 बजे इमरजेंसी चिकित्सा व्यवस्था सिर्फ फार्मासिस्ट के भरोसे रही। चिकित्सक और वार्ड ब्वाय नदारद रहे। सबसे बुरी स्थिति जिला महिला अस्पताल की रही जहां सुबह करीब 11 बजे इमरजेंसी में कई मरीज तो दिखाई दिए, लेकिन डाक्टर का कुछ पता नहीं था। ड्यूटी में तैनात स्टाफ नर्स ने बताया कि गंभीर मरीज के आने पर विशेषज्ञ चिकित्सक को फोन करके बुलाया जाता है। लेकिन ड्यूटी पर तैनात नर्सों को पता ही नहीं कि किस चिकित्सक की ड्यूटी लगी है और किसको बुलाना है ? उन्हें अपराह्न 11 बजे तक पता ही नहीं था कि किसकी ड्यूटी इमरजेंसी में ड्यूटी लगाई गई है। कहा कि विभाग द्वारा लिस्ट नहीं लगाई गई है।

रानीपुर सीएचसी में 11 बजे तक देखे गए पांच मरीज
रानीपुर। क्षेत्र स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर रविवार को अच्छी तस्वीर देखने को मिली। अपराह्न 11.10 बजे तक केंद्र पर तैनात चिकित्सक डॉ. इश्तेखार अहमद ने पांच मरीज देखे। सुबह से ही मौसमी बीमारी को लेकर मरीजों के आने का तांता लगा है। केंद्र पर फार्मासिस्ट फूलबदन यादव और वार्ड ब्वाय तैनात रहे।
जोगापुर सीएचसी से नदारत रहे फार्मासिस्ट
रतनपुरा। क्षेत्र के जोगापुर में स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर सुबह के 10.32 बजे पांच की संख्या में मरीज देखने को मिले। डा. फैयाज और वार्ड ब्वाय सुदामा ड्यूटी करते मिले। वहीं ड्यूटी में लगाए गए फार्मासिस्ट नदारद रहे। जबकि मड़ई निवासी गिरीश कुमार, नसीरपुर निवासी सोनम देवी, बहरामपुर निवासी जितेंद्र यादव इलाज के लिए आए थे।
मौसमी बीमारी से ग्रसित मरीजों की बढ़ी संख्या
घोसी। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र घोसी पर रविवार की सुबह 11 बजे चिकित्सक शिशु रोग विशेषज्ञ डा. संदीप प्रजापति और चीफ फार्मासिस्ट मो. साबिर खान तैनात दिखे। केंद्र पर सुबह से छह मरीज इलाज के लिए आए। चिकित्सक ने बताया कि मौसम बदलने के कारण लोगों में सर्दी, खांसी व बुखार की समस्या देखने को मिल रही है।
भरहु का पुरा नगरीय पीएचसी पर लटका ताला
मऊ। नगर के भीतरी इलाके में लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराने के लिए बनाए गए नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भरहु का पुरा पर ताला लटका रहा। हालांकि इस स्वास्थ्य केंद्र पर हर रोज काफी संख्या में मरीज इलाज के लिए आते हैं। लेकिन रविवार को इमरजेंसी में लोगों का इलाज किया जाता है। लेकिन पीएचसी पर ताला लटका होने के कारण लोग दूसरी जगह जाने को विवश हैं।
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. श्याम नारायण दूबे ने बताया कि इस संबध महिला अस्पताल की सीएमएस से बात की गई है। उन्होंने बताया है कि प्रिंटर खराब होने के कारण लिस्ट नहीं लगाई जा सकी। कहा स्वास्थ्य सेवाओं को लोगों को समुचित लाभ मिल सके इसके लिए सभी की मॉनिटरिंग की जाएगी। लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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