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साप्ताहिक राशिफल 09 से 15 मई : इन तीन राशियों के लिए खुशनुमा रहेगा ये सप्ताह
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बंद दुकान पर लिखा था- सामान ऑर्डर करने के लिए काॅल करें, नंबर मिलाया तो बोला, शटर उठाकर अंदर आ जा

 उत्तर प्रदेश के बागपत में कोरोना कर्फ्यू के दौरान व्यापार के लिए ग्राहकों को सामान बेचने के लिए अजीबो-गरीब तरीके निकाल लिए हैं। वे ग्राहकों को दुकान के अंदर बुला लेते हैं। इसके बाद बाहर से शटर का ताला लेते हैं। ग्राहक सामान खरीदने के बाद आवाज देता है तो दुकान के बाहर खड़ा व्यक्ति शटर खोलकर उसे निकाल देता है। यह क्रम दिनभर चलता रहता है। पुलिस ने शनिवार को ऐसे पांच दुकानदारों के खिलाफ कार्रवाई की। 

पुलिस एवं प्रशासन कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए कर्फ्यू का पालन करा रहे हैं। इसके लिए गश्त के साथ जगह-जगह पुलिसकर्मी तैनात हैं। इसके बावजूद कुछ कारोबारियों के लिए व्यापार बेहद प्रिय है। उन्होंने प्रतिष्ठानों के आगे एक-एक व्यक्ति को शटर की चाभी देकर बैठा दिया है। वे ग्राहक को सामान खरीदने के लिए दुकान के अंदर भेज देता है और बाहर से शटर बंद कर देता है।

 ऐसे ही अन्य मामले भी सामने आए हैं। क्षेत्र में ही एक बंद दुकान पर लिखा था कि सामान के ऑनलाइन ऑर्डर के लिए इस नंबर पर काॅल करें, ग्राहक ने जब लिखे हुए नंबर पर काॅल किया तो दुकानदान ने कहा कि दुकान का शटर खुला है वह अंदर आकर सामान ले सकता है। 
 
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यूपी बिजनौर में शादी से चंद दिन पहले दो सगी बहनों को अपहरण, दूसरे वर्ग के युवक पर आरोप

उत्तर प्रदेश के बिजनौर में किरतपुर थानाक्षेत्र में दो बहनों के अपहरण का मामला सामने आया है। नगर के एक मोहल्ले की अनुसूचित जाति की दो सगी बहनों का अपहरण हो गया। परिजनों के अनुसार दोनों का 20 मई को लग्न जाना था।

नगर के ही एक मोहल्ला निवासी दूसरे वर्ग के युवक पर दोनों बहनों को ले जाने का आरोप है। घटना से हिंदूवादी संगठनों में गुस्सा है। हिंदू संगठनों और परिजनों ने शीघ्र ही दोनों युवतियों को सकुशल बरामद कर आरोपी युवक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। आरोपी युवक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। युवतियों की तलाश की जा रही है।

शुक्रवार को नगर के एक मोहल्ला निवासी दो सगी बहनें अपने विवाह की तैयारी के सिलसिले में घर से बाजार के लिए कहकर निकलीं थीं। हालांकि कोरोना कर्फ्यू के कारण बाजार पूर्णतया बंद है। जब दोनों बहनें शाम तक घर नहीं पहुंचीं तो परिजनों ने उनकी तलाश शुरू कर दी।

युवतियों का कुछ भी सुराग नहीं मिलने पर परिजनों ने इस मामले की सूचना पुलिस को दी। परिजनों का आरोप है कि दोनों बहनों को मोहल्ला हसनपुरा निवासी जीशान बहला फुसलाकर अपने साथ ले गया है। दोनों बहनें जीशान से मोबाइल पर बातें करती थीं। 

युवतियों के भाई की ओर से थाना किरतपुर में जीशान एवं एक अन्य युवक के विरुद्ध अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। दोनों बहनें शिक्षित और बालिग हैं। एक की आयु 21 वर्ष और दूसरी की आयु 23 वर्ष बताई जा रही है।

प्रभारी निरीक्षक जीत सिंह का कहना है कि पुलिस युवतियों की तलाश में जुटी है, जल्द ही उन्हें सकुशल बरामद कर लिया जाएगा। इस मामले में जो भी दोषी होगा, संबंधित के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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यूपी पंचायत चुनाव: भाजपा प्रत्याशियों ने अपनी हार के पीछे मानी ये बड़ी वजह, पढ़िए खास रिपोर्ट

त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव से पहले अति आत्मविश्वास से लवरेज भाजपा अब बैकफुट पर नजर आ रही हैं। पश्चिमी क्षेत्र के नेता जहां सर्वाधिक सीट आने की बात कहते हुए अपनी सफाई पेश करने में लग गए हैं, वहीं मेरठ के संगठन और जनप्रतिनिधियों ने किसान आंदोलन को लेकर पैदा आक्रोश के सिर हार का ठीकरा फोड़ना शुरू कर दिया है। आलाकमान इससे संतुष्ट नजर नहीं आ रहे हैं। जल्द ही संगठनात्मक स्तर पर भी फेरबदल हो सकता है। भाजपा के संगठनात्मक दृष्टि से पश्चिमी क्षेत्र के जनपदों में जिला पंचायत की 446 सीटें आती हैं। इनमें भाजपा ने 99 सीटों पर जीत दर्ज की है। जो अन्य दलों की तुलना में सर्वाधिक हैं। संगठन ने दावा किया था कि वह आधे से ज्यादा सीटें जीतकर जिला पंचायतों सरकार बनाएंगे। ऐसे में भाजपा को 220 से ज्यादा सीट चाहिए थी, लेकिन वह इस लक्ष्य से कोसों दूर रह गई।

इसके विपरीत भले ही अलग-अलग चुनाव लड़े हों, लेकिन सपा और रालोद ने 123 सीटें जीती हैं, जबकि बसपा का भी 83 सीट जीतकर प्रदर्शन बेहतर रहा है। कांग्रेस मात्र 11 सीटों पर सिमट गई। अन्य दलों और निर्दलीयों ने 129 सीटें जीती हैं।

मेरठ में स्थिति काफी खराब
मेरठ में भाजपा का प्रदर्शन बहुत खराब रहा है। वर्ष 2010 और 2015 में जब बसपा और सपा की सरकार थी तब भी भाजपा आठ से दस सीटें जीत कर आई थी, लेकिन अपनी ही सरकार में मात्र पांच सीटें जैसे कैसे जीतना और बाकी अधिकांश प्रत्याशियों का जमानत तक ना बचा पाना पूरी तरह जनप्रतिनिधियों और संगठन पर सवाल खड़ा कर रहा है। अब इस हार का ठीकरा किसान आंदोलन की नाराजगी पर फोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। इसके विपरीत हाईकमान तक एक गुट यह बात भी पहुंचा चुका है कि किसान आंदोलन की नाराजगी सिवालखास क्षेत्र तक ही सीमित थी, थोड़ा बहुत क्षेत्र सरधना विधानसभा का लगता है। बाकी विधानसभा क्षेत्रों में कमजोर और अनजान चेहरों को प्रत्याशी बनाने का नुकसान भाजपा को मिला है।

जिपं अध्यक्ष ब्लाक प्रमुख पर नहीं हो रहा मंथन
चुनाव परिणाम आए तीन दिन हो चुके हैं। चर्चा है कि ब्लाक प्रमुख और जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव भी मई में ही संपन्न कराए जाने की तैयारी है लेकिन, संगठन स्तर पर अभी तक भी इसे लेकर कोई मंथन शुरू नहीं हुआ है। दावेदार खुद से सक्रिय हैं। ऐसे में फिर से भितरघात और बगावत की तैयारी शुरू हो गई है। 

विपक्ष ने बढ़ाई सक्रियता
भाजपा जहां हार के झटके से निष्क्रिय नजर आ रही है तो विपक्ष ने जोड़-तोड़ के बीच सक्रियता बढ़ा दी है। सपा ने अपना अध्यक्ष बनाने के लिए रालोद के साथ ही बसपा निर्दलीय सदस्यों से संपर्क साधना शुरू कर दिया। सूत्रों की मानें तो अतुल प्रधान और पूर्व विधायक योगेश वर्मा इसे लेकर लगातार सक्रिय हैं। इसके लिए दोनों ने अखिलेश यादव से भी संपर्क साधा है।

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शर्मनाक : यूपी के बागपत में मृतकों के शवों से कफन चुराकर बेचने वाले गिरोह का भंडाफोड़, सात गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश के बागपत में श्मशान घाट और कब्रिस्तान से मृतकों के शवों से कपड़ों को चोरी कर उन्हें दोबारा बेचने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। बड़ौत थाना पुलिस ने श्मशान से शवों के कफन चोरी कर दोबारा बेचने वाला एक गैंग गिरफ्तार किया है।

पुलिस ने मास्टरमाइंड समेत सात लोगों को दबोचा है। ये लोग श्मशान से शव के ऊपर रहने वाले कफन के कपड़ों को चोरी करते थे। इसके बाद चोरी के कपड़ों को प्रेस कर दोबारा पैकिंग कर उन पर ग्वालियर कंपनी का मार्क लगाकर महंगे रेट में बेचते थे। पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर छापा मारकर गैंग को पकड़ लिया। मौके से भारी मात्रा में चोरी किए गए कफन के कपड़े बरामद किए हैं।

गिरफ्तार आरोपियों में प्रवीण जैन पुत्र श्रीपाल जैन निवासी नई मंडी बड़ौत, आशीष जैन पुत्र उदित जैन निवासी नई मंडी बड़ौत, श्रवण कुमार शर्मा पुत्र राममोहन शर्मा निवासी ग्राम सबगा थाना छपरौली, ऋषभ जैन पुत्र अरविंद जैन निवासी पट्टी चौधरान खारी कुआं बड़ौत, राजू शर्मा पुत्र ईश्वर शर्मा निवासी फूस वाली मस्जिद के पीछे बड़ौत, बबलू पुत्र वेदप्रकाश कश्यप निवासी गुराना रोड बड़ौत, शाहरूख खान पुत्र मुबीन निवासी फूस वाली मस्जिद के पीछे बड़ौत शामिल हैं। पुलिस आरोपियों से पूछताछ करने में जुटी थी।
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पुलिस गिरफ्त में आरोपी पुलिस गिरफ्त में आरोपी

यूपी: चौधरी अजित सिंह की अस्थियां विसर्जित, जयंत चौधरी ने पूरी की रस्म, 18 मई को होगी तेरहवीं

रालोद अध्यक्ष चौधरी अजित सिंह की अस्थियों का विर्सजन ब्रजघाट पर किया गया। अस्थि विसर्जन की रस्म जयंत चौधरी ने पूरी की। इस दौरान परिवार के लोग ही शमिल रहे। छह मई को चौधरी अजित सिंह का निधन हो गया था। रविवार सुबह उनकी अस्थियों को ब्रजघाट लाया गया और यहां विधिविधान के साथ गंगा में प्रवाहित किया गया। 

रालोद के प्रदेश प्रवक्ता सुनील रोहटा ने बताया कि अस्थि विसर्जन के समय जयंत चौधरी के साथ उनकी पत्नी चारु चौधरी, चौधरी अजित सिंह के दामाद विक्रमादित्य सिंह और उनकी भांजी के पति शैलेंद्र अग्रवाल मौजूद रहे। कोविड गाइड लाइन के चलते अस्थि विसर्जन की जानकारी किसी कार्यकर्ता को पहले से नहीं दी गई थी। जयंत चौधरी ने सभी को घर से ही प्रार्थना करने की अपील की थी। वहीं, चौधरी अजित सिंह की किसी भी अंतिम क्रिया में शामिल न हो पाने का मलाल कार्यकर्ताओं में रहा। इसे लेकर सोशल मीडिया पर उनकी प्रतिक्रियाएं भी देखने को मिल रही हैं।

18 मई को होगी चौधरी अजित सिंह की तेरहवीं
चौधरी अजित सिंह की तेरहवीं की रस्म 18 मई को संपन्न होगी। कोरोना गाइडलाइन के चलते परिवार के लोग ही रस्म में शामिल होंगे। प्रदेश संगठन महामंत्री डॉ. राजकुमार सांगवान ने बताया कि कार्यकर्ता चौधरी साहब के अंतिम दर्शन नहीं कर पाने से दुखी हैं। ऐसे में जयंत चौधरी से अनुरोध किया गया है कि हवन की रस्म को ऑनलाइन कराएं ताकि देश के तमाम हिस्सों में चौधरी साहब के चाहने वाले ऑनलाइन शामिल होकर श्रद्धांजलि दे सकें।

जयपाल सिंह, सरदार सिंह और नेपाल कसाना को दी श्रद्धांजलि
राष्ट्रीय लोकदल के कैंप कार्यालय पर रविवार को शोकसभा का आयोजन किया गया। इसमें पूर्व मंत्री जयपाल सिंह, समाज सुधारक और राजनीतिज्ञ सरदार सिंह एवं पूर्व विधायक नेपाल कसाना को श्रद्धांजलि दी गई। राष्ट्रीय महासचिव मुकेश जैन ने कहा कि नेपाल सिंह कसाना का राष्ट्रीय लोकदल से बहुत पुराना नाता था। प्रदेश संगठन महामंत्री डॉ. राजकुमार सांगवान ने कहा कि सरदार सिंह समाजसेवा के लिए सक्रिय रहे। पूर्व मंत्री जयपाल सिंह की सेवाओं को भी याद किया गया। इस दौरान राष्ट्रीय महासचिव डॉ. मेराजुद्दीन अहमद, क्षेत्रीय अध्यक्ष यशवीर सिंह, जिलाध्यक्ष मतलूब गोड़, सुनील रोहटा, राहुल देव, राजेंद्र चिकारा, राममेहर गुर्जर, कमलजीत गुर्जर, नरेंद्र सिंह खजूरी, सतेंद्र तोमर, जीशान सिद्दीकी, नासिर अंसारी, वीरेंद्र तोमर, धर्मपाल निलोहा, जयवीर सोलंकी आदि मौजूद रहे।

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यूपी: इस जिले में एक जून से शुरू हो जाएगा पीएनजी शवदाह गृह, कुल लागत आएगी 35 लाख

मेरठ में कोरोना महामारी की शुरुआत से ही सूरजकुंड श्मशान में पीएनजी शवदाह गृह की मांग की जा रही है। पार्किंग में प्लेटफार्म बनने के बाद भी शवों का सही ढंग से अंतिम संस्कार नहीं हो पा रहा है। ऐसे में आर्य समाज और गंगा मोटर कमेटी संयुक्त रूप से कार्य कर एक जून से पीएनजी शवदाह गृह शुरू करने की तैयारी कर रही है। इसके लिए फरीदाबाद की कंपनी को टोकन मनी भेज दी गई है।

शहर में सभी कोरोना प्रोटोकॉल वाले शवों का अंतिम संस्कार सूरजकुंड श्मशान में ही किया जा रहा है। मृत्यु का आंकड़ा प्रतिदिन 70 से 80 तक पहुंच रहा है। श्मशान में बने प्लेटफार्म कम पड़ रहे हैं। ऐसे में कुछ समय के लिए व्यवस्था बनाने के लिए पार्किंग स्थल में प्लेटफार्म बनाए गए। लेकिन यहां अंतिम संस्कार को लेकर श्मशान के पास रहने वाले लोग विरोध कर रहे हैं। चिताओं की राख उनके घरों तक पहुंच रही है।

कमेटी के महामंत्री अनिल सिंघल ने बताया कि सभी पदाधिकारियों ने निर्णय लिया है कि अब स्वयं ही पीएनजी शवदाह गृह शुरू कराया जाएगा। इसमें आर्य समाज से भी बड़ा सहयोग किया जा रहा है। आर्य समाज बुढ़ाना गेट के अध्यक्ष अशोक सुधाकर ने बताया कि आर्य समाज पीएनजी शवदाह गृह का संपूर्ण खर्च वहन करेगा।

कुल लागत आएगी 35 लाख
शवदाह गृह लगाने में मशीन, ट्रांसपोर्ट, कर आदि जोड़कर करीब 35 लाख रुपये का खर्च होगा। तीन कंपनियों की ओर से कोटेशन आई थी। इसमें फरीदाबाद की कंपनी को फाइनल किया गया है। इस संबंध में आर्य समाज के विवेश शेखर मनोज लाल सराफ से भी संपर्क किया गया है। इस शवदाह गृह में 45 मिनट में एक शव का संस्कार संपन्न हो सकेगा। एक दिन में 25 शवों का संस्कार हो पाएगा।

श्मशान घाट की दीवार को ऊंचा कराया जाए
पार्षद अंशुल गुप्ता सहित अन्य लोगों ने सूरजकुंड श्मशान घाट पर कोविड प्रोटोकॉल वाले शवों के अंत्येष्टि स्थल दीवार को ऊंचा कराने की मांग की है। इससे पास में रहने वाले लोगों को परेशानी नहीं होगी।
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यूपी: अचानक बदला मौसम, फिर बारिश के साथ पड़े ओले, अगले 48 घंटे तक ऐसा रहेगा मौसम

मेरठ में रविवार रात 11 बजे मौसम का मिजाज अचानक बदल गया। तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हो गई। कुछ स्थानों पर ओले भी पड़े। बारिश से मौसम खुशनुमा हो गया है। शहरवासियों को गर्मी से राहत मिली।

भारतीय कृषि प्रणाली अनुसंधान के मौसम वैज्ञानिक डॉ. सुभाष का कहना है कि अभी 24 से 48 घंटे तक हल्की बारिश होने के आसार हैं। पश्चिमी यूपी में बने कम दबाव के क्षेत्र के चलते मौसम बदला है और जिस कारण से कुछ स्थानों पर ओले भी पड़े हैं। मई में 10 दिन में तीन बार हल्की बारिश होने से मौसम का मिजाज बदला है।

वहीं रविवार सुबह से ही तेज धूप निकली और हवा की गति धीमी पड़ने से गर्मी महसूस की गई। मौसम कार्यालय पर दिन का अधिकतम तापमान 37.4 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। अधिकतम आर्द्रता 54 व न्यूनतम आर्द्रता 35 प्रतिशत दर्ज की गई। दिन में हवा की रफ्तार चार किमी प्रति घंटा रही, रात में हवा की गति बढ़ गई। मेरठ का एक्यूआई स्तर 141 से घटकर 123 रह गया। वहीं तेज हवा से आम की फसल को नुकसान हो सकता है।

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मेरठ में बारिश के साथ पड़े ओले।

दोहरे हत्याकांड से दहला बिजनौर: कार सवार बदमाशों ने चाचा-भतीजे को गोलियों से भूना

उत्तर प्रदेश के बिजनौर में रविवार सुबह दोहरे हत्याकांड से इलाके में सनसनी फैल गई। जिले के धौकलपुर क्षेत्र में खेत से भूसा लेकर आ रहे चाचा भतीजे को कार में सवार होकर आए कुछ लोगों ने गोलियों से भून दिया। दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। ग्रामीणों का आरोप है कि एक साल पहले हुई गांव में हत्या का बदला देने के लिए इस हत्याकांड को अंजाम दिया गया है। उधर कोतवाली शहर पुलिस घटना स्थल पर पहुंच गई और आरोपियों की तलाश की जा रही है। 

शहर कोतवाली क्षेत्र के गांव धौकलपुर निवासी धीर सिंह अपने भतीजे अंकुर के साथ खेत में ट्रैक्टर ट्राली लेकर भूसा लेने गया था। रविवार की सुबह दोनों भूसा लेकर लौट रहे थे। रास्ते में कार में सवार होकर आए कुछ लोगों ने उन पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसानी शुरू कर दी। गोली लगने से दोनों की मौके पर ही मौत हो गई।

ग्रामीणों का कहना है कि पुरानी दुश्मनी के चलते इस घटना को अंजाम दिया गया है। एक साल पहले गांव में एक साल पहले अमर सिंह की हत्या कर दी गई थी। ग्रामीणों के मुताबिक हत्या का बदला लेने के लिए इस दोहरे हत्याकांड को अंजाम दिया गया है।

 एसपी डॉ. धर्मवीर सिंह घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि पुरानी रंजिश में दोहरे हत्याकांड को अंजाम दिया गया है। पुलिस  पूरे मामले की जांच पड़ताल में जुट गई है।
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इंसानियत शर्मसार : बहन के शव को नहीं मिला कंधा, कूड़ा गाड़ी से श्मशान ले जाने को मजबूर हुआ भाई

उत्तर प्रदेश के शामली में जलालाबाद कस्बा जलालाबाद के मोहल्ला मोहम्मदीगंज में बीमार चल रही 50 वर्षीय महिला की मौत हो गई। कोरोना महामारी के डर से महिला के शव को कंधा देने के लिए कोई नहीं आया। बाद में नगर पंचायत के वाहन से शव को शमशान घाट ले जाया गया, जहां पर मृतका के भाई ने अंतिम संस्कार किया गया।

कस्बे के मोहल्ला मोहम्मदीगंज में निजी चिकित्सक प्रभात बंगाली का परिवार रहता है। चिकित्सक की बहन बालामती को कई दिन से बुखार आ रहा था।  रविवार सुबह बालामती की मौत हो गई। चिकित्सक ने  बहन के शव के अंतिम संस्कार के लिए मोहल्लेवालो से कहा, लेकिन कोरोना संक्रमण के डर के कारण कंधा देने के लिए कोई आगे नहीं आया।

मजबूर होकर चिकित्सक ने नगर पंचायत चेयरमैन अब्दुल गफ्फार व अधिशासी अधिकारी विजय आनंद से गुहार लगाई।  अधिशासी अधिकारी ने नगर पंचायत का वाहन भेजा। नगर पंचायत कर्मियों की मदद से चिकित्सक के शव को वाहन में रखकर शमशान घाट ले गए। वहां पर चिकित्सक ने अपनी बहन के शव का अंतिम संस्कार किया।

सीएमओ संजय अग्रवाल ने बताया कि जलालाबाद में महिला की मौत होने का मामला उनकी जानकारी में नहीं है। महिला की मौत किस कारण से हुई, यह जांच के बाद ही पता चल पाएगा।
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लापरवाही: तीन 'संतोष' में उलझे डॉक्टर, एक को 10 दिन तक जिंदा बताया, फिर लावारिस में किया अंतिम संस्कार

उत्तर प्रदेश के मेरठ मेडिकल कॉलेज में लापरवाही की इंतहा हुई है। जिस संतोष कुमार (64) को उनके परिजन तलाश रहे थे, उनकी मृत्यु तो भर्ती करने के तीसरे ही दिन ही हो गई थी। अंतिम संस्कार भी लावारिस में कर दिया गया। स्टाफ परिजनों को 10 दिन तक उनके जिंदा होने की सूचना देता रहा। अब प्राचार्य डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार ने मौत की पुष्टि की है। साथ ही उन्होंने जांच के लिए दो सदस्यीय कमेटी गठित कर दी है। इसमें डॉ. केएन तिवारी और डॉ. ज्ञानेश्वर टांक शामिल हैं। 64 वर्षीय संतोष कुमार पुत्र सीताराम एमईएस से रिटायर्ड थे। वह मूलरूप से बरेली के रहने वाले थे। इन दिनों वह गाजियाबाद के राजनगर एक्सटेंशन में अपनी बेटी शिवांगी और दामाद अंकित के साथ रह रहे थे। शिवांगी ने बताया कि 21 अप्रैल 11.36 बजे उन्होंने अपने पिता को मेरठ मेडिकल कॉलेज के कोविड वार्ड में भर्ती कराया था। इसके बाद वह अपने पिता का फोन से हालचाल लेती रहीं। 2 मई को उन्हें बताया गया कि उनके पिता अब आईसीयू में हैं और उनका आक्सीजन लेवल 77 है। 3 मई की सुबह मेडिकल कॉलेज कोविड सेंटर फोन करने पर उन्हें बताया गया कि उनके पिता अभी भी आईसीयू में हैं। आक्सीजन लेवल 92 है। 


 
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शामली : दो बहनों की हत्या से ग्रामीणों में दहशत, 15 दिन पहले ही मायके से ससुराल आई थी शिवानी

शामली के झिंझाना थानाक्षेत्र के डेरा लालसिंह में दो बहनों की हत्या को लेकर ग्रामीण सकते में हैं। ग्रामीण घटना के बारे में कुछ ज्यादा बोलने को तैयार नहीं है। सिर्फ इतना ही कहा कि शिवानी उर्फ सोनिया 15 दिन पहले ही मायके से ससुराल पहुंची थी।

ग्रामीणों के मुताबिक विक्रम का अपनी पत्नी से अक्सर विवाद होता रहता था, लेकिन किसी को इस बात का अंदाजा नहीं था कि यह पारिवारिक विवाद इतना बढ़ जाएगा की दो महिलाओं की जान चली जाएगी। सुबह जब दोनों महिलाओं की हत्या की खबर पता चली तो लोगों की भीड़ मौके पर जमा हो गई। ग्रामीणों ने बताया कि पति से अनबन के चलते शिवानी करीब 25 दिन पहले अपने घर चली गई थी। करीब 15 दिन पहले ही ससुराल लौटी थी। 

बताया गया है कि दो दिन पहले पति से फिर किसी बात को लेकर विवाद हुआ। इसकी जानकारी शिवानी ने अपनी बहन डिंपल को दी। वह अपनी बहन शिवानी के घर का विवाद सुलझाने के लिए डेरालाल सिंह पहुंची थी।

बातचीत में विवाद का हल न निकलने पर दोनों बहनों ने घर छोड़कर जाने की बात कही। इसी बात को लेकर विक्रम का अपनी पत्नी से फिर विवाद हुआ। इसी विवाद के चलतेे दोनों बहनों की लाठी डंडे से पिटाई कर दी और गला दबाकर हत्या कर दी।
 
विक्रम के तीन बच्चे हैं, जिनकी उम्र 12 साल से कम है। उन्हें नहीं पता कि उनके सिर से मां का साया उठा चुका है। वह अपने दादा के साथ घर पर गुमसुम हालत में मिले। एसपी सुकीर्ति माधव ने बताया कि अभी तक की जांच में हत्या की वजह पारिवारिक विवाद ही सामने आया है। दो आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं, जबकि अन्य दो आरोपी अभी फरार है, जिनकी तलाश की जा रही है।
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