बड़ी तैयारी : एमएसपी को मिल सकता है कानूनी जामा, चुनाव से पहले केंद्र सरकार उठा सकती है कदम

राजदीप जाखड़, अमर उजाला, मेरठ Published by: Dimple Sirohi Updated Thu, 23 Sep 2021 01:21 PM IST

सार

केंद्र सरकार की तरफ से एमएसपी को कानूनी जामा पहनाने के संकेत मिल रहे हैं। कहा जा रहा है कि भाजपा के किसान छवि वाले नेताओं ने गन्ना मूल्य बढ़ाने और एमएसपी पर कानून बनाने का सुझाव हाईकमान को दिया है। वहीं चुनाव से पहले और किसान आंदोलन के दबाव में केंद्र सरकार एमएसपी को कानूनी जामा पहना सकती है। 
 
मुजफ्फरनगर में सितंबर में हुई महापंचायत में शामिल हुए थे लाखों किसान
मुजफ्फरनगर में सितंबर में हुई महापंचायत में शामिल हुए थे लाखों किसान - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
ख़बर सुनें

विस्तार

तीन कृषि कानूनों की वापसी और एमएसपी की मांग को लेकर किसानों को साधने के लिए सरकार विधानसभा चुनाव से पहले एमएसपी को कानूनी जामा पहना सकती है। भाजपा नेताओं ने भी हाईकमान से गन्ना मूल्य बढ़ाने और एमएसपी पर कानून बनाने का सुझाव दिया है। किसान वर्तमान एमएसपी को गारंटी कानून बनाए जाने के बजाए सी-2 प्लस 50 की मांग की है।
विज्ञापन


यूपी विधानसभा चुनाव से पहले हो सकता है यह काम
यूपी, हरियाणा, राजस्थान और पंजाब के किसान पिछले दस महीने से दिल्ली के बॉर्डर पर आंदोलन कर रहे हैं। संयुक्त किसान मोर्चा यूपी और उत्तराखंड में महापंचायत कर रहा है। आरएसएस से जुड़े भारतीय किसान संघ ने भी एमएसपी पर गारंटी कानून बनाए जाने की हिमायत की है। इस बीच केंद्र सरकार की तरफ से एमएसपी को कानूनी जामा पहनाने के संकेत मिल रहे हैं। पश्चिमी यूपी में पार्टी विधायकों और नेताओं के विरोध की वजह से भी यह काम यूपी विधानसभा चुनाव से पहले हो सकता है। भाजपा के किसान छवि वाले नेताओं ने गन्ने का रेट बढ़ाए जाने की सुझाव भी हाईकमान को दिया है। 


यह भी पढ़ें: यूपी: टिकैत परिवार ने बांधा 51 किलो का घंटा, बोले- पश्चिम से शंखनाद हो चुका, अब पूरब की तैयारी, सीएम की सभा पर कही बड़ी बात

क्या हैं एमएसपी के फार्मूले 
एमएसपी का आंकलन करने वाले कृषि लागत और मूल्य आयोग (सीएसीपी) ने खेती की लागत के तीन वर्ग बनाए हैं। ए2, ए2 प्लस एफएल और सी2। ए2 फार्मूले में फसल उत्पादन के लिए किसानों द्वारा बीज, खाद, ईंधन और सिंचाईं की लागत शामिल होती है। ए2 प्लस एफएल फार्मूले में खर्च के साथ फसल उत्पादन लागत में किसान परिवार का अनुमानित मेहनताना भी जोड़ा जाता है।

वहीं, सी2 फार्मूले में खेती के व्यावसायिक मॉडल को अपनाया गया है। इसमें कुल नकद लागत और किसान के पारिवारिक पारिश्रमिक के अलावा खेत की जमीन का किराया और कुल कृषि पूंजी पर लगने वाला ब्याज भी शामिल किया जाता है।

यह भी पढ़ें:  खौफनाक खुलासा: देश में जितना बड़ा नाम, उससे बड़े काले कारनामे, मौलाना की सच्चाई ने हर किसी को चौंकाया, तस्वीरें

भारत बंद में सात जगह चक्का जाम करेंगे किसान
तीन कृषि कानूनों की वापसी और एमएसपी को कानूनी जामा पहनाने की मांग को लेकर संयुक्त किसान मोर्चा ने 27 सितंबर को भारत बंद का आह्वान किया है।  जिले में किसान सात जगह चक्का जाम करेंगे।
 
भाकियू के निवर्तमान जिलाध्यक्ष मनोज त्यागी और प्रवक्ता बबलू जिटौली ने बताया कि मेरठ-पौढ़ी हाईवे पर छोटा मवाना पुलिस चौकी के पास और बहसूमा, एनएच-58 पर सिवाया टोल प्लाजा, मेरठ-करनाल मार्ग पर नानू गंगनहर पुल और दबथुआ, मेरठ-बागपत रोड पर जानी और मेरठ-दिल्ली रोड पर परतापुर तिराहा पर चक्का जाम किया जाएगा। 
विज्ञापन

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
  • Downloads

Follow Us

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00