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बुध का तुला राशि गोचर, जानें क्या होगा आपके जीवन पर प्रभाव
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आखिर खुली पोल: अब नितिन पंत ने खोले मौलाना के खौफनाक राज, बोला- लड़कियों को फंसा धर्म परिवर्तन का बनाते थे दबाव

एटीएस द्वारा पकड़े गए मौलाना कलीम सिद्दीकी पर सहारनपुर के बालाजी घाट स्थित आश्रम में रह रहे नितिन पंत ने संगीन आरोप लगाए हैं। नितिन का कहना है कि उसका भी जबरन धर्मांतरण कराया गया था। फुलत के मदरसे में रहने के दौरान मौलाना कलीम से उसकी कई मुलाकात हुई थी। आरोप है कि उसे लड़कियों को फंसाने और धर्म परिवर्तन कराने के लिए बरगलाया जाता था। 

नैनीताल (उत्तराखंड) के तल्लीताल निवासी नितिन पंत पुत्र स्व. देवेंद्र पंत वर्तमान में पांवधोई नदी के पास स्थित बालाजी घाट पर बने आश्रम रह रहे हैं। नितिन ने बताया कि वह वर्ष 2010 में राजस्थान के भिवाड़ी में नौकरी की तलाश में गया था, जहां उसकी मुलाकात हरियाणा के मेवात के गांव पंचगांव निवासी इम्तियाज अली से हुई थी। इम्तियाज अली उसको अपने घर ले गया था। इसके बाद उसे बंधक बना लिया गया और जबरन एक मस्जिद में रखा गया। 
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यूपी में गन्ना भुगतान की मांग: मोहिउद्दीनपुर शुगर मिल पर भाकियू कार्यकर्ताओं का हंगामा, दी ये चेतावनी

मेरठ में ब्याज सहित गन्ने के बकाया भुगतान समेत आठ मांगों को लेकर भाकियू कार्यकर्ताओं ने मोहिउद्दीनपुर शुगर मिल में धरना दिया। एसीएम तृतीय ने किसानों को आश्वासन दिया कि छह अक्तूबर तक गन्ने का भुगतान करा दिया जाएगा। किसानों ने चेतावनी दी कि भुगतान नहीं हुआ तो आंदोलन किया जाएगा।

भाकियू नेता चौधरी विजयपाल घोपला ने नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने धरना प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि केंद्र व प्रदेश सरकार किसान विरोधी है। किसान को गन्ने का भुगतान नहीं मिल रहा है, जबकि अगर किसान बैंक से लोन लेता है तो ब्याज लगा दिया जाता है। अब किसान गन्ने का ब्याज सहित भुगतान लेंगे। इसके अलावा शुगर मिल पर किसानों के लिए व्यवस्था संबंधित आठ मांग की गई।

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एसीएम तृतीय किसानों के बीच पहुंचे और उनकी समस्याएं सुनीं। उनके आश्वासन पर किसानों ने धरना समाप्त किया गया। पार्षद विशाल चौधरी, संजय, मोनू, अशोक प्रधान, चिंटू, दीपक डांगर, सुभाष, संजय चौधरी मौजूद रहे। संचालन रालोद नेता चौधरी दीपक गून ने किया।

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मेरठ में खौफनाक वारदात: इलेक्ट्रीशियन की ईंट से पीट-पीटकर हत्या, पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद

मेरठ में गंगानगर थाना क्षेत्र की रक्षापुरम कॉलोनी में बुधवार देर रात एक इलेक्ट्रीशियन की ईंट से पीटकर हत्या कर दी गई। मृतक की पत्नी ने गंगानगर थाने में नामजद तहरीर दी है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज की मदद से मामले की जांच कर रही है। हालांकि गुरुवार रात कर हत्या करने का कारण स्पष्ट नहीं हो सका। 

पुलिस के अनुसार मूल रूप से मसूरी गांव निवासी गुड्डू गाजियाबाद में इलेक्ट्रीशियन व प्लंबर का काम करता था। उसके ससुर रक्षापुरम डिवाइडर रोड स्थित अप्सनोवा अस्पताल में भर्ती हैं। बुधवार रात वह अपनी पत्नी के साथ सलारपुर निवासी अपने ससुर देवी सिंह से मिलने के लिए आया था। रात के समय वह अस्पताल में गए थे। बताया गया कि वह रात के समय ही अस्पताल से निकला था। जिसके बाद उसका परिजनों से संपर्क नहीं हो पाया। गुरुवार तड़के सुबह उसका शव रक्षापुरम कॉलोनी में पड़ा हुआ मिला। पास में मोटरसाइकिल व खून से सनी इंटरलॉकिंग ईंट पड़ी मिली। प्रथमदृष्टया ईंट से सर पर पीट-पीटकर उसकी हत्या की गई। मौके पर पंहुची पुलिस उसे अस्पताल लेकर पंहुची, जहां डॉक्टरों ने 32 वर्षीय गुड्डू को मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने मोटरसाइकिल के नंबर की मदद से मृतक की शिनाख्त की। फोन पर परिजनों को मामले की जानकारी दी गई। 

घटना के बाद मृतक की पत्नी ने गंगानगर थाने पंहुचकर नामदज तहरीर दी है। पत्नी ने गुड्डू के सहकर्मी जतिन पर हत्या करने का शक जताया है। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने अस्पताल की सीसीटीवी फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है। लेकिन घटना के बाद से उसका कोई सुराग नहीं मिल सका। 

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उपलब्धि: 26 साल उम्र, चार साल की तैयारी और पा ली यूपीएससी में 202वीं रैंक, काजल ने बढ़ाया बिजनौर का मान


शुक्रवार की शाम यूपीएससी का परिणाम घोषित हुआ तो हल्दौर थाना क्षेत्र के गांव फतेहपुर कला की काजल ने 202वीं रैंक पाकर बिजनौर जिले का गौरव बढ़ा दिया। करीब चार साल की सेल्फ स्टडी और खुद पर भरोसे के दम पर किसान परिवार में जन्मी काजल ने मात्र 26 साल की उम्र में यह सफलता पा ली। काजल की सफलता से पूरे परिवार में खुशी का माहौल है। वहीं 202 वीं रैंक पर उन्हें आईपीएस कैडर मिलने की उम्मीद है।

हल्दौर थाना क्षेत्र के ग्राम फतेहपुर कला निवासी काजल (26) पुत्री देवेंद्र सिंह ने अपनी शुरूआती पढ़ाई अपनी रिश्तेदारी में रहकर सेंटमेरी स्कूल बिजनौर से की थी। इसके बाद वह वनस्थली राजस्थान चली गई और वहां से स्कूल की पढ़ाई पूरी की। कुछ समय के लिए कोटा में कोचिंग ली। इसके बाद इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग दिल्ली यूनिवर्सिटी से किया। करीब 2017 में यूपीएससी की तैयारी शुरू कर दी और कई तरह की परीक्षाएं दी और एक के बाद एक कई परीक्षाएं पास की और अब यूपीएससी में 202वीं रैंक पाकर परिवार के साथ-साथ जिले का गौरव भी बढ़ाया।

काजल से परीक्षा की तैयारी और सफलता को लेकर बातचीत के कुछ अशं
सवाल 
-कैसे यूपीएससी की तैयारी करने का ख्याल मन में आया, आप को इलेक्ट्रिकल से इंजीनियरिंग कर रही थी। किससे प्रेरणा ली?

उत्तरः ग्रेजुएशन करते हुए मैंने देखा कि यूपीएससी के द्वारा सर्विस में आने वाले लोग कितने प्रभावी होते हैं। उनके संपर्क में कितने लोग आते हैं। बस फिर तैयारी शुरू कर दी। ऐसे तो किसी को देखकर प्रेरणा नहीं ली थी।

सवालः तैयारी कब से शुरू कर दी थी और किस तरह तैयारी की?
उत्तरःमैंने तैयारी कॉलेज के बाद ही शुरू कर दी थी। मुझे याद है 2017 से मैने तैयारी शुरू कर दी थी। शुरूआत में मैंने कोचिंग की थी। इसके बाद अधिकांश समय सेल्फ स्टडी की। इस परीक्षा के लिए भी मैंने सेल्फ स्टडी ही की है।

सवालः इससे पहले कोई और परीक्षा भी दी है आपने?
उत्तरः मैंने 2019 में इंडियन इंजीनियरिंग सर्विस में 30 वीं रैंक हासिल की थी। इसके बाद 2020 में यूपीपीसीएस में 36 वीं रैंक हासिल की थी। अब यूपीएससी में 202 वीं रैंक हासिल की हैं। मुझे उम्मीद है कि आईपीएस कैडर मिल सकता है।

सवालः पारिवारिक पृष्टभूमि क्या है, कैसे आप इस सफलता तक पहुंचीं?
उत्तरः मेरे पिता किसान हैं और घर पर खेती होती है। हमारे ईंट भट्टा भी चलता है। मुझे पढ़ाई में मेरे परिवार ने बहुत साथ दिया। केवल किताबों पर ही निर्भता नहीं रही, प्रयोगात्मकता पर भी जोर रहा।

सवालः सालों से इस परीक्षा में जुटने वालों को क्या संदेश देंगी? ताकि वह भी सफल हो सकें
उत्तरः मैं तो केवल अपने अनुभव के तौर कह सकती हूं कि सही दिशा में खुद से की गई तैयारी भी सफलता दिला सकती है। हमेशा गलतियों से सीखना चाहिए और उन्हें सुधारना चाहिए। विश्वास के बल पर एक न एक दिन सफलता निश्चित ही मिल जाती है।
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काजल काजल

उज्ज्वला योजना की हकीकत: चूल्हे पर पकता है खाना, गैस चूल्हे और सिलिंडर बने शोपीस, पढ़ें क्या कहती हैं महिलाएं

केंद्र सरकार की उज्ज्वला योजना की हकीकत गांवों में की गई पड़ताल में सामने आई है। जरूरतमंदों को मुफ्त में मिले गैस चूल्हे और सिलिंडर घर में शोपीस बनकर रह गए हैं। सरकार की योजना में फ्री में पहला सिलिंडर घर पहुंचा, तो महिलाओं को नई उम्मीद जगी। फिर महंगाई के तड़के में मजदूरी पेशा परिवार दूसरा सिलिंडर भरवाने में लाचार और बेबस है। मुजफ्फरनगर जिलेभर में दो लाख परिवारों को इस योजना का लाभ दिया गया है, लेकिन सिलिंडर के दाम 900 रुपये के आसपास पहुंचने से सालभर में 25 फीसदी लाभार्थी ही इस योजना के सिलिंडर भरवा रहे हैं। ऐसे में महिलाओं को चूल्हे पर खाना पकाने के लिए विवश होना पड़ रहा है।

क्या कहती हैं लाभार्थी महिलाएं
- दूधली गांव की महिला रामवती को डेढ़ साल पहले सरकार की योजना से मुफ्त में गैस सिलिंडर और चूल्हा मिला था। उन्हें लकड़ी जलाकर खाना बनाने से मुक्ति मिली थी। लेकिन उसके बाद सब्सिडी खत्म कर देने से सिलिंडर रिफलिंग करना परिवार की सामर्थ्य से बाहर हो गया है।

- मजदूरी पेशा परिवार से ताल्लुक रखने वाली दूधली निवासी गृहिणी उमा का कहना है कि उज्ज्वला योजना से मिला चूल्हा और रिफिल शोपीस बनकर रहे गए हैं। सिलिंडर महंगा होने से लकड़ी जलाकर चूल्हे पर खाना पकाना पड़ता है।

- पति के निधन के बाद दूधली गांव में सुरेशवती को मुश्कीपुर गांव की एजेंसी से योजना का लाभ दिया गया। आर्थिक रूप से कमजोर होने के कारण वह खेतों में मजदूरी करती है। गैस सिलिंडर रिफिल दोबारा नहीं होने से वह घर का खाना लकड़ी से बनाती है।

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- चरथावल के दूधली की नीलम परिवार का खाना चूल्हे पर बनाने को मजबूर हैं। उन्होंने सवाल किया कि सरकार से मिले फ्री के सिलिंडरों का गरीबों को क्या फायदा हुआ? मुफ्त की लत लगाकर सब्सिडी खत्म करना लाभार्थियों के साथ नाइंसाफी है।

उज्ज्वला योजना में परिवार में दूसरे नाम से ज्यादातर लाभार्थियों ने फ्री के कनेक्शन लिए थे, जबकि उनके परिवार में पहले से कनेक्शन थे। पिछले एक महीने में 50 रुपये बढ़ने से करीब 900 रुपये का सिलिंडर रिफिल मिल रहा है। एजेंसी पर योजना के करीब 4500 कनेक्शन हैं, उनमें 50 प्रतिशत लोग ही रिफिलिंग करवा पाते हैं। चूंकि परिवार खपत के अनुसार रिफिल खरीदता है। - धमेंद्र पुंडीर, प्रबंधक, बालाजी इंडेन गैस एजेंसी

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जनपद में अलग-अलग कंपनियों की 51 एजेंसी से 199505 कनेक्शन उज्ज्वला योजना से आवंटित हैं। सालभर में मिलने वालों में से एक परिवार पर तीन रिफिल का औसत आ रहा है। - वरुण सिंह, नोडल अधिकारी मुजफ्फरनगर बीपीसीएल
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मेरठ के लिए अच्छी खबर: आईटी पार्क में दो सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट कंपनियों ने किया आवेदन, इंजीनियरों को मिलेगा शानदार मौका

तकनीक के क्षेत्र में भी मेरठ आगे बढ़ता हुआ नजर आ रहा है। वेदव्यासपुरी में बने आईटी पार्क में दो सॉफ्टवेयर कंपनियों ने आवेदन किया है। यह आईटी पार्क और मेरठवासियों के लिए सुखद खबर है। पहले बीपीओ कंपनियों के आवेदन की उम्मीद लगाई जा रही थी, लेकिन डेवलपमेंट कंपनियों के आवेदन के बाद आसपास के इंजीनियरों को कार्य करने का मौका मेरठ शहर में ही मिलेगा। इसके लोकार्पण का कार्यक्रम भी अगले महीने अक्तूबर में है। सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क की तरफ से सभी प्रक्रियाओं को पूरा करने के बाद सूचना और प्रौद्योगिकी विभाग के पास भेज दिया गया है।

आईटी पार्क को लगभग 15 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया गया है। करीब 26 हजार वर्ग फीट में निर्माण किया गया। इसमें भूतल पर ऑडिटोरियम और कांफ्रेंस रूम है। वहीं, सात सीटों वाला मीटिंग रूम भूतल, प्रथम और द्वितीय तल पर बनाया गया है। वेदव्यासपुरी में पांच सितंबर 2017 में आईटी पार्क का शिलान्यास किया गया था। चार वर्ष बाद इसे तैयार कर लिया गया है। हालांकि, इसे पूरा करने का लक्ष्य दिसंबर-2018 तय था, लेकिन बीच में किश्त न आने के कारण कार्य अटक गया था।

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प्लग एंड प्ले की भी सुविधा
स्टार्ट अप कंपनियों के लिए भी आईटी पार्क में व्यवस्था है। इसके लिए अलग से 133 सीट प्लग एंड प्ले के लिए हैं। इसके लिए भी एसटीपीआई ने अपनी वेबसाइट पर नोएडा क्षेत्र में मेरठ के आईटी पार्क के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। 

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ये मिलेगी कंपनियों को सुविधा
107 सीट का ऑडिटोरियम - 3300 रुपये प्रति घंटा
21 सीट का कांफ्रेंस रूम - 700 रुपये प्रति घंटा
सात सीट का मीटिंग रूम - 300 रुपये प्रति घंटा
- सभी सुविधाओं से सुसज्जित कार्यालय, हाईस्पीड इंटरनेट कनेक्टिविटी, मैनेजर रूम, कांफ्रेंस रूम, प्रशिक्षण रूम, रिसेप्शन, सिक्योरिटी, पार्किंग, कैफेटेरिया।

हमारी लोकार्पण की पूरी तैयारी है। हमने सूचना और प्रौद्योगिकी मंत्रालय को फाइल तैयार करके भेज दी है। वहीं, दो सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट कंपनियों ने आवेदन कर दिया है। - रजनीश अग्रवाल, डायरेक्टर, सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क ऑफ इंडिया नोएडा क्षेत्र
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चौंकाने वाला सच: दो दशक में अकूत संपत्ति का मालिक बन बैठा मौलाना कलीम सिद्दीकी, पढ़ें शुरू से आखिरी तक की कहानी

धर्मांतरण प्रकरण में संलिप्त पाया गया मौलाना कलीम सिद्दीकी महज दो दशक में अकूत संपत्ति का मालिक बन बैठा। उसकी कृषि भूमि भी पांच गुणा से अधिक होकर ढाई सौ बीघा तक जा पहुंची, जबकि मकानों की संख्या भी 12 से अधिक हो गई। यहां तक कि गांव व आसपास क्षेत्र में बिकने वाली हर संपत्ति का पहला खरीदार मौलाना सिद्दीकी ही होता है। 

मुजफ्फरनगर में रतनपुरी थाना क्षेत्र के गांव फुलत निवासी मौलाना कलीम सिद्दीकी के पिता मोहम्मद अमीर सिद्दीकी के पास करीब 225 बीघा कृषि भूमि थी। यह कृषि भूमि मौलाना कलीम सिद्दीकी व उनके तीन अन्य सगे भाइयों डॉ. मोहम्मद सलीम सिद्दीकी, अधिवक्ता मोहम्मद अलीम सिद्दीकी व मौलाना मोहम्मद हलीम सिद्दीकी के पास बराबर-बराबर बंट गई थी।
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मेरठ: कोरोना की तीसरी लहर से पहले मेडिकल सहित जिले के कई अस्पतालों में हुई मॉकड्रिल, ये हैं खास बातें

धर्मांतरण का मामला: मौलाना कलीम सिद्दीकी
कोविड-19 की संभावित तीसरी लहर की तैयारियों को परखने के लिए मेडिकल, जिला चिकित्सालय और सीएचसी किठौर, सरधना, मवाना व हस्तिनापुर में शुक्रवार को मॉकड्रिल की गई। लखनऊ से संयुक्त निदेशक स्तर के अधिकारी डॉ. एके गुप्ता तैयारियों की पड़ताल करने के लिए आए हैं। इस दौरान मरीजों को बेड पर लिटाकर ऑक्सीजन आपूर्ति, उन्हें दी जाने वाली संभावित दवाइयां, उपकरण व स्टाफ की ट्रेनिंग को जांचा-परखा जाएगा। इन व्यवस्थाओं में नए बनाए गए पीआईसीयू वार्ड की व्यवस्थाओं को विस्तार से देखा गया। 

मेरठ में मंडलीय सर्विलांस अधिकारी डॉ. अशोक तालियान ने बताया कि मेडिकल कॉलेज में 100 बेड का पीआईसीयू वार्ड तैयार किया गया है, जो वेंटीलेटर एवं सेंट्रल ऑक्सीजन सप्लाई से युक्त है। जिला चिकित्सलाय में 40 बेड का पीआईसीयू वार्ड तैयार किया गया, जिसमें 20 बेड वेंटीलेटर और 20 बेड सेंट्रल ऑक्सीजन सप्लाई के हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर 10-10 बेड के पीआईसीयू वार्ड तैयार किए गए हैं। इससे पहले पिछले महीने भी मॉकड्रिल की गई थी।

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कोविड मॉकड्रिल के दौरान स्टाफ फैमिली के एक बच्चे को मरीज बनाकर अस्पताल में लाया गया। स्ट्रेचर पर बिठाकर मरीज को आईसीयू वार्ड में भर्ती किया गया। वहीं मॉकड्रिल में ऑक्सीजन प्लांट, वेंटिलेटर लगाने को देखा गया। मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विभाग में 20 वेंटिलेटर और 30 हाइ डिपेंडेंसी बेड बनाए गए हैं। अस्पताल के स्टॉफ, डॉक्टर और वार्ड ब्वॉय का रिस्पांस टाइम भी चैक किया गया।

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मचा हड़कंप: स्कूल में तमंचा लेकर पहुंचा 12वीं का छात्र, सीसीटीवी कैमरे से खुला एक और बड़ा राज

मेरठ जिले के परतापुर थाना क्षेत्र के एक कॉलेज में शुक्रवार को कक्षा 12वीं का एक छात्र अपने बैग में तमंचा लेकर कॉलेज पहुंचा। वहीं जानकारी लगने पर प्रधानाचार्य ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। इसके बाद पुलिस ने छात्र को हिरासत में ले लिया।

जानकारी के अनुसार परतापुर थाना क्षेत्र के भूड़बराल गांव स्थित जनता इंटर में छज्जूपुर निवासी विनय राठी कक्षा 12वीं में पढ़ता है। बताया गया कि शुक्रवार को प्रधानाचार्य गजेंद्र वर्मा ने बच्चों के पास फोन होने के शक में सभी के बैग की तलाशी ली तो विनय राठी के बैग में एक तमंचा मिला। इससे स्कूल में हड़कंप मच गया।

इसके बाद प्रधानाचार्य ने इसकी सूचना स्थानीय पुलिस को दी। वहीं मौके पर पहुंची परतापुर पुलिस ने तमंचे को जप्त कर छात्र को हिरासत ले लिया। इसके बाद छात्र से पूछताछ की गई। 

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वहीं जांच में पता चला कि कक्षा के अंदर लगे सीसीटीवी कैमरे में विनय दूसरों छात्रों को भी तमंचा दिखाते हुए दिखाई दे रहा है। पुलिस यह जानकारी लगाने में जुटी है कि छात्र तमंचा किस उद्देश्य से कॉलेज में लेकर आया था।

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एसपी सिटी विनीत भटनागर ने बताया कि स्कूल में तमंचा लेकर पहुंचे छात्र को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उचित कारवाई की जाएगी।
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जल्द होगा पर्दाफाश: शमीम ने उगले बड़े राज, आतंकी कनेक्शन तलाश रही एटीएस, पश्चिमी यूपी के जिलों में ताबड़तोड़ दबिश

बिजनौर के शमीम सलमानी ने ही अपने बेटे जावेद तक कश्मीर में पिस्टल पहुंचाई थी। एटीएस और आर्मी इंटेलिजेंस की पूछताछ के बाद कश्मीर के श्रीनगर तक बिजनौर से असलहा की तस्करी होने की तस्वीर साफ हो गई। अब एटीएस हथियारों की तस्करी की सभी कड़ियां जोड़ने में लगी है। सूत्रों का कहना है कि बुधवार रात में एटीएस ने मुजफ्फरनगर में दबिश दी, लेकिन वहां कुछ हाथ नहीं लगा। गुरुवार को भी एटीएस ने शमीम को साथ ले जाकर आसपास के जिलों में दबिश दी।

गुरुवार सुबह एटीएस ने नूरअलीपुर भगवंत उर्फ डहरी के ग्राम प्रधान को फोन कर शमीम को फिर से बुला लिया। बता दें कि शमीम सलमानी की शारीरिक कमजोरी और नशे की लत को देखते हुए बुधवार रात उसे ग्राम प्रधान की सुपुर्दगी में दे दिया गया था। शमीम सलमानी के कोतवाली देहात थाने पहुंचते ही टीम उसे लेकर कहीं के लिए रवाना हो गई। सूत्रों के मुताबिक, रात के वक्त एटीएस ने मुजफ्फरनगर में दबिश दी थी, जबकि गुरुवार की सुबह फिर से शमीम को लेकर निकल गई और जिले में दूसरी जगहों पर दबिश दी। एटीएस उस कड़ी तक जाने का प्रयास कर रही है, जहां से शमीम को पिस्टल मिलते थे। असलहा लेकर शमीम कश्मीर तक पहुंचाने का काम करता था। 

बता दें कि पिछले दस सालों से कश्मीर के श्रीनगर में रहकर सैलून चलाने वाले शमीम सलमानी के बेटे जावेद को आर्मी ने गिरफ्तार किया है। सेना के इनपुट पर ही यूपी एटीएस सक्रिय हुई थी। आर्मी इंटेलिजेंस के दो अधिकारी भी एटीएस के साथ कोतवाली देहात पहुंचे थे। जिन्होंने बुधवार की सुबह ही डहरी के रहने वाले शमीम सलमानी और उसके छोटे बेटे परवेज सलमानी को दबोच लिया था। बुधवार को दिनभर पिता-पुत्र से पूछताछ की गई। इस दौरान एक कार चालक का नाम भी सामने आया था, जिसे शमीम कश्मीर तक लेकर गया था। इस कार चालक को भी हिरासत में लिया गया, लेकिन पूछताछ के बाद उसे छोड़ दिया गया था।

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बड़ा खुलासा: धर्मांतरण से पहले गैर मुस्लिमों को ये किताब देते थे मौलाना कलीम, सबूत जुटाने में जुटी सुरक्षा एजेंसियां

मौलाना कलीम सिद्दीकी के खिलाफ एटीएस सबूत जुटा रही है। जांच में सामने आया है कि धर्मांतरण से पहले गैर मुस्लिमों को मौलाना ‘आपकी अमानत, आपकी सेवा में’ नाम की एक किताब देते थे। वहीं एटीएस की टीम मौलाना से पूछताछ कर रही है और उसके करीबियों की तलाश में आसपास के जिलों में ताबड़तोड़ दबिश दी जा रही है।
 
मौलाना कलीम सिद्दीकी करीब 26 साल से मदरसों, जलसे और धार्मिक कार्यक्रमों में पहुंचकर लोगों से रूबरू होते रहे हैं। हर वर्ग के लोग उनका सम्मान करते थे। एटीएस की जांच में सामने आया है कि धर्मांतरण से पहले गैर मुस्लिम लोगों को ‘आपकी अमानत, आपकी सेवा में’ नाम की पुस्तक दी जाती थी। गैर मुस्लिम लोगों को किताब का पूरा पाठ पढ़ाया जाता था। हालांकि गैर मुस्लिम लोगों के साथ धर्मांतरण करने के लिए जबरदस्ती नहीं होती थी।
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निशाने पर मौलाना के करीबी: सुरक्षा एजेंसियों ने पश्चिमी यूपी के जिलों में डाला डेरा, मुजफ्फरनगर से हाफिज को उठाया

मुजफ्फरनगर के फुलत गांव के मौलाना कलीम सिद्दीकी के करीबियों की तलाश में सुरक्षा एजेंसी लग गई है। मुजफ्फरनगर में हाफिज इदरीश की गिरफ्तारी के बाद मेरठ, शामली व सहारनपुर समेत पश्चिमी यूपी के जिलों में जानकारी जुटाई जा रही है। मेरठ में जिस कार्यक्रम में मौलाना कलीम आया था, इसके बारे में भी छानबीन की जा रही है।

अवैध धर्मांतरण और विदेशों से फंडिंग के मामले में मुजफ्फरनगर के फुलत गांव निवासी मौलाना कलीम सिद्दीकी को मेरठ से एटीएस ने मंगलवार रात गिरफ्तार किया था। कलीम से पूछताछ के बाद उसके करीबी हाफिज इदरीश को भी एटीएस ने उठाया है। धर्मांतरण प्रकरण में दो लोगों की गिरफ्तारी के बाद उनके करीबियों को सुरक्षा एजेंसी ने निशाने पर ले लिया है। उनकी गोपनीय तरीके से जांच चल रही है। पश्चिमी यूपी में एटीएस ने डेरा डाला हुआ है। गुरुवार को सुरक्षा एजेंसी ने कई जगह पर मौलाना के करीबियों की जानकारी जुटाई।

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मेरठ में भी चल रही जांच
मौलाना कलीम हुमायूं नगर में मौलाना सारिक के घर जिस कार्यक्रम में शामिल होने आए, उसकी जांच चल रही है। क्या कार्यक्रम था और कौन-कौन लोग इसमें शामिल थे। इसकी भी सुरक्षा एजेंसियां जांच में जुट गई। मौलाना सारिक का कहना है कि उनके यहां पर कोई कार्यक्रम नहीं था। वह सिर्फ मुलाकात करने आए थे।

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सुरक्षा एजेंसी ने धर्मांतरण के पीड़ित से ली जानकारी
धर्मांतरण के नए कानून बनने के बाद तीन महीने में मेरठ जोन के जनपदों में नौ मुकदमे जांच में सामने आए हैं। जिनमें तीन मुकदमे मेरठ के है। पुलिस ने मुकदमे तो दर्ज कर लिए, लेकिन विवेचना को आगे नहीं बढ़ाया। धर्मांतरण के शिकार लोगों से सुरक्षा एजेंसियां जानकारी ले रही है।
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मेरठ: सरधना सीएचसी पर जमकर हंगामा, प्रभारी के साथ अभद्रता और फिर ले गए थाने, जानें क्या है पूरा मामला 

मेरठ के सरधना में सीएचसी पर चार दिन पहले नसबंदी कराने वाली सलावा निवासी महिला राखी पत्नी श्रवण की शुक्रवार सुबह मौत हो गई। वहीं मृतक महिला के परिजनों व सीएचसी पर कार्यरत आशाओं ने नसबंदी के दौरान लापरवाही का आरोप लगाया। उनका कहना है कि चिकित्सक की लापरवाही के कारण ही महिला की हालत बिगड़ी। फिर बाद में उपचार के दौरान महिला की मौत हो गई। 

बता दें कि सलावा के ग्रामीणों व आशाओं ने शुक्रवार को सीएचसी पर जमकर हंगामा किया। इस दौरान उन्होंने दोषी चिकित्सक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। यही नहीं इसके बाद आशाओं ने सीएससी के गेट पर ताला जड़ दिया। 

उधर, सूचना मिलने के बाद थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जानकारी ली। पुलिस ने किसी तरह महिलाओं को समझाकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का गेट खुलवाया।

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