बेहतर अनुभव के लिए एप चुनें।
INSTALL APP

कारीगरों की किल्लत से जूझ रहा सराफा बाजार, व्यापारियों ने की आर्थिक पैकेज की मांग

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Thu, 10 Jun 2021 02:36 AM IST
विज्ञापन
ख़बर सुनें
कारीगरों की किल्लत से जूझ रहा सराफा बाजार, व्यापारियों ने की आर्थिक पैकेज की मांग
विज्ञापन

मुरादाबाद। कोरोना संक्रमण के कारण प्रभावित सराफा कारोबार अब कारीगरों की किल्लत से जूझ रहा है। संक्रमण के कारण काफी कारीगर अपने घरों को चले गए हैं। ज्यादातर कारीगर बंगाल के थे। उनके न लौटने की वजह से व्यापारी परेशान हैं। व्यापारियों ने सरकार से राहत पैकेज की मांग की है। व्यापारियों का कहना है कि कोरोना के कारण हुए नुकसान की वजह से अब लोग हल्के आभूषणों की मांग कर रहे हैं।
अभी सहालग के 18 दिन शेष हैं, जिसमें से 11 दिन जून माह में हैं। कोरोना कर्फ्यू खुलने के बाद लोग अपने बच्चों की शादी के लिए आभूषण तैयार करा रहे हैं। मुरादाबाद में करीब 17 सौ सराफा दुकानदार हैं। यहां पर बंगाल के लगभग दो हजार कारीगर काम करते हैं। दुकानदारों का कहना है कि कोरोना संक्रमण की वजह से कर्फ्यू लगने के बाद सभी कारीगर बंगाल लौट गए थे। मुरादाबाद में मुश्किल से दो सौ कारीगर बचे हैं। अब मुरादाबाद में तो कर्फ्यू खुल गया, लेकिन बंगाल में लॉकडाउन होने के कारण कारीगर नहीं लौट पा रहे हैं। इसकी वजह से दुकानदार पुराने माल से ही काम चला रहे हैं। मुंबई और दिल्ली के बाजार अभी सामान्य नहीं हो सके हैं। इसके कारण बहुत से दुकानदार बाहर से भी माल नहीं मंगवा पा रहे हैं। दुकानदारों ने बताया कि अहमदाबाद और राजकोट में कारीगर नहीं होने की वजह से माल नया नहीं आ पा रहा है।

25 की जगह दस ग्राम के आभूषण बने पसंद
दुकानदारों ने बताया कि कोरोना से पहले शादी के लिए सबसे ज्यादा मांग 25 से 50 ग्राम के आभूषण की रहती थी, लेकिन संक्रमण काल में आर्थिक संकट बढ़ने के बाद अब दस से 15 ग्राम के आभूषण की बिक्री सबसे ज्यादा है। इसमें भी कारीगरों के अभाव की वजह से ग्राहकों को नग वाले आभूषण नहीं मिल पा रहे हैं।
एक नजर में सराफा बाजार
कुल दुकानें 1700
छोटे दुकानदार 1600
करीगर 2000
कारोबार 20 करोड़ प्रतिदिन
हॉलमार्क नहीं करीब एक हजार के पास
व्यापारियों की सरकार से प्रमुख मांगें
- बिजली के बिल में मिले छूट
- कामगारों के लिए की जाए आर्थिक पैकेज की घोषणा
- वाणिज्य कर, गृहकर और जलकर के रिटर्न दाखिल करने की बढ़े तारीख
- बाजार बंद करने का समय शाम सात के बजाय आठ बजे हो
- हॉलमार्किंग के नियम को अनिवार्य करने की समयावधि में हो बढ़ोतरी
- हॉलमार्किंग की शुद्धता में 20 और 23 कैरेट को भी किया जाए शामिल
- बाजार में लगने चाहिए स्वास्थ्य परीक्षण और टीकाकरण शिविर
बोले कारोबारी और व्यापारी
बाजार गंज के सौ दुकानदारों में से करीब 40 दुकानदारों ने हॉलमार्क नहीं अपनाया है। अब हॉलमार्क की तैयारी करा रहे हैं। नया माल बनाने के लिए कारीगरों का इंतजार हो रहा है।
- श्रवण कुमार अग्रवाल
करीगरों के अपने-अपने घरों को लौट जाने की वजह से मैन्यूफैक्चरिंग बंद है। नया माल तैयार नहीं हो पा रहा है। जिन दुकानदारों के पास स्टॉक हैं, उसी की बिक्री कर रहे हैं।
नितिन रस्तोगी
अब सहालग का ज्यादा काम नहीं है। आने वाले समय में कीमतें बढ़ने के डर से ज्यादातर उच्च वर्ग के लोग खरीदारी कर रहे हैं। पोलकी और डायमंड की ज्यादा मांग है। मुंबई और दिल्ली के बाजार बंद होने के कारण नया माल नहीं आ पा रहा है।
- रचित प्रकाश
ग्रामीण क्षेत्रों के ग्राहक नया सामान खरीदने के बजाय पुराना सामान बेच रहे हैं। कोरोना संक्रमण की वजह से आर्थिक व्यवस्था गड़बड़ा गई है। इसलिए सरकार को ग्रामीणों के लिए भी आर्थिक पैकेज की घोषणा करनी चाहिए, ताकि वह संभल सकें और खरीदारी कर सकें।
- नवीन रस्तोगी
वैक्सीनेशन के लिए अब बाजार में टीकाकरण शिविर लगवाना चाहिए। हम सराफा बाजार में शिविर लगवाने के लिए तैयार हैं, ताकि बाजार आने वाले ग्राहक का भी टीकाकरण हो सके। समय-समय पर स्वास्थ्य परीक्षण जरूर हो, जिससे संक्रमण की दर दोबारा न बढ़े।
- प्रदीप रस्तोगी
लोगों के पास रुपये नहीं होने की वजह से वह दैनिक जरूरतों को पूरा करने में सक्षम नहीं हैं, जबकि सराफा कारोबार बचत के रुपयों से चलता है। इसलिए सभी वर्गों के लिए सरकार को आर्थिक पैकेज की घोषणा करनी चाहिए।
- राजीव अग्रवाल
बाजार आर्थिक मंदी के दौर से जूझ रहा है। कोई नया काम नहीं है। मुरादाबाद में अब कोरोना संक्रमण के नए केस बहुत कम आ रहे हैं तो बाजार को रात्रि कर्फ्यू से मुक्त कर देना चाहिए, क्योंकि लोग शाम के समय खरीदारी के लिए आते हैं।
- मोहम्मद इकराम
हॉलमार्किंग नियम को अनिवार्य बनाने से पहले सरकार को यूआईडी नियम में संशोधन या समाप्त करना चाहिए, क्योंकि इससे आने वाले समय में कारोबार में परेशानी होगी।
- अक्षत रस्तोगी

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
  • Downloads

Follow Us

X

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00
X