असमंजस: आरटी-पीसीआर और एंटीजन टेस्ट कराने पर थे निगेटिव, सीटी स्कैन के बाद 30 फीसदी मिले पॉजिटिव

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुरादाबाद Published by: Vikas Kumar Updated Wed, 26 May 2021 07:45 AM IST

सार

मुरादाबाद के प्रमुख कोविड अस्पतालों से मिली जानकारी के मुताबिक उनके पास हर दस में से तीन मरीज ऐसे हैं जिनकी कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद भी उनमें संक्रमण की मात्रा काफी थी। 
सीटी स्कैन
सीटी स्कैन - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

मुरादाबाद जिले में कोरोना संक्रमण के दौरान दूसरी लहर में संक्रमण की रफ्तार तेजी से बढ़ी, लेकिन अब वह काबू में दिख रही है। उसके बावजूद चिकित्सक लोगों को सतर्क रहने की हिदायत दे रहे हैं। इसके पीछे ऐसे मरीजों का मिलना है जिनकी आरटी-पीसीआर और एंटीजन रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद सीटी स्कैन में उनके संक्रमित होने की पुष्टि हुई है। ऐसे मरीजों की संख्या करीब तीस प्रतिशत है। उनका अलग-अलग निजी अस्पतालों में कोविड वार्ड में इलाज चल रहा है।
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मुरादाबाद के प्रमुख कोविड अस्पतालों से मिली जानकारी के मुताबिक उनके पास हर दस में से तीन मरीज ऐसे हैं जिनकी कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद भी उनमें संक्रमण की मात्रा काफी थी। इसके पीछे सीधा कारण कोरोना के नए म्यूटेंट को बताया जा रहा है। चिकित्सकों का कहना है कि नया म्यूटेंट सीधे फेफड़ों में पहुंच रहा है। इससे वह नाक या गले के सैंपल से ट्रेस नहीं हो पाता और एंटीजन और आरटी-पीसीआर निगेटिव आ जाती है। इसलिए रिपोर्ट निगेटिव होने के बाद भी कोरोनो के लक्षण दिखाई देने पर पांचवें से 7वें दिन के बीच सीटी स्कैन करा लें, जिससे संक्रमण होने पर समय से सही इलाज उपलब्ध कराया जा सके। ऐसे संक्रमितों का डाटा सरकारी रिकॉर्ड में उपलब्ध ही नहीं है, खुद निजी अस्पतालों ने भी इस तरह के रिकॉर्ड नहीं बनाए हैं। वह भी कोविड मरीजों में इनकी संख्या को गिनते हैं।


संक्रमण न हो तब भी रहें आइसोलेट
चिकित्सकों के मुताबिक जिनकी रिपोर्ट में कोरोना संक्रमण की पुष्टि नहीं हो रही है वह रिपोर्ट आने के बाद भी करीब सप्ताह भर अपने परिवार वालों से अलग रहते हुए आइसोलेट रहें। कोविड प्रोटोकॉल का घर में भी पालन करें। इस अवधि में कोई तकलीफ होने पर तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें और आपना सीटी स्कैन कराएं।

घर से बाहर घूमना हो सकता है खतरनाक
इन आंकड़ों से समझा जा सकता है कि बेवजह आपका बाहर घूमना कितना खतरनाक हो सकता है। आपके आसपास सामान्य दिखने वाला शख्स जो अपनी कोरोना रिपोर्ट निगेटिव देखकर बाहर घूम रहा है वह भी वायरस का कैरियर हो सकता है। इसलिए असंक्रमित लोग बेवजह बाहर न घूमें। वहीं संक्रमित होकर ठीक हुए या रिपोर्ट ने निगेटिव आए लोग भी बेवजहस बाहर न घूमें जिससे कोरोना के खिलाफ सुरक्षा दीवार को मजबूत किया जा सके।

जो लोग रिपोर्ट को निगेटिव मानकर लापरवाही कर रहे हैं, वे सतर्कता बरतें। निगेटिव रिपोर्ट आने के बाद भी खुद को आइसोलेट रखें। बुखार आने के बाद 5वें से 11वें दिन तक की स्थिति पर खास नजर रखनी होती है। यह संवेदनशील दिन हैं। यदि पांच से सात दिन तक बुखार नहीं उतर रहा है तो तुरंत चिकित्सक से सलाह लें। दूसरी लहर में आरटी-पीसीआर और एंटीजन रिपोर्ट निगेटिव आने पर भी रोगी की तकलीफ कम नहीं हुई। सीटी स्कैन में संक्रमण की पुष्टि होती तो संक्रमण की इतनी अधिकता मिलती है कि उसका उपचार करना मुश्किल होता है। इस संक्रमण काल में किसी तरह की जरा सी लापरवाही न केवल रोगी बल्कि उसके परिचितों और आस पड़ोस के लोगों को नुकसान पहुंचा सकती है। - डा. अनुराग महरोत्रा, संचालक, सिद्ध हॉस्पिटल

अगर आपकी एंटीजन और आरटी-पीसीआर रिपोर्ट निगेटिव आई है तब भी आपको करीब सप्ताह भर सतर्कता बरतने और अपने घर वालों से अलग रहने की जरूरत है। क्योंकि कोरोना की दूसरी लहर में सामने आए म्यूटेंट की प्रकृति को समझने में कई बार मशीनें भी धोखा खा रही हैं। पहली लहर में एंटीजन और आरटी-पीसीआर को कोरोना जांच के लिए उपयुक्त माना गया था। लेकिनअब इनमें निगेटिव आए लोगों में भी कोरोना का स्तर काफी अधिक पहुंच रहा है। तकलीफ होने पर जब चिकित्सक की सलाह पर सीटी स्कैन कराया जा रहा है तो उसमें संक्रमण की पुष्टि हो रही है। - डा. मगन मल्होत्रा, निदेशक, एपेक्स अस्पताल
 
सीटी स्कैन में संक्रमित मिलने वाले मरीजों का अलग से डाटा नहीं है। सीटी स्कैन में वही मरीज पॉजिटिव आते हैं जिनकी तबीयत ज्यादा खराब है। इसलिए हमने सभी अस्पतालों को ऐसे मरीजों को भर्ती करने के निर्देश दे दिए हैं। भर्ती होने के बाद कोविड प्रोटोकॉल के तहत ही उनका उपचार किया जाता है। - डा. डीके प्रेमी, जिला सर्विलांस अधिकारी

इस वर्ष 26 हजार से अधिक मिले संक्रमित

सरकारी आंकड़ों की बात करें तो 15 जनवरी से 23 मई 2021 तक इस वर्ष 26656 लोगों में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई। ये सभी आरटी-पीसीआर, ट्रूनेट या एंटीजन की रिपोर्ट में ट्रेस हुए हैं। इसके अलावा सीटी स्कैन या एक्सरे के जरिये संक्रमण की पुष्टि होने पर कोरोना का इलाज करा रहे मरीजों का कोई रिकॉर्ड प्रशासन की पास नहीं है। ऐसे में जिले में संक्रमितों की संख्या दिखाई गई संख्या से कहीं ज्यादा हो सकती है। निजी अस्पतालों ने भी ऐसे मरीजों का कोई डाटा तैयार नहीं किया है। यदि इस आंकड़े को जिले के कुल संक्रमितों की अधिकतम संख्या मानें तो इनमें से 7996 मरीज सीटी स्कैन के जरिये ट्रेस हुए हैं। ऐसे में हमें अधिक सतर्कता बरतने की जरूरत है।

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