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मुरादाबाद हत्याकांड का खुलासा: संपत्ति के लिए बेटे और तीन पोतों ने की थी पूर्व प्रधान की हत्या

अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद Published by: शाहरुख खान Updated Tue, 07 Sep 2021 04:09 PM IST

सार

पुलिस अधीक्षक नगर ने बताया गिरफ्तार आरोपियों में पूर्व प्रधान का बेटा धर्मपाल सिंह, पोता अनिकेत और रजत पुत्र धर्मपाल सिंह जबकि चौथा आरोपी अंकित है। अंकित पूर्व प्रधान के दूसरे बेटे सत्यवीर का बेटा है। 
 
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फाइल फोटो - फोटो : social media
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विस्तार

मुरादाबाद के सिविल लाइंस थाना इलाके के मऊ गांव में 75 वर्षीय पूर्व प्रधान गजराज सिंह की हत्या उनके ही एक बेटे और तीन पोतों ने की थी। पुलिस ने मंगलवार सुबह चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर हत्याकांड का सनसनीखेज खुलासा किया। 
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पुलिस का दावा है कि बेटा और पोते जमीन बेचे जाने से नाराज थे। पुश्तैनी 150 बीघा जमीन में से केवल 65 बीघा जमीन ही बची है। हत्यारोपियों ने अपना गुनाह कबूल करते हुए बताया कि उन्होंने संपत्ति बचाने के लिए पूर्व प्रधान की गला घोंटकर हत्या की थी। 


पुलिस अधीक्षक नगर अमित आनंद ने बताया कि कुंदरकी थानाक्षेत्र के बाछल भूड़ गांव निवासी पूर्व प्रधान गजराज सिंह (75) का शव 29 अगस्त की रात सिविल लाइंस के मऊ लाइनपार गांव स्थित मकान की दूसरी मंजिल पर चारपाई पर पड़ा मिला था। 

गजराज सिंह यहां अकेले रहते थे, जबकि उनके दोनों बेटे धर्मपाल सिंह और सतवीर सिंह मूल गांव बाछल भूड़ में अपने-अपने परिवारों के साथ रहते हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला घोंटकर गजराज सिंह की हत्या की पुष्टि हुई थी। मृतक के बेटे धर्मपाल ने अंकुर निवासी गुरैठा थाना पाकबड़ा के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। 

पुलिस ने केस की तफ्तीश आगे बढ़ाई तो नामजद आरोपी की कोई भूमिका सामने नहीं आई। इसके बाद पुलिस पूर्व प्रधान के मूल गांव पहुंची। यहां पुलिस ने ग्रामीणों से पूछताछ की तो परिवार के लोगों पर ही शक गहराता चला गया। ये भी बात सामने आई कि गजराज सिंह के पास 150 बीघा जमीन थी। 

जिसमें से 12 बीघा जमीन बेचकर उन्होंने मऊ गांव में अपना अलग मकान बना लिया था। वह लगातार अपनी जमीन बेच रहे थे। इससे उनके पास 150 बीघा जमीन में से केवल 65 बीघा जमीन ही बची थी। उनके लड़के और पोते जमीन बेचने को मना करते थे, लेकिन गजराज नहीं मान रहे थे।

इसी बात को लेकर गजराज सिंह व उनके परिवार में विवाद रहता था। गजराज सिंह अब फिर जमीन बेचना चाह रहे थे। पुलिस का कहना है कि इसी बात को लेकर उनके बेटे व केस के वादी धर्मपाल ने अपने बेटे अनिकेत, रचित और भतीजे अंकित के साथ मिलकर उनकी हत्या करने की साजिश रक्षाबंधन से एक दिन पहले घर पर रची थी। 28 अगस्त की रात करीब 8 बजे सभी आरोपी गजराज सिंह के मऊ स्थित मकान पर पहुंच गए। 

यहां धर्मपाल और अनिकेत, अंकित, रचित ने गजराज सिंह की गला घोंटकर हत्या कर दी थी। इसके बाद धर्मपाल सिंह ने खुद व अपने बेटे और भतीजे को बचाने के लिए अपने भतीजे अंकित के साले अंकुर के खिलाफ हत्या का केस दर्ज करा दिया था। अंकित का अपने ससुरालियों से विवाद चल रहा था। मंगलवार दोपहर बाद पुलिस ने चारों आरोपियों को अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। 
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