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ग्रामीण बोले- हर पल मौत को बेहद करीब से देखा

Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Mon, 21 Jun 2021 12:50 AM IST
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पीलीभीत। बाढ़ में फंसे ग्रामीणों को जब एसएसबी जवान सुरक्षित निकालकर लाए तो भी इन सभी के चेहरे पर खासी दहशत देखी गई। तीन दिन तीन रात तक भूखे रहने के कारण इन सभी के चेहरे खासे मुरझाए थे। सुरक्षित स्थान पर आकर बोले- हर तरफ पानी ही पानी था। हम सभी एक-एक पल मौत को करीब आता देख रहे थे। एसएसबी न होती तो शायद हम में से कोई भी नहीं बचता।
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कलीनगर तहसील क्षेत्र के धुरिया पलिया के नदी पार इलाके में मवेशियों का पालने के लिए गौढ़िया बना रखी हैं। जहां करीब 300 मवेशी पाले जा रहे थे। यह इलाका शारदा नदी के पार हैं। पहाड़ों पर हुई तेज बारिश के चलते बृहस्पतिवार रात से ही शारदा नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने लगा और शनिवार दो लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने से स्थिति और भी बिगड़ती चली गई। इससे धुरिया पलिया क्षेत्र में शारदा नदी के पार बिजौरी इलाके में बनी गौढ़िया पूरी तरह से डूबने लगी। दो गौढ़ी पर मौजूद नौ ग्रामीण भी बाढ़ के पानी में घिर गए। धीरे-धीरे गौढ़ी क्षेत्र में बाढ़ का पानी बढ़ता चला गया। खतरा बढ़ता देख इन सभी नौ ग्रामीणों ने गौढ़ियों के छप्पर के ऊपर बैठकर सुरक्षित किया। इनमें से कुछ ग्रामीणों के पास मोबाइल फोन भी था। इस पर उन्होंने बाढ़ में फंसे होने की जानकारी देनी चाही, मगर घर वालों से संपर्क ही नहीं हो सका। इधर जब रविवार को चौथे दिन इन ग्रामीणों ने घर वालों को बाढ़ में फंसे होने की जानकारी दी तो हड़कंप मच गया। प्रशासनिक अफसर समेत एसएसबी नगरिया कट के इंचार्ज पदम देव रेस्क्यू टीम को लेकर करीब साढ़े ग्यारह बजे मौके पर पहुंच गए। ग्रामीण की खोजबीन को दो मोटरबोट से 12 जवानों को भेजा गया। बीहड़ इलाका होने के कारण बाढ़ के फंसे ग्रामीणों को खोज पाना आसान नहीं था। इस पर रेस्क्यू टीम में शामिल एसएसबी जवानों में जोर-जोर से आवाज देनी शुरू की। फंसे लोगों के जवाब देने पर रेस्क्यू टीम ने सभी से अपने-अपने हाथ उठाने को कहा, ताकि उन तक जल्द से जल्द पहुंचा जा सके। बाढ़ में फंसे छह लोगों को खोजकर एक मोटर वोट से सुरक्षित स्थान पर लाया गया। वहीं दूसरी मोटर वोट से गए जवानों ने शेष बचे तीन अन्य ग्रामीणों को खोज निकाला और उन्हें सुरक्षित स्थान पर लाया गया। सभी के सुरक्षित होने के बाद मौजूद अफसरों ने राहत की सांस ली। यह पूरा रेस्क्यू अभियान करीब डेढ़ घंटे तक चला। मौके पर मौजूद एसडीएम योगेश कुमार गौड़ ने बताया कि माधोटांडा निवासी ओमकार यादव, कल्याण, राहुल, अरविंद, डब्लू, नानक एक गौढ़ी पर थे। जबकि रामपाल, हरपाल और छोटू दूसरी स्थान पर फंसे थे। सभी को एसएसबी की मदद से सुरक्षित निकाल लिया गया है।

पहले कभी नहीं देखा ऐसा भयानक मंजर
माधोटांडा निवासी रामपाल और राहुल ने बताया कि चंद घंटों में हालात खराब हो गए। पानी बढ़ा तो पहले ऐसा लगा कि पानी बढ़ गया और कम भी हो जाएगा, मगर धीरे-धीरे पानी इतना बढ़ गया कि गौढ़ी डूबने लगीं। पानी बढ़ता देख गौढ़ी के मवेशी भी इर्दगिर्द हो गए। कुछ सोच पाते इससे पहले ही हर तरफ पानी ही पानी दिखाई देने लगा। ओमकार, छोटू ने बताया कि शनिवार रात अचानक पानी बढ़ गया कि डूबने की स्थिति पैदा हो गया। इस पर हम सभी ने छप्परों पर चढ़ गए और उसके बाद लगातार छप्परों पर बैठे रहे। हर पल मौत को करीब आते देखा। गनीमत यह रही कि मोबाइल फोन की बैटरी डाउन नहीं हुई। जैसे ही नेटवर्क मिला, हमने घर वालों को बताया। आज अगर एसएसबी के जवान न होते तो शायद हम में से कोई भी जिंदा न होता।
तहसील क्षेत्र के माधोटांडा के नौ ग्रामीण बाढ़ के पानी में फंस गए थे। एसएसबी की सहायता से इन सभी को सुरक्षित निकाल लिया गया है। इसमें ओमकार यादव, कल्याण, राहुल, अरविंद, डब्लू, नानक एक गौढ़ी पर थे, जबकि रामपाल, हरपाल और छोटू दूसरी स्थान पर फंसे थे। इसकी जानकारी उच्चाधिकारियों को दे दी गई है।
- योगेश कुमार गौड़, एसडीएम कलीनगर

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