उफान पर गंगा नदी, 50 बीघे धान की फसल डूबी

Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sun, 19 Sep 2021 11:08 PM IST
बढ़ा गंगा का जलस्तर।
बढ़ा गंगा का जलस्तर। - फोटो : RAIBARAILY
विज्ञापन
ख़बर सुनें
डलमऊ (रायबरेली)। गंगा नदी का जलस्तर चेतावनी बिंदु की तरफ बढ़ने से कटरी क्षेत्र के लोगों में हड़कंप मच गया है। पानी बढ़ने के कारण नदी किनारे रोपी गई करीब 50 बीघा धान की फसल डूब गई है।
विज्ञापन

क्षेत्रीय लोगों की मानें तो जिस तरह नदी का जलस्तर बढ़ रहा है, उससे कयास लगाए जा रहे हैं कि सोमवार तक जलस्तर चेतावनी बिंदु को पार करके खतरे के निशान बिंदु की तरफ बढ़ जाएगा। एक तरफ पानी में बढ़ोतरी हो रही है, वहीं तहसील प्रशासन की ओर से बाढ़ से निपटने की व्यवस्थाएं कागजों तक सीमित हैं। इससे लोगों में गहरी नाराजगी है।

बारिश के बाद गंगा नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी शुरू हुई। वैसे तो नदी का पानी कई दिन से बढ़ रहा था, लेकिन दो दिन से तेजी से पानी में बढ़ोतरी हुई। यही वजह है कि पानी चेतावनी बिंदु की तरफ बढ़ने को बेताब है।
केंद्रीय जल आयोग डलमऊ कार्यालय के मुताबिक गंगा नदी का चेतावनी बिंदु 98.360 मीटर है। इसके सापेक्ष रविवार को जलस्तर 97.840 मीटर नापा गया। दो घंटे में एक सेमी. की रफ्तार से पानी बढ़ रहा है।
इससे कटरी क्षेत्र के अंबहा, बबुरा, जमालन नहर मोहद्दीनपुर, जहांगीराबाद, पूरे रेवती सिंह, चकमलिक भीटी गांवों के लोगों में दहशत और भय का माहौल है। खास बात ये है कि कटरी क्षेत्र में किसानों की धान की फसल डूब गई है।
इससे अब फसल सड़ने का खतरा मंडरा रहा है। जिस तरह पानी में बढ़ोतरी हो रही है, उससे कहा जा रहा है कि और भी फसल किसानों की पानी में डूब जाएगी। इससे किसानों को और नुकसान उठाना पड़ेगा।
जंगली जीव-जंतुओं के काटने का खतरा
ग्रामीण सार्जन यादव, रामकिशन, रामाधार, जय किशन ने बताया कि गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने से गांवों में दहशत का माहौल है। खासकर जंगली जीव-जंतुओं के काटने का खतरा बढ़ गया है। नदी किनारे बोई गई फसलें जलमग्न हो गई हैं।
खासकर धान की फसल डूब गई है। हर बार नदी में बाढ़ आने पर फसलें डूब जाती हैं, लेकिन उसका मुआवजा तक नहीं मिलता है। फसलें डूबने से हम लोगों को नुकसान हुआ है। अच्छे फसल उत्पादन की उम्मीद को झटका लगा है।
चेतावनी बिंदु पार करने के बाद भी बाढ़ जैसे हालात होंगे। हालांकि गंगा नदी का जलस्तर अभी भी चेतावनी बिंदु से काफी दूर है। हालांकि सतर्कता बरती जा रही है। लेखपालों के सतर्क कर दिया गया है। नदी किनारे अवैध तरीके से बोई गई फसल डूबी है। बाढ़ आने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया जाएगा।
प्रतीत त्रिपाठी, तहसीलदार, डलमऊ

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
  • Downloads

Follow Us

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00