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कोसी नदी का जलस्तर घटा, सड़कों और खेतों में भरा हुआ है पानी

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Mon, 21 Jun 2021 11:46 PM IST
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रामपुर। बारिश थमने के बाद कोसी नदी का जलस्तर भी कम होने लगा है। अब कोसी नदी 193.78 मीटर (समुद्र तल से)पर बह रही है। जो कि खतरे के निशान 195.23 मीटर (समुद्र तल से) से नीचे है। ऐसे में अब ग्रामीणों को नदी किनारे के गांवों और खेतों में कटान का डर सताने लगा है। वहीं, अब भी सड़कों और खेतों में पानी भरा हुआ है। इससे लोगों को आवागमन में तमाम परेशानियां हो रही हैं। हालांकि, ट्रैक्टर ट्रालियों के सहयोग से दो पहिया वाहनों को पार कराया जा रहा है, जबकि तमाम लोग पैदल ही पानी के बीच से गुजरने को मजबूर हैं।
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पहाड़ी इलाकों में लगातार हो रही बारिश और रामनगर बैराज से 33148 क्यूसेक पानी छोड़ा गया था, जो शनिवार/रविवार को रामपुर आ गया था। इससे कोसी नदी उफान पर आ गई थी। लेकिन, अब बारिश का सिलसिला थम गया है। लिहाजा, कोसी नदी का जलस्तर कम होने लगा। सोमवार को कोसी नदी खतरे के निशान से काफी नीचे बह रही थी। सिंचाई विभाग के अफसरों की माने तो रामपुर में 195.23 मीटर (समुद्र तल से) पर कोसी नदी का खतरे का निशान है, जबकि सोमवार को कोसी नदी 193.78 मीटर पर बह रही थी। हालांकि, जलस्तर घटने के बाद भी किसानों के खेतों में पानी कम नहीं हुआ है। कोसी नदी का पानी रामपुर शहर की सीमा तक पहुंच गया है। रामपुर में गांधी समाधि से मुरादाबाद हाईवे की तरफ जा रहे बाईपास के किनारे बसे कुछ घरों में पानी घुसा हुआ है, जहां पशुओं को बांधने की जगह तक नहीं बची है। इसके अलावा कई मकान में जलभराव की स्थिति है। साथ ही घाटमपुर के निकट भी पानी पानी पहुंच गया है। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों की बात की जाए तो प्रानपुर रोड पर दो स्थानों पर सड़क के ऊपर से पानी बह रहा है, जिसकी वजह से दो पहिया वाहन चालकों को दिक्कतें आ रही हैं। हालांकि, आसपास के गांवों के लोग ट्रैक्टर ट्रालियों की मदद से लोगों के वाहनों एवं लोगों को पानी से पार करा रहे थे। वहीं, तमाम लोग पानी के बीच से होकर ही गुजरते नजर आए। शाहबाद की रामगंगा नदी की बात की जाए, तो इस नदी में कोसी नदी व रामगंगा नदी के मिलने के स्थान पर खतरे का निशान 196.36 मीटर(समुद्र तल से) है, जबकि सोमवार को नदी का जलस्तर 195.20 मीटर (समुद्र तल से) दर्ज किया गया। यहां भी जलस्तर तेजी से कम हो रहा है।

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पसियापुरा-चांदपुर से ग्रामीणों का आना-जाना शुरू
रामपुर। स्वार क्षेत्र के पसियापुरा और चांदपुर गांव के ग्रामीणों का आना-जाना सोमवार से शुरू हो गया है। संपर्क मार्ग कट जाने के कारण ग्रामीण गांव में कैद हो गए थे। सोमवार को पानी कम होते ही ग्रामीणों की चहलकदमी शुरू हो गई है। रामनगर बैराज से छोड़े गए पानी ने क्षेत्र में खूब तबाही मचाई है। कोसी से निकले पानी ने फसलों के साथ रास्तों को भी अपनी चपेट में ले दिया था। खेमपुर से पसियापुरा चांदपुर को जाने वाला मुख्य मार्ग भी बाढ़ के पानी में बह गया था। इसके चलते गांव के लोग अपने घरों में कैद होकर रह गए थे। संपर्क मार्ग कटने की सूचना से पुलिस और प्रशासन में हड़कंप मच गया था। रविवार को राजस्व और पुलिस टीम ने गांव पहुंचने की कोशिश की लेकिन कामयाबी नहीं मिली थी। सोमवार सुबह बाढ़ का पानी कम होने लगा तो गांव के रास्ते भी खुल गए। हालांकि गांव के रास्ते पर पानी आज भी चल रहा था लेकिन बहाव कम होने के कारण ग्रामीणों का आना-जाना शुरू हो गया। गांव का आना जाना शुरू होने के बाद प्रशासन ने भी राहत की सांस ली है।
कोट
फिलहाल हालात सामान्य हैं और किसी तरह का खतरा नहीं है। फिर भी सतर्कता के मद्देनजर लोग नदी के किनारे न जाएं। उन्होंने बताया कि कटान को रोकने के लिए ऐसे सभी स्थानों पर पैचिंग की गई है, जहां कटान होने की संभावना थी। सियाराम, अधिशासी अभियंता, सिंचाई विभाग

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