यूपीएससी में चमके सहारनपुर के पांच होनहार

Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sat, 25 Sep 2021 11:53 PM IST
-- यूपीएससी परीक्षा परिणाम में 175 वीं रैंक हासिल करने वाले रोमी सिंह डोंक
-- यूपीएससी परीक्षा परिणाम में 175 वीं रैंक हासिल करने वाले रोमी सिंह डोंक - फोटो : SAHARANPUR
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यूपीएससी में चमके सहारनपुर के पांच होनहार
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सहारनपुर। यूपीएससी (संघ लोक सेवा आयोग) की मेंस परीक्षा में सहारनपुर के पांच होनहार चमके हैं। इनमें सरसावा निवासी एक मेडिकल स्टोर संचालक की बेटी श्रेया सिंघल हैं, जिन्हें 176 वीं रैंक हासिल हुई है। सुलतानपुर चिलकाना की मूल निवासी मेघा जैन ने 277 वां स्थान प्राप्त किया है। वहीं, शहर के बापूजीनगर की रहने वाली स्मृति सिंह को 671 वीं रैंक मिली तो दिल्ली रोड स्थित पैरामाउंट ट्यूलिप निवासी उदित पुष्कर ने 674 वीं रैंक हासिल की है। नागल क्षेत्र के गांव डंकोवाली के मूल निवासी रोमी सिंह गुर्जर ने 175 रैंक हासिल की है।
श्रेया ने यूपीएससी परीक्षा में 176 वी रैंक प्राप्त की
सरसावा नगर में राजेश मेडिकल स्टोर के संचालक राजेश सिंघल की सबसे बड़ी बेटी श्रेया सिंघल ने शुक्रवार को घोषित सिविल सेवा के परिणाम में 176 भी रैंक हासिल की। पिता राजेश कुमार ने बताया श्रेया ने दो साल की कड़ी मेहनत के सफलता पाई है। इसमें संपूर्ण योगदान श्रेया की मेहनत और राह दिखाने वाले शिक्षकों का है। श्रेया ने कक्षा 1 से लेकर 12वीं तक की शिक्षा सरसावा के सेंट मेरीज एकेडमी से प्राप्त की। इसके बाद श्रेया का चयन जयपुर स्थित एमएनआईटी संस्थान में हो गया, वहां से श्रेया ने केमिकल इंजीनियरिंग में डिग्री प्राप्त की। शिक्षण के अंतिम वर्ष के दौरान ही श्रेया का चयन एक प्रतिष्ठित केमिकल इंडस्ट्री में हुआ, परंतु श्रेया का लक्ष्य कुछ और था, इसके लिए श्रेया ने नौकरी ठुकरा दी और दिल्ली आकर जामिया मिलिया से सिविल सर्विस के लिए दो साल तक तैयारी की तथा अपने दूसरे प्रयास में शानदार सफलता प्राप्त की। बताया हिंदी अंग्रेजी के अतिरिक्त श्रेया को जर्मनी भाषा का भी ज्ञान है। चार भाई-बहनों में सबसे बड़ी श्रेया की छोटी बहन भी आईटी इंजीनियर है, वहीं उसके दोनों छोटे भाई माध्यमिक शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। संयुक्त परिवार में रहने वाली श्रेया के तहेरे भाई भी आईटी इंजीनियर हैं जो प्रतिष्ठित कंपनियों में देश-विदेश में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। श्रेया की माता मीनाक्षी गृहिणी हैं। उन्होंने बेटी की सफलता पर खुशी जताते हुए कहा श्रेया की सफलता शिक्षकों तथा श्रेया की मेहनत का परिणाम है।

स्मृति को दूसरे प्रयास में मिली सफलता
बापूजीनगर में रहने वाली 25 वर्षीय स्मृति सिंह को यूपीएससी में दूसरे प्रयास में सफलता मिली। स्मृति ने बताया कि परीक्षा के लिए सेल्फ स्टडी की। उनकी प्रारंभिक शिक्षा सेंट मैरी एकेडमी से हुई। वर्ष 2017 में आईआईटी रुड़की से सिविल इंजीनियरिंग में बीटेक किया। वर्ष 2019 में भी यूपीएससी की परीक्षा में शामिल हुई थीं, तब कोचिंग भी की थी, लेकिन कुछ कमी रह जाने से सफल नहीं हो सकी थीं। अबकी बार सेल्फ स्टडी की और चयनित हो गईं। रैंक में सुधार के लिए फिर प्रयास करेंगी। स्मृति ने बताया कि वह करीब 8 घंटे पढ़ाई करती थीं। उन्हें डांसिंग और चेस खेलने में खास रुचि है। अपनी इस सफलता का श्रेय वह पिता सुनहरा सिंह और माता ऊषा सिंह को देती हैं, जो कामयाब होने के लिए हमेशा प्रेरित करते रहे। स्मृति सिंह के पिता सुनहरा सिंह ओएनजीसी देहरादून में महाप्रबंधक हैं। मां ऊषा सिंह पोस्ट ग्रेजुएट तक पढ़ी हैं, लेकिन गृहिणी हैं। वहीं, भाई रिपुदमन कुमार आईआईटी रुड़की से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में बीटेक कर चुका है तो दूसरा भाई साक्ष्य कक्षा 12वीं में है। स्मृति की कामयाबी पर परिवार में खुशी का माहौल है।
रोमी सिंह ने रोशन किया नाम
सहारनपुर। नागल क्षेत्र के गांव डंकोवाली के मूल निवासी वाले रोमी सिंह डोंक ने यूपीएससी के परीक्षा परिणाम में 175 वीं रैंक हासिल की है। रोमी के पिता दिनेश सिंह डोंक राजनीति शास्त्र के प्रवक्ता हैं और डायरेक्टरेट ऑफ एजुकेशन नई दिल्ली में कार्यरत हैं। इनका परिवार दिल्ली के करावलनगर में रहता है। रोमी की सफलता पर परिवार में खुशी का माहौल है। गांव डंकोवाली में इनके चाचा और ताऊ के परिवार ने भी खुशी जताई है। रोमी सिंह पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष अनीता चौधरी के भतीजे हैं।
उदित पुष्कर को मिली 674 वीं रैंक
सहारनपुर। यूपीएससी 2020 की परीक्षा के परिणाम में दिल्ली रोड स्थित पैरामाउंट ट्यूलिप निवासी उदित पुष्कर ने 674 वीं रैंक हासिल की है। उदित ने बताया कि उन्होंने आईआईटी कानपुर से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में ग्रेजुएशन किया। इसके बाद एक साल तक नौकरी की और फिर 2017 से सिविल सर्विस परीक्षा के लिए तैयारी शुरू कर दी। 2018 में असिस्टेंट कमांडेंट के रूप में चयनित हो गए थे, लेकिन उससे संतुष्ट नहीं थे। इसी कारण सिविल सर्विस के लिए 2020 की परीक्षा में शामिल हुए। उदित का कहना है कि सिविल सर्विस में आने की हमेशा से इच्छा रही, मैंने छोटे शहर से देखा है कि सरकारी मशीनरी कैसे कार्य करती है, मैं भी उसका हिस्सा बनना चाहता था। युवाओं के लिए उन्होंने संदेश दिया कि पहले खुद को जानिए, अपनी प्रतिभा को पहचाने और उस पर फोकस करें।
मेघा जैन को यूपीएसई परीक्षा में मिलीं 277 वीं रैंक
चिलकाना। सुलतानपुर चिलकाना के मूल निवासी हाई कोर्ट इलाहाबाद के जज रहे सतीश कुमार जैन की सुपौत्री मेघा जैन ने यूपीएसई की परीक्षा में ऑल इंडिया रेंक में 277 वां स्थान प्राप्त करके क्षेत्र का नाम रोशन किया । मेघा जैन के पिता सुकेश कुमार जैन दिल्ली में इनकम टैक्स कमिश्नर है तथा लंबे अरसे से दिल्ली में रह रहे हैं। मेघा जैन के यूपीएसई परीक्षा पास करने पर जैन समाज सुल्तानपुर के संरक्षक सुधीर कुमार जैन, अध्यक्ष वीरेंद्र कुमार जैन, महामंत्री विजेंद्र कुमार जैन, निशांक जैन, मनोज जैन, राजीव जैन, बोस कुमार जैन आदि ने शुभकामना दी। कहा कि मेघा जैन ने यूपीएसई में 277 वी रैंक प्राप्त करके कस्बे का नाम रोशन किया है।
मेघा जैन
मेघा जैन- फोटो : SAHARANPUR
-- यूपीएससी में 671 रैंक पाने वाली स्मृति सिंह अपने माता पिता के साथ
-- यूपीएससी में 671 रैंक पाने वाली स्मृति सिंह अपने माता पिता के साथ- फोटो : SAHARANPUR
श्रेया सिंघल
श्रेया सिंघल- फोटो : SAHARANPUR

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