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फॉर्मूला ठीक, पर प्रतिभा का सही मूल्यांकन मुश्किल

Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 22 Jun 2021 01:14 AM IST
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शाहजहांपुर। यूपी बोर्ड ने हाईस्कूल के बाद अब इंटरमीडिएट के रिजल्ट को लेकर फार्मूला तय कर दिया है। जो फार्मूला तय किया गया है, उसका सभी शिक्षकों और विद्यार्थियों ने स्वागत किया है। लेकिन इस फार्मूले से सही मूल्यांकन न हो पाने का डर भी उन्हें सता रहा है। विद्यार्थियों को लगता है कि परीक्षा देने का मौका मिलता तो वे और बेहतर कर सकते थे। प्रधानाचार्यों के अनुसार निर्धारित फार्मूले में प्री बोर्ड के अंकों का जो प्रतिशत तय किया गया है, उससे प्री बोर्ड में दिए गए मनमाने अंकों का अनावश्यक लाभ नहीं मिलेगा और विद्यार्थी को उसकी वास्तविक मेहनत के आधार पर ही अंक मिलेंगे।
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दसवीं और बारहवीं के विद्यार्थियों को प्रमोट करने के लिए सरकार की ओर से जो फार्मूला निर्धारित किया गया है, वह बिल्कुल सटीक है। अगर किसी स्कूल ने अपने विद्यार्थियों को प्री-बोर्ड में अनावश्यक रूप से बहुत अधिक अंक दिए भी हैं तो उससे बहुत लाभ नहीं होगा।

- रणवीर सिंह, प्रधानाचार्य, राजकीय इंटर कॉलेज
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सरकार का यह निर्णय छात्र-छात्राओं के हित में रहेगा। आने वाले समय में वह प्रत्येक कक्षा में अच्छी तैयारी करके परीक्षा देंगे। अमूमन देखा गया है कि छात्र कक्षा 9 वीं और 11वीं की परीक्षा सिर्फ पास होने के लिए देते हैं और ज्ञान अर्जित नहीं करते हैं। उन्हें सबक लेना होगा।
- मोहम्मद अयूब, प्रधानाचार्य, इस्लामियां इंटर कॉलेज
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स्वास्थ्य की दृष्टि से परीक्षा निरस्त करने का निर्णय बिल्कुल सही है, लेकिन इसका असर हमारे भविष्य से जुड़ी पहली मार्कशीट पर पड़ेगा। विद्यालय द्वारा आंतरिक मूल्यांकन के आधार पर हमारा अंकपत्र तो बन जाएगा, पर मेहनत को प्रदर्शित करने का मौका हमें नहीं मिलेगा।
- अभिषेक कुमार, कक्षा-10
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वो छात्र जो प्रत्येक परीक्षा को महत्व देते हैं, उनको सरकार के इस निर्णय से फायदा मिलेगा। जिन्होंने प्री-परीक्षाओं को हल्के में लिया होगा, उनको नुकसान हो सकता है। मैंने अपनी सभी परीक्षाओं को पूरी ईमानदारी से दिया था। तय फार्मूले का पूरा लाभ मिलेगा।
- शबद, कक्षा-10
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रिजल्ट के लिए यूपी बोर्ड की ओर से तैयार किया गया फार्मूला प्रशंसनीय है। इस फार्मूले से किसी छात्र का अहित नहीं हो सकता। हम अपने साल भर की मेहनत का प्रदर्शन करते हैं। उम्मीद करते हैं कि बोर्ड के निर्धारित फार्मूले से हमें उचित परिणाम मिलेगा।
- भानू प्रताप सिंह, कक्षा-12
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यूपी बोर्ड की परीक्षाओं को रद्द करने का फैसला लिए जाने के बाद अब रिजल्ट तैयार कराने को सरकार का यह निर्णय मेरे हिसाब से बिल्कुल ठीक नहीं हैं। क्योंकि कक्षा 11 की पढ़ाई कोई ठीक से नहीं करता है, जिसका नुकसान अब इंटरमीडिएट के अंकपत्र पर पड़ेगा।
- हर्षित, कक्षा-12

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