पर्यटन केंद्र बनने की ओर अग्रसर डुमरियागंज

Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sun, 26 Sep 2021 09:29 PM IST
डुमरियागंज क्षेत्र के गालापुर में स्थित मां वटवासिनी मंदिर का द्वार।
डुमरियागंज क्षेत्र के गालापुर में स्थित मां वटवासिनी मंदिर का द्वार। - फोटो : SIDDHARTHNAGAR
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पर्यटन केंद्र बनने की ओर अग्रसर डुमरियागंज
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डुमरियागंज। डुमरियागंज तहसील क्षेत्र में आधा दर्जन स्थानों पर पर्यटन विभाग और जन सहयोग से पर्यटकीय विकास हो रहा है। उसमें आमी नदी के उद्भव स्थल को विकसित करने के साथ ही गोरक्षनाथ तलैया, परशुराम वाटिका और 1857 की क्रांति के अमर सपूतों की याद में निर्मित होने वाला शहीद स्थल शामिल है।
डुमरियागंज के सिकहरा ताल से निकलकर बांसी, रुधौली, मगहर होते गोरखपुर तक जाने वाली आमी नदी तराई क्षेत्र की प्रमुख नदियों में शुमार है। बस्ती मंडल के तीनों जिलों के बड़े हिस्से आमी से प्रभावित हैं। देखरेख व संरक्षण के अभाव में विलीन होती नदी को बचाने के लिए पहल हुई है। विधायक राघवेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि सबसे पहले आमी नदी के उद्भव स्थल और गालापुर वटवासिनी मंदिर में पर्यटकीय विकास के लिए पर्यटन विभाग को अपना प्रस्ताव भेजा था। उस पर आमी नदी से तीन किमी तक नदी के रास्ते को अधिग्रहीत करने के साथ ही खुदाई का टेंडर हो गया है। गालापुर मंदिर में भी तेजी से विकास कार्य चल रहा है।

डुमरियागंज-इटवा मुख्य मार्ग पर स्थित धार्मिक तालाब के सुंदरीकरण के लिए गोरखनाथ तलैया के निर्माण के लिए भी करीब 50 लाख रुपये स्वीकृत हो चुके हैं। उसके तहत गोरखनाथ तलैया पर सीढ़ी निर्माण के साथ बीच तालाब में फव्वारा और गोरखनाथ की मूर्ति की स्थापना की जाएगी। सन 1857 की क्रांति में अमरगढ़ की लड़ाई में शहीद हुए वीर सपूतों की याद में शहीद स्थल पार्क का निर्माण करवाया जाएगा। वहां विशाल शिलापट्टों पर क्रांतिकारियों की गाथाएं अंकित होंगी। राप्ती नदी के तट पर हरिद्वार की तर्ज पर हर की पैड़ी का निर्माण कार्य चल रहा है। राप्ती नदी के बगल स्थित खाली भूभाग पर परशुराम वाटिका का भी निर्माण कार्य करवाया जा रहा है। लोगों के मॉर्निंग वॉक करने के लिए ट्रैक निर्माण के साथ ही योग करने के लिए हाल और भगवान परशुराम की प्रतिमा की स्थापना की जाएगी।
सिकहरा में हो सकेगा नौका विहार
डुमरियागंज। आमी नदी के उद्भव स्थली सिकहरा कोहड़ा में मौजूद तालाब के किनारे सीढ़ियों का निर्माण होगा। आमी नदी की ऐतिहासिकता को बताने वाला स्तूप, विशाल गेट, समारोह हाल और तालाब के किनारे लोगों के बैठने के लिए टीन शेड के साथ ही लोगों को आकर्षित करने के लिए तालाब में दो नौकायन की भी व्यवस्था की जाएगी। उससे क्षेत्र के बच्चे यहां आकर तालाब में स्टीमर पर सैर कर लुत्फ उठाएंगे।
नौग्रह के पेड़ों से बनेगा पार्क
डुमरियागंज। गालापुर स्थित मां वटवासिनी महाकाली मंदिर के पौराणिक व धार्मिक महत्व और आने वाले श्रद्धालुओं की आस्था को देखते हुए यहां पर्यटन विभाग से एक विशाल रामलीला मंच, दर्शनार्थियों के बैठने के लिए टीनशेड, चेजिंग रूम, शौचालय, बाउंड्रीवाल, सोलर लाइट, पार्किंग के अलावा नौग्रह के पेड़ों के पार्क और एक अन्य पार्क के निर्माण किया जाएगा।

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