बेहतर अनुभव के लिए एप चुनें।
INSTALL APP

रबी फसल में 37 हजार किसानों से वसूला गया प्रीमियम

Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Mon, 21 Jun 2021 10:18 PM IST
विज्ञापन
ख़बर सुनें
37 हजार किसानों से वसूला गया प्रीमियम
विज्ञापन

अभी तक किसी किसान के फसल क्षतिग्रस्त होने की नहीं भेजी है रिपोर्ट
प्राकृतिक आपदा पर ही मिलती है बीमित राशि, निजी क्षति पर नहीं मिलता लाभ
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। फसल बीमा के तहत जिले के 37873 किसानों से वर्ष 2020-21 की रबी फसल की प्रीमियम राशि 2.66 करोड़ रुपये वसूला गया। इनमें किसी किसान के फसल के नुकसान की रिपोर्ट अभी तक भेजी नहीं गई। जबकि इनमें कुछ किसानों की फसल निजी कारणों से क्षतिग्रस्त भी हुई, लेकिन उन्हें मुआवजा नहीं मिल सका। कारण बीमा शर्तों में सिर्फ प्राकृतिक आपदा से क्षति की भरपाई ही शामिल होना है।
जिले में 4.06 लाख किसानों के 2.45 लाख हेक्टेयर कृषि योग्य भूमि पर खेती की जाती है। इनमें 1.75 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल में रबी फसल और 1.72 लाख हेक्टेयर में खरीफ की फसल की खेती होती है। रबी की फसल के सीजन में जिले में 24 हजार किसानों ने बीमा कराया और उन्होंने बीमित राशि का प्रीमियम जमा किया। इनमें कई किसानों की कई हेक्टेयर गेहूं की फसल डंठल जलाने के दौरान क्षतिग्रस्त हो गई। इसके बावजूद उन्हें फसल की बीमित राशि नहीं मिल सकेगी। कारण बीमा शर्तों के अनुसार आगलगी प्राकृतिक आपदा में शामिल नहीं है। अगलगी की घटना में गेहूं की फसल क्षतिग्रस्त होने के बाद भी मुआवजे से वंचित बर्डपुर क्षेत्र के किसान रहमतुल्ला, हंसराज, उसका क्षेत्र के किसान रामफेर, जगदीश प्रसाद का कहना है कि उनका किसान क्रेडिट कार्ड बना है, जिसके बैंक खाते के माध्यम से बीमा की प्रीमियम राशि वसूली गई। अब फसल नुकसान होने के बाद भी उसका कोई लाभ नहीं मिला। जिला कृषि अधिकारी सीपी सिंह का कहना है कि नियमानुसार बीमित फसल के क्षतिग्रस्त होने पर किसानों को मुआवजा राशि दी जाती है।

ऐसे वसूली जाती है प्रीमियम राशि
जिले में कार्यरत यूनिवर्सल सोंपो जनरल इंश्योरेंस के जिला समन्वयक अजय कुमार का कहना है कि किसानों से खरीफ फसल में प्रति एक हेक्टेयर पर बीमित राशि 76 हजार रुपये की दो प्रतिशत (1465 रुपये) प्रीमियम राशि वसूली जाती है। जबकि रबी फसल में प्रति हेक्टेयर 71 हजार रुपये बीमित राशि के सापेक्ष डेढ़ प्रतिशत (1126 रुपये) प्रीमियम धनराशि जमा कराई जाती है। यह धनराशि केसीसी खाता अथवा जनसेवा केंद्र के माध्यम से जमा होती है।
सिर्फ प्राकृतिक आपदा से क्षति की होगी भरपाई
बीमा कंपनी के जिला समन्वय अजय कुमार का कहना है कि बीमा शर्तों के अनुसार सिर्फ प्राकृतिक आपदा से हुई क्षति की ही भरपाई हो सकती है। इसमें बाढ़, सूखा, आकाशीय बिजली आदि दैवीय आपदा शामिल है। जबकि निजी कारणों से हुए जलभराव और आगलगी आदि से बीमित फसलों की क्षति की भरपाई नहीं होगी।
सहमति पत्र के बाद कटेगा प्रीमियम
पहले किसानों के बैंक के केसीसी खाते से उनकी मर्जी के बिना ही फसल बीमा का प्रीमियम वसूल लिया जाता था। किसानों के विरोध के बाद नियम में बदलाव हुआ। लीड बैंक के जिला प्रबंधक ओमप्रकाश अग्रहरि का कहना है कि अब बिना सहमति पत्र के किसानों के केसीसी खाते से बीमा का प्रीमियम नहीं काटा जाता है। जो किसान बीमा कराना चाहते हैं उसी से प्रीमियम लिया जाता है और जो नहीं चाहता उसके खाते से प्रीमियम नहीं जाता है।
बाढ़ से क्षति का मिला मुआवजा
जिला समन्वयक अजय कुमार का कहना है कि वर्ष 2020 में 35 हजार किसानों के खरीफ फसल का बीमा हुआ था। इनमें जोगिया, उसका, बांसी, शोहरतगढ़ क्षेत्र के छह हजार किसानों को क्षतिग्रस्त फसल की बीमित राशि 2.69 करोड़ रुपये भुगतान किया गया था। उसका क्षेत्र के मणिकांत तिवारी, रामउजागिर आदि किसानों ने नियम में बदलाव करते हुए निजी कारणा से फसलों की क्षति का भी मुआवजा दिए जाने की मांग की।

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
Election
  • Downloads

Follow Us