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Siddharthnagar News: दो वर्ष से पांच नगर पंचायतों में नहीं बने शौचालय

Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Wed, 23 Nov 2022 11:31 PM IST
toilet not built for two years
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दो वर्ष से पांच नगर पंचायतों में नहीं बने शौचालय

- व्यक्तिगत शौचालय के लिए भटक रहे नवसृजित नगर पंचायतों के लाभार्थी
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। नवसृजित पांच नगर पंचायतों में दो वर्ष में एक भी व्यक्तिगत शौचालय नहीं बने, जबकि यहां 2,665 शौचालय बनाने का लक्ष्य निर्धारित था।
विभागीय आंकड़े की बात करें तो इन सभी नगर निकायों के सभी वार्ड ओडीएफ हो चुके हैं, जबकि यहां जरूरतमंद लाभार्थी शौचालय निर्माण को सरकारी अनुदान पाने के लिए भटक रहे हैं।
दो वर्ष पहले जिले में कपिलवस्तु (बर्डपुर), इटवा, बिस्कोहर, बढ़नीचाफा व भारतभारी नगर पंचायतों का गठन हुआ। इसके बाद इन नगर निकायों में शामिल क्षेत्र में ग्राम पंचायतों की तरफ से शौचालय समेत अन्य सरकारी योजनाओं का संचालन बंद हो गया। साथ ही नगर पंचायत की तरफ से जरूरतमंदों को व्यक्तिगत शौचालय निर्माण के लिए सरकारी अनुदान उपलब्ध कराने की दिशा में कोई पहल नहीं हुई।

नवसृजित नगर पंचायत कपिलवस्तु के हरनामपुर निवासी फूलचंद पुत्र काशीराम ने बताया की शौचालय अनुदान के लिए आवेदन एक वर्ष पहले आवेदन किया था, लेकिन अभी तक नहीं मिला। इसी तरह इन नगर निकायों में कई पात्र लाभार्थी व्यक्तिगत शौचालय के निर्माण के लिए सरकारी अनुदान पाने के लिए भटक रहे हैं।
अब इन नगर पंचायतों में लक्ष्य आवंटन के बाद प्रगति शून्य है। नगर पंचायत कपिलवस्तु के ईओ संदीप कुमार ने बताया कि शौचालय के लिए पोर्टल बनना था लेकिन अभी तक नहीं बन पाया है।
वित्तीय वर्ष का लक्ष्य
नगर पंचायत शौचालय लक्ष्य लागत लाख में प्रगति
कपिलवस्तु 531 21.24 शून्य
इटवा 571 22.84 शून्य
बिस्कोहर 485 19.40 शून्य
बढ़नीचाफा 583 23.32 शून्य
भारतभारी 495 10.38 शून्य
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निगरानी समिति में प्रस्तुत आंकड़ों में कमियां
स्वच्छ भारत मिशन समेत केंद्र सरकार की सभी योजनाओं की समीक्षा के लिए आयोजित निगरानी समिति की बैठक में प्रस्तुत आंकड़ों में कई कमियां हैं। इसमें जिले के 11 नगर निकायों में सिर्फ 103 वार्ड बताते हुए सभी को शौचमुक्त बताया गया है। जबकि 11 नगर निकायों में 186 वार्ड हैं। आंकड़ों में नवसृजित समेत सभी नगर निकायों के लिए 9,344 शौचालय का लक्ष्य दर्शाया गया है। इसके सापेक्ष मिले 18,071 आवेदन में 8,738 निरस्त किए गए हैं। वहीं, स्वीकृत और सत्यापित आवेदन 9,333 बताए गए हैं जबकि संपूर्ण लक्ष्य में ही नवसृजित नगर पंचायतों के 2,665 शौचालय शामिल हैं और इनमें एक भी आवेदन नहीं लिया गया।
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पोर्टल अपडेट नहीं होना बता रहे कारण
नवसृजित नगर पंचायत बढ़नी चाफा के ईओ नवीन कुमार सिंह ने बताया कि नये निकाय में पोर्टल एक्टीवेट नहीं होने के कारण कोई भी व्यक्तिगत शौचालय का नहीं बन सका है। भारतभारी के ईओ अजय कुमार पांडेय ने बताया कि नगर पंचायत भारत भारी में भी कोई व्यक्तिगत शौचालय का निर्माण नहीं हुआ है, इसका कारण एमआईएस पोर्टल एक्टीवेट नहीं हो पाना है। इसी तरह नवसृजित इटवा और बिस्कोहर नगर पंचायतों में भी एक भी व्यक्तिगत शौचालय का निर्माण नहीं हो सका है, जबकि इन सभी नगर निकायों में लक्ष्य के साथ ही एक करोड़ रुपये से अधिक लागत भी निर्धारित कर दिया गया था।
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