कम जमीन पर अधिक आय के बताए गुर

Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Tue, 27 Jul 2021 11:51 PM IST
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सीतापुर। उप कृषि निदेशक कार्यालय परिसर में कम जमीन से अधिकतम आय प्राप्त करने के लिए एकीकृत फसल प्रणाली का मॉडल तैयार किया गया है। यह किसानों के प्रशिक्षण के लिए विकसित किया गया है। इसके अनुरूप यदि किसान खेती करते हैं, तो वह एक एकड़ खेत में सालभर में ढाई लाख रुपये की आय प्राप्त कर सकते हैं। इस मॉडल का डीएम विशाल भारद्वाज ने मुआयना किया।
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इस मॉडल में खेत तालाब बनाकर मछली पालन, मुर्गी पालन, फसल उत्पादन एवं सब्जी की खेती के साथ-साथ तालाब के बांध पर अतिरिक्त आय के लिए पपीता लगाया गया है। उप कृषि निदेशक अरविंद मोहन मिश्र ने बताया कि इंट्रीग्रेटेड फार्मिंग सिस्टम एक ऐसी तकनीक है, जिससे छोटे एवं सीमान्त किसानों को अधिक मुनाफा होगा। किसानों को कम क्षेत्रफल से भी परंपरागत खेती की तुलना में अधिक आय प्राप्त होगी। पूरे परिवार के लिए वर्ष भर रोजगार उपलब्ध होगा।

मॉडल के मुताबिक खेतों में तालाब तैयार करवाया गया है। तालाब के अंदर मछली पालन किया गया है। मुर्गी पालन किया गया है। इसके अलावा एक हिस्से में सब्जियां तो दूसरे हिस्से में बागवानी भी की जा रही है। अनाज उत्पादन के लिए धान, गेहूं, मूंग की खेती करते हैं। उप कृषि निदेशक ने बताया किसानों की आय बढ़ाने के लिए केन्द्र एवं राज्य सरकार इंट्रीग्रेटेड फार्मिंग सिस्टम को बढ़ावा दे रही हैं।
इसी के तहत शासन खेत-तालाब स्कीम के तहत किसानों को खेतों में तालाब बनाने के लिए 50 प्रतिशत तक अनुदान दे रही है। इसके तहत सरकार बड़े तालाबों पर 1 लाख 14 हजार तथा छोटे तालाबों पर 52 हजार पांच सौ की राशि देकर मदद कर रही है। यह मॉडल जीरो बजट की खेती पर आधारित है।

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