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साहब बिन मांगे नहीं चाहिए पुलिस की सुरक्षा....

Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Mon, 21 Jun 2021 11:16 PM IST
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सुल्तानपुर। जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव को लेकर जिले की राजनीति में शह-मात का खेल जोरों पर है। जिला पंचायत सदस्यों को बिन मांगे पुलिस सुरक्षा देने पर सियासी हलके में घमासान मच गया है।
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सपा, कांग्रेस व निर्दलीय जिला पंचायत सदस्य पुलिस सुरक्षा देने पर सवालिया निशान लगा रहे हैं। सदस्यों का आरोप है कि शासन-प्रशासन के इशारे पर उनकी गतिविधियों पर नजर रखने के लिए उन पर जबरिया पुलिस सुरक्षा लादी जा रही है।

जिले में तीन जुलाई को जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव होना है, भाजपा ने पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष उषा सिंह को प्रत्याशी घोषित किया है। समाजवादी पार्टी ने सपा जिलाध्यक्ष पृथ्वीपाल यादव की भाभी केशा देवी को अधिकृत प्रत्याशी घोषित किया है।
इसौली के पूर्व विधायक चंद्रभद्र सिंह व पूर्व ब्लॉक प्रमुख भाई यशभद्र सिंह मोनू की बहन अर्चना सिंह निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में मैदान में हैं। कांग्रेस व बसपा ने अभी पत्ते नहीं खोले हैं।
चुनावों से पहले पुलिस ने लगभग सभी जिला पंचायत सदस्यों को सुरक्षा दे दी है। लेकिन चुनावों से पहले प्रमुख विपक्षी दल समाजवादी पार्टी, कांग्रेस व निर्दलीय उम्मीदवारों ने बिना मांगे ही पुलिस सुरक्षा दिए जाने पर एतराज जताया जा रहा है।
बिना मांगे दी सुरक्षा: सपा जिलाध्यक्ष
सपा जिलाध्यक्ष पृथ्वीपाल यादव ने बताया कि उनकी भाभी जिला पंचायत सदस्य केशा देवी को बिना मांगे दो पुलिस कर्मी दिए गए हैं, जबकि उन्हें इसकी आवश्यकता नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि शासन के इशारे पर जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में परोक्ष रूप से दखल देने के लिए पुलिस सुरक्षा दी गई है।
निजता हो रही भंग: कांग्रेस जिलाध्यक्ष
कांग्रेस जिलाध्यक्ष अभिषेक सिंह राणा की पत्नी सोनी सिंह जिला पंचायत सदस्य निर्वाचित हुई हैं। उनकी सुरक्षा में मोतिगरपुर थाने के दो पुलिस कर्मियों को लगा दिया गया है। इसका विरोध करते हुए सोमवार को जिलाध्यक्ष ने एसपी से मिलकर पुलिस सुरक्षा वापस लेने की मांग की। कहा कि पुलिस सुरक्षा मिलने से उनकी निजता भंग हो रही है।
सत्ता पक्ष के इशारे पर दी सुरक्षा: अर्चना सिंह
इसौली के पूर्व विधायक चंद्रभद्र सिंह सोनू की बहन अर्चना सिंह जिला पंचायत सदस्य निर्वाचित हुई हैं। वे बतौर निर्दलीय उम्मीदवार जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव लड़ रही हैं। उन्हें पुलिस सुरक्षा दी गई है, सोमवार को अर्चना सिंह ने एसपी से मुलाकात कर उन्हें दी गई पुलिस सुरक्षा वापस लेने की मांग की है। आरोप लगाया कि सत्ता पक्ष के इशारे पर उन्हें पुलिस सुरक्षा दी गई है।
पारदर्शी चुनाव कराने के लिए दी गई सुरक्षा: एसपी
पुलिस अधीक्षक डॉ. विपिन कुमार मिश्र ने बताया कि आगामी जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव को निष्पक्ष व पारदर्शी ढंग से पूरा कराने के लिए जिला पंचायत सदस्यों को पुलिस सुरक्षा मुहैया कराई गई है। कुछ जिला पंचायत सदस्य पुलिस सुरक्षा देने का विरोध कर रहे हैं। जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव को शांति पूर्ण व निष्पक्ष ढंग से संपन्न कराना पुलिस की प्राथमिकता है।

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