अजीत हत्याकांड के आरोप में गिरफ्तार गिरधारी खोलेगा पूर्वांचल की कई हत्याओं के राज

पुष्पेंद्र कुमार त्रिपाठी, अमर उजाला, वाराणसी Published by: स्‍वाधीन तिवारी Updated Wed, 13 Jan 2021 12:50 AM IST
अजीत सिंह (बायें) व घटनास्थल पर तैनात पुलिसकर्मी।
अजीत सिंह (बायें) व घटनास्थल पर तैनात पुलिसकर्मी। - फोटो : अमर उजाला
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वाराणसी के शिवपुर स्थित सदर तहसील परिसर में सारनाथ थाने के हिस्ट्रीशीटर नीतेश सिंह उर्फ बबलू की हत्या के पीछे की अहम वजह पूर्वांचल के एक बाहुबली सांसद और लखनऊ में रहने वाले एक रिटायर्ड डीएसपी के बेटे की वर्चस्व की लड़ाई थी।
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यह बात राजधानी लखनऊ में हुए मऊ के पूर्व जेष्ठ ब्लॉक प्रमुख अजीत सिंह की हत्या में वांछित रहे एक लाख के इनामी बदमाश कन्हैया विश्वकर्मा उर्फ गिरधारी उर्फ डॉक्टर के दिल्ली में गिरफ्तार होने के बाद सामने आई है। पुलिस अफसरों के अनुसार गिरधारी से पूछताछ में वर्ष 2016 से 2021 के बीच लखनऊ से बनारस तक मारे गए जरायम जगत के चार अहम लोगों की हत्या में शामिल शूटर और साजिशकर्ता बेनकाब होंगे।


वर्चस्व की लड़ाई में हुई कई हत्याएं
पूर्वांचल के कई बाहुबलियों की रियल एस्टेट और ठेकेदारी के काम में 70 के दशक से ही तगड़ी दखल रही है। इसके साथ ही इन सभी की चाहत यह भी रहती है कि लखनऊ तक उनके नाम की धमक हो। मुन्ना बजरंगी और पूर्वांचल के एक पूर्व बाहुबली सांसद की अदावत के पीछे भी यही एक अहम वजह रही।

इस अदावत में मुन्ना बजरंगी गिरोह पर करारा प्रहार तब हुआ जब लखनऊ के विकासनगर में पांच मार्च 2016 को उसके साले पुष्पजीत उर्फ पीजे की हत्या कर दी गई। पीजे की हत्या से बजरंगी उबर भी नहीं पाया था कि एक दिसंबर 2017 को लखनऊ के ग्वारी ओवरब्रिज पर उसके दाएं हाथ कहलाने वाले और वसूली मैनेजर वाराणसी के विश्वेश्वरगंज निवासी मोहम्मद तारिक की हत्या कर दी गई। 

खुलासा करना पुलिस के लिए चुनौती
इन दोनों हत्याकांड का सही खुलासा आज भी लखनऊ की पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ है। पुलिस सूत्र बताते हैं कि पीजे और तारिक की हत्या में भी 22 से ज्यादा आपराधिक मामलों के आरोपी गिरधारी की अहम भूमिका थी। इसके बाद नौ जुलाई 2018 को बागपत जेल में मुन्ना बजरंगी की हत्या कर दी गई।

पीजे की हत्या के बाद ही बजरंगी और कभी उसके घरेलू सदस्य रहे लखनऊ में रहने वाले रिटायर्ड डिप्टी एसपी के बेटे के संबंधों में खटास आ गई थी, जो दिनोंदिन बढ़ती ही चली गई। बजरंगी की हत्या के बाद जरायम जगत में उसकी जगह लेने के साथ ही लखनऊ के रियल इस्टेट कारोबार और पीडब्ल्यूडी के ठेकों में एकाधिकार के लिए पूर्व बाहुबली सांसद और रिटायर्ड डिप्टी एसपी के बेटे के बीच वर्चस्व की लड़ाई शुरू हो गई।

रिटायर्ड डिप्टी एसपी के बेटे की सरपरस्ती में रहने के कारण 30 सितंबर 2019 को शिवपुर सदर तहसील में बस, जमीन और अन्य धंधों से जुड़े नीतेश सिंह उर्फ बबलू की हत्या कर दी गई। इस हत्या से पूर्वांचल से लखनऊ तक यह संदेश देने का प्रयास भी किया गया कि जरायम जगत में अब बजरंगी की जगह पूर्व बाहुबली सांसद ने ले ली है। 
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