अतुल राय प्रकरण: वाराणसी जेल में बंद निलंबित डीएसपी अमरेश सिंह बघेल बर्खास्त, पुलिस अफसरों में हड़कंप

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: उत्पल कांत Updated Tue, 19 Oct 2021 09:22 PM IST

सार

बसपा सांसद अतुल राय प्रकरण में जेल में बंद निलंबित डीएसपी अमरेश सिंह को मंगलवार को बर्खास्त कर दिया गया। शासन की इस कार्रवाई ने बनारस से लखनऊ तक पुलिस महकमे को हिलाकर रख दिया है।
 
सांसद अतुल राय, अमरेश सिंह बघेल
सांसद अतुल राय, अमरेश सिंह बघेल - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
ख़बर सुनें

विस्तार

दुष्कर्म के आरोपी घोसी सांसद अतुल राय और पीड़िता के आत्मदाह प्रकरण में गलत जांच रिपोर्ट लगाने के आरोप में वाराणसी जेल में बंद निलंबित डीएसपी (भेलूपुर के पूर्व सीओ ) अमरेश सिंह बघेल को शासन ने बर्खास्त कर दिया। मंगलवार को हुई इस कार्रवाई के बाद से वाराणसी के पुलिस अफसरों में हड़कंप मचा हुआ है। 
विज्ञापन


दुष्कर्म पीड़िता को आत्मदाह के लिए उकसाने के आरोप में अमरेश सिंह बघेल को वाराणसी कमिश्नरेट पुलिस ने 30 सितंबर को बाराबंकी के हैदरगढ़ के टोल प्लाजा के पास से गिरफ्तार किया था। एक अक्तूबर को अमरेश सिंह बघेल को पुलिस ने न्यायालय में पेश किया था, जहां से उसे 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया था।

पढ़ेंः अतुल राय प्रकरण में आईपीएस अफसर समेत कई पर गिरफ्तारी की तलवार, पुलिसकर्मियों की धड़कनें तेज

देवरिया निवासी अमरेश सिंह बघेल ने वाराणसी के भेलूपुर सर्किल में सीओ रहते हुए दुष्कर्म के आरोपी अतुल राय को क्लीन चिट दी थी और मुकदमे में फिर से विवेचना की संस्तुति की थी। इसके बाद पुलिस महकमे में इस पर काफी हो हल्ला मचा तो शासन ने अमरेश सिंह बघेल को निलंबित करते हुए प्रयागराज के आईजी रेंज को जांच सौंपी थी।

तत्कालीन अफसरों की धड़कनें हुईं तेज

अमरेश सिंह बघेल
अमरेश सिंह बघेल - फोटो : amar ujala
अमरेश सिंह बघेल की गिरफ्तारी और बर्खास्तगी से तत्कालीन पुलिस अफसरों की धड़कनें तेज हो गई हैं। तत्कालीन काशी जोन के एडीसीपी रह चुके विकास चन्द्र त्रिपाठी भी एसआइटी की जांच के बाद से निलंबित चल रहे हैं। वहीं, एसएसपी अमित पाठक पर भी पीड़िता ने काफी आरोप लगाए थे। इसके बाद से गाजियाबाद एसएसपी अमित पाठक को हटाकर मुख्यालय से अटैच कर दिया गया है। दोनों अधिकारियों के खिलाफ जांच चल रही है।
पढ़ेंः निलंबित सीओ को वीआईपी ट्रीटमेंट देने में जुटी रही पुलिस, थानाध्यक्ष सारनाथ ने ढोया बैग

 

पीड़िता के खिलाफ कोर्ट में दी थी गवाही

सादे कपड़ों में अमरेश सिंह बघेल
सादे कपड़ों में अमरेश सिंह बघेल - फोटो : अमर उजाला
दिसंबर 2020 में निलंबित भेलूपुर के तत्कालीन सीओ अमरेश सिंह बघेल ने बसपा सांसद के प्रभाव में आकर दुष्कर्म पीड़िता के खिलाफ न केवल गलत रिपोर्ट लगाई बल्कि प्रयागराज के एमपी-एमएलए कोर्ट में सांसद अतुल के पक्ष में दुष्कर्म पीड़िता के खिलाफ गवाही भी दी थी। दुष्कर्म पीड़िता अंतिम सांस तक वाराणसी पुलिस के साथ ही सीओ अमरेश सिंह बघेल पर आरोप लगाती रही थी।

16 अगस्त को पीड़िता ने किया था आत्मदाह

अपने खिलाफ मुकदमे दर्ज होने और पुलिस द्वारा घेरे जाने से क्षुब्ध होकर ही दुष्कर्म पीड़िता व उसके गवाह साथी ने 16 अगस्त को नई दिल्ली स्थित सुप्रीम कोर्ट के बाहर आत्मदाह किया था। इसी आधार पर एसआईटी ने जांच की। वाराणसी पुलिस आयुक्त के गोपनीय पत्र पर डीसीपी काशी ने आख्या लगाई और लंका थाने में अमरेश सिंह बघेल पर आत्महत्या के लिए उकसाने सहित लोकसेवक पद की गरिमा धूमिल करने सहित अन्य आरोपों में मुकदमा दर्ज हुआ था।
पढ़ेंः  निलंबित सीओ की एक रिपोर्ट ने पीड़िता का तोड़ा हौसला, अंतिम सांस तक पुलिस को मानती रही दोषी



 
विज्ञापन

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00