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गाजीपुरः डीसीएम और बाइक की टक्कर में दो महिलाओं सहित तीन की मौत

ब्यूरो,अमर उजाला,गाजीपुर Updated Tue, 29 Aug 2017 07:33 PM IST
Bike Accident
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गाजीपुर जिले के सनेहुआ चट्टी में मंगलवार को डीसीएम और बाइक की आमने-सामने भिड़ंत में बाइकसवार युवक सहित दो महिलाओं की मौत हो गई। तीनों अलग अगल घर के हैं जो एक ही बाइक से कासिमाबाद जा रहे थे।  
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घटना के बाद मौके पर जुटे ग्रामीणों इसकी सूचना पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में ले लिया। पुलिस ने डीसीएम लेकर भाग रहे चालक को धर दबोचा। 


मऊ जिले चकरा गांव निवासी राजेंद्र की पत्नी ऊषा (40) अपनी भाभी मानती देवी (45) के साथ मां की तबीयत खराब होने पर पट्टीदार गोपाल (20) के साथ बाइक से कासिमाबाद थाना क्षेत्र के  इंदौर गांव स्थित मायके आ रही थी।

जैसे ही वह सनेहुआ चट्टी के पास पहुंचे कि मुहम्मदाबाद की ओर से तेज गति से आ रही डीसीएम से बाइक की आमने-सामने टक्कर हो गई। इस घटना में बाइक चला रहे युवक गोपाल राम की मौके पर मौत हो गई। जबकि दोनों महिला ऊषा देवी और मानती देवी गंभीर रुप से घायल हो गईं।

ग्रामीण इसकी सूचना पुलिस को देने के साथ ही घायल महिलाओं को इलाज के लिए सरकारी एंबुलेंस से जिला अस्पताल ले जाने लगे। रास्ते में मानती देवी ने दम तोड़ दिया। जबकि जिला अस्पताल में उपचार के दौरान ऊषा देवी की भी मौत हो गई। पुलिस ने तीनों शवों को कब्जे में लिया है।  

घटना की जानकारी होते ही इंदौर गांव के ग्रामीणों की भीड़ अस्पताल के मर्चरी हाउस के सामने लग गई। एक साथ तीन मौत होने की जानकारी मिलते ही तीनों के परिजनों में कोहराम मच गया। उधर टक्कर के बाद डीसीएम लेकर भाग रहे चालक को पुलिस ने धर दबोचा।

इस संबंध में थानाध्यक्ष त्रिवेणी लाल सेन ने बताया कि तीनों शव को कब्जे में लेकर जिला अस्पताल स्थित मर्चरी हाउस में रखवा दिया गया। परिजनों के आने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया जाएगा। 

ऑक्सीजन के अभाव में महिला ने तोड़ा दम!

ऑक्सीजन सिलेंडर
ऑक्सीजन सिलेंडर - फोटो : अमर उजाला
गाजीपुर जिला अस्पताल स्थित मर्चरी हाउस पहुंचे ग्रामीणों और सनेहुआ गांव के वेद प्रकाश पांडेय एवं सलामतपुर गांव निवासी वीरबहादुर चौहान ने बताया कि ऑक्सीजन के अभाव में मानती देवी ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। बताया कि अगर गंभीर रुप से घायल ऊषा देवी को भी एंबुलेंस में ऑक्सीजन मिल गया होता तो उसकी जान बच सकती थी। साथ ही खून रोकने का भी कोई इंतजाम नहीं था। उनका कहना था कि अगर सुविधा होती तो दोनों महिलाओं की जान बच गई होती।  
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