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Gyanvapi Case: अंजुमन इंतेजामिया पर कोर्ट ने लगाया 500 रुपये का हर्जाना, अब 22 को होगी सुनवाई

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: किरन रौतेला Updated Thu, 18 Aug 2022 03:55 PM IST
सार

ज्ञानवापी-श्रृंगार  गौरी मामले में जिला जज की अदालत में गुरुवार को सुनवाई हुई। कोर्ट ने प्रार्थना पत्र स्वीकार कर सुनवाई के लिए अगली तारीख 22 अगस्त नियत कर दी है। 

जिला जज की अदालत हुई सुनवाई
जिला जज की अदालत हुई सुनवाई - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

ज्ञानवापी-श्रृंगार गौरी दर्शन मामले में दाखिल वाद सुनवाई योग्य है या नहीं पर जिला जज डॉ. अजय कृष्ण विश्वेश की अदालत में गुरुवार को सुनवाई हुई। न्यायालय ने मामले में देरी की वजह से अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद कमेटी पर 500 रुपये का हर्जाना लगाया है। साथ ही प्रार्थना पत्र स्वीकार कर सुनवाई के लिए अगली तारीख 22 अगस्त नियत कर दी है। 



सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर राखी सिंह बनाम अन्य मामले में हो रही सुनवाई में अंजुमन इंतजामिया मसाजिद के मुख्य अधिवक्ता अभय यादव के निधन की वजह से चार अगस्त को पत्रावली उनके चैंबर में होने के कारण जवाबी बहस के लिए कमेटी ने 15 दिन का समय मांगा था।

स्थगन प्रार्थना पत्र पर जज ने जताई नाराजगी

अदालत ने 18 अगस्त की तिथि नियत की थी। गुरुवार को अंजुमन इंतेजामिया ने योगेंद्र सिंह मधु बाबू और शमीम अहमद का वकालत नामा दाखिल कर बहस की तैयारी के लिए 10 दिन के समय की मांग कर स्थगन प्रार्थना पत्र दिया। डीजीसी सिविल महेंद्र पांडेय के मुताबिक, इस पर जिला जज ने नाराजगी जताई।

उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन में सुनवाई की जा रही है जिसे विलंबित किया जा रहा है। कोर्ट ने सिर्फ दो दिन का मौका देते हुए अंजुमन पर 500 रुपये का हर्जाना लगाया और सुनवाई की तिथि 22 अगस्त नियत कर दी। अदालत में अंजुमन इंतजामिया की तरफ से हिंदू पक्ष की दलीलों पर जवाबी बहस अंजुमन इंतजामिया मसाजिद को करनी है।

राखी सिंह समेत 5 महिलाओं ने ज्ञानवापी स्थित शृंगार गौरी और अन्य देव विग्रहों के दर्शन की अनुमति मांगी है। जिस पर अंजुमन की आपत्ति पर वाद सुनवाई योग्य है या नहीं, इसी मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर सीपीसी ऑर्डर 7 रूल 11 के तहत जिला जज की अदालत सुनवाई कर रही है।
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