वाराणसी में स्टांप वसूली के लिए अब बकाएदारों की संपत्ति होगी कुर्क, 28 फरवरी तक की जाएगी नीलामी

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: हरि User Updated Fri, 05 Feb 2021 01:28 AM IST
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Social Media
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वाराणसी में स्टांप वसूली के लिए अब बकाएदारों की संपत्ति कुर्क की जाएगी। 10 दिन में वसूली नहीं होने पर 28 फरवरी तक इनकी नीलामी कराई जाएगी। यह निर्देश जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने राजस्व वसूली और कर करेत्तर की बैठक में दिया। बैठक में बताया गया कि 25 करोड़ 13 लाख रुपये की वसूली लंबित है। राजस्व वसूली में अपेक्षित प्रगति नहीं होने पर जिलाधिकारी ने चेतावनी जारी की है।
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नगर निगम और नगर निकाय गंगापुर व रामनगर की वसूली की अत्यंत खराब प्रगति पर जिलाधिकारी ने गहरी नाराजगी जताई। निर्देशित किया कि 25 फरवरी तक शत प्रतिशत वसूली सुनिश्चित कराई जाय। 10-10 सफाई कर्मियों को लगाकर प्रत्येक वार्ड से वसूली कराएं, मुनादी कराई जाय, एक सप्ताह में यदि वसूली नहीं देते तो उनके बिजली और पानी के कनेक्शन काट दिए जाएं।

जब तक वसूली नहीं, तब तक वेतन नहीं

इसी के साथ यह भी निर्देश दिया कि जब तक लक्ष्य की वसूली निकाय कर्मी नहीं करते, तब तक वेतन नहीं दिया जाएगा। पैमाइश की 963 में से 135 शिकायतों के ही समाधान होने पर सभी लेखपालों तथा डिप्टी कलेक्टर माल के पेशकार को नोटिस दिया। पांच वर्ष से ऊपर के लंबित 162 मामलों पर सभी पीठासीन व पेशकार को नोटिस देने का निर्देश देते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि जब तक शत प्रतिशत केस का समाधान नहीं हो जाता है, वेतन नहीं दिया जाएगा। न्यायिक तहसीलदार को चेतावनी दी कि सभी केस डिस्पोज नहीं किया तो फरवरी का वेतन नहीं मिलेगा। तहसील सदर के न्यायिक तहसीलदार के पास 298 वाद लंबित होने तथा 70 लाख के सापेक्ष केवल 22 लाख वसूली किए जाने पर एसडीएम सदर और तहसील पिंडरा की एक करोड़ 45 लाख की वसूली पूरी न करने पर एसडीएम व तहसीलदार को चेतावनी जारी की गई। 

पुलिस मुठभेड़ की मजिस्ट्रियल जांच में 25 तक दें साक्ष्य

 22 नवंबर को लालपुर पांडेपुर थाना स्थित रिंग रोड ऐढे़ मोड़ के पास हुई पुलिस मुठभेड़ की मजिस्ट्रियल जांच एसडीएम सदर प्रमोद कुमार पांडेय को दिया गया है। एसडीएम सदर प्रमोद कुमार पांडेय ने बताया है कि घटना के संबंध में यदि किसी व्यक्ति विशेष को कोई जानकारी हो और साक्ष्य पेश करना चाहते हों, तो 25 फरवरी तक न्यायालय कक्ष में उपस्थित होकर लिखित अथवा मौखिक रूप से प्रस्तुत कर सकते हैं। इस घटना में कुख्यात अपराधी मोनू उर्फ मोनी उर्फ अरविंद सिंह चौहान पुत्र स्वर्गीय हरिहर चौहान को गोली लगने से घायल हुआ था। जिसे अस्पताल ले जाने पर चिकित्सकों द्वारा मृत घोषित कर दिया गया था।
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