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इस वर्ष गणेश चतुर्थी पर बप्पा के घर में आगमन से होंगी ये राशियां धनवान
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आगरा मंडल में बुखार का कहर: डेंगू-वायरल से नौ बच्चों समेत 11 की मौत, फिरोजाबाद में पांच ने तोड़ा दम

आगरा मंडल में डेंगू और वायरल की समस्या कम होने का नाम नहीं ले रही है। शुक्रवार को ब्रज में नौ बच्चों समेत 11 लोगों की डेंगू व वायरल से मौत हो गई। अकेले फिरोजाबाद जिले में पांच बच्चों ने दम तोड़ दिया। इसके साथ ही कासगंज और मैनपुरी में दो-दो, एटा और मथुरा में एक पीड़ित की मौत हो गई। फिरोजाबाद में बघेल कॉलोनी निवासी अभय (7) पुत्र विपिन कुमार करबला निवासी शगुन (13) पुत्री पप्पू और मालवीय नगर गली नंबर छह निवासी कृष्णा (5) वर्ष पुत्र मनसुख की मौत हुई है। कश्मीरी गेट निवासी अनमता (7) पुत्री परवेश, भरत नगर झलकारी नगर निवासी इशिका बघेल (12) पुत्री राजकुमार बघेल ने भी दम तोड़ दिया। एटा में मिलावली निवासी वृद्ध मुंशीलाल (65) की बुखार से मौत हो गई। मैनपुरी के गांव जैनगढ़ी में रवी की 15 माह की बेटी अभि व अवनीश की तीन वर्षीय बेटी ताशी की भी बुखार से मौत हो चुकी है। कासगंज में शहर के मोहल्ला बनखंडी निवासी मुकेश पाठकर (40) और सानिया (12) पुत्री शेर मोहम्मद निवासी गनेशपुर की बुखार से मौत हो गई। मथुरा में चिराग दो माह पुत्र रवि निवासी सामौली की शुक्रवार को मौत हो गई। परिजनों के मुताबिक उसे चार दिन से बुखार था।
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फिरोजाबाद: बीमार को वार्ड ले जाते अस्पतालकर्मी फिरोजाबाद: बीमार को वार्ड ले जाते अस्पतालकर्मी

सियासत से सत्ता : गुजरात के बदलाव में यूपी के लिए भी बड़ा संदेश, असंतुष्टों को नसीहत

गुजरात में नए मंत्रिमंडल के गठन से भाजपा ने सिर्फ स्थानीय समीकरणों को ठीक करने का काम नहीं किया है बल्कि इसके जरिये यूपी व भाजपा शासित अन्य राज्यों के पार्टी नेताओं को समझाने के साथ बड़ा और कड़ा संदेश देने की कोशिश की है। असंतुष्टों को नसीहत भी दी है कि भाजपा में किसी को कभी भी किसी भूमिका के लिए मौका मिल सकता है, लेकिन उसके लिए संयम रखना होगा। दबाव बनाने से कुछ हीं मिलेगा। पाने के लिए क्षमता व योग्यता साबित करना ही होगा। संदेश सिर्फ  पार्टी के लोगों को नहीं है बल्कि विपक्ष को भी है कि भाजपा कभी भी कोई फैसला कर सकती है। 

भाजपा हाईकमान ने पिछले कुछ महीनों में उत्तराखंड में दो और कर्नाटक में येदियुरप्पा को मुख्यमंत्री पद से हटाकर नए चेहरों को मौका दिया। केंद्रीय मंत्रिमंडल से रविशंकर प्रसाद और प्रकाश जावडेकर जैसे बड़े चेहरों को बाहर किया। अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा गृहमंत्री अमित शाह के गृह प्रदेश गुजरात में बदलाव कर दिया। गुजरात में मुख्यमंत्री ही नहीं बल्कि पूरा मंत्रिमंडल बदलकर यह बता दिया गया कि कोई खुद को पार्टी के ऊपर न समझे। पार्टी हित पर आंच आने या चुनावी राज्यों में भाजपा की सत्ता वापसी में संकट दिखने पर किसी की भी कुर्सी छिन सकती है, उसका कद और पद कितना भी ऊंचा क्यों न हो। 

साधने का साथ समझाया भी

गुजरात में मुख्यमंत्री के साथ पूरा मंत्रिमंडल बदलकर शीर्ष नेतृत्व ने यूपी के उन लोगों को साधने के साथ समझाने की भी कोशिश की है जो किसी कारण खुद को उपेक्षित या अलग-थलग महसूस कर रहे हैं। नेतृत्व ने संदेश दिया है कि भाजपा में संभावनाओं व तरक्की के द्वार हमेशा खुले हैं। भले ही किसी पर बड़े या ताकतवर नेता का हाथ हो या न हो। बशर्ते अनुशासन के साथ संयम और विवेक रखें। पहली बार का विधायक मुख्यमंत्री बन सकता है और कई बार के विधायक अगर पार्टी की पुन: सत्ता प्राप्ति की राह में सक्रिय योगदान नहीं दे रहा है तो मंत्रिमंडल से ही नहीं किसी भी पद से किसी वक्त हटाया जा सकता है।

साथ चलें तो हो सकता है समायोजन

वरिष्ठ पत्रकार रतनमणि लाल भी कहते हैं कि गुजरात के जरिये मोदी और शाह ने प्रदेश में भाजपा के असंतुष्ट खेमे को प्रकारांतर से यह संदेश देने की कोशिश की है कि कोई असंतुष्ट नहीं रहेगा। आज नहीं तो कल उसे मौका मिलेगा जरूर। शर्त एक ही है कि अनुशासन में रहे और संगठन व सरकार के साथ चलें। लाल की बात मानें तो मोदी व शाह के गुजरात के फैसले से यूपी के उन विधायकों के लिए खासतौर से संदेश निकला है जिनको लेकर बीते दिनों तरह-तरह की खबरें सोशल मीडिया पर वायरल हुई हैं। संदेश साफ  है कि दबाव या खेमेबाजी से कुछ नहीं होने वाला। कुछ चाहिए तो संगठन व सरकार के साथ समन्वय बनाकर कदमताल करें। नहीं तो आने वाले दिनों में टिकट भी कट सकता है।

विपक्ष में भी सेंधमारी की कोशिश

राजनीतिक समीक्षकों का कहना है कि भाजपा नेतृत्व ने गुजरात के जरिये विपक्ष को भी सियासी बिसात पर कठघरे में खड़़ा कर उसमें सेंधमारी की कोशिश की है। राजनीतिक समीक्षक प्रो. एपी तिवारी कहते हैं कि छत्तीसगढ़, पंजाब और  राजस्थान की सियासी उठापटक को लेकर कांग्रेस नेतृत्व की असमंजस व अनिर्णय की स्थिति के बीच उत्तराखंड, कर्नाटक और अब गुजरात के फैसलों से भाजपा ने जन सरोकारों व दायित्वों के साथ पार्टी के आंतरिक फैसलों को लेकर विपक्ष से ज्यादा स्पष्ट और सजग होने का संदेश देने की कोशिश की है।

तिवारी कहते हैं कि राजनीति में मुद्दों पर सजगता और स्पष्टता जनता के बीच ही नहीं अन्य राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं के बीच उस दल की विश्वसनीयता बढ़ाती है। साथ ही दल और बाहर के लोगों की महत्वाकांक्षाओं को भी उत्साह व उम्मीद प्रदान करती है। इससे स्पष्ट है कि भाजपा ने विपक्षी दलों के भीतर भी उन लोगों को संकेतों में भाजपा के साथ चलने का न्यौता देने की कोशिश की है जो अपने दलों में किसी गुट या हाईकमान के कारण महत्वाकांक्षाओं को मुकाम तक पहुंचाने में मुश्किल महसूस कर रहे हैं।
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सावधान : मेरठ में कोरोना से राहत, डेंगू-स्क्रब टाइफस ने मचाई आफत

कोरोना से तो अब काफी राहत है, लेकिन डेंगू, वायरल बुखार और स्क्रब टाइफस आफत बन रहा है। मेरठ मंडल में स्क्रब टाइफस के 42 मरीज मिल चुके हैं, जबकि डेंगू के 288 मरीज मिले हैं। 

अपर निदेशक स्वास्थ्य डॉ. राजकुमार का कहना है कि डेंगू या स्क्रब टाइफस के मरीज मंडल में बढ़ रहे हैं, लेकिन घबराने की जरूरत नहीं है, इलाज मुहैया है। अस्पतालों में डेंगू वार्ड बने हैं और जांच की भी सुविधा उपलब्ध है। स्क्रब टाइफस के लक्षण मिलने पर तुरंत टेस्ट कराएं। अपंजीकृत डॉक्टर से इलाज न कराएं। टाइफस आरिएंटिया त्सुत्सुगामशी बैक्टीरिया के कारण होती है। मंडल में अलग से टीमें गठित की गई हैं। 

फिजिशियन डॉ. वीके बिंद्रा ने बताया कि स्क्रब टाइफस में मरीजों के जोड़ों में दर्द होता है। बुखार के साथ शरीर पर निशान पड़ जाते हैं। 7 से 8 दिन में मरीज ठीक हो जाता है। जिन लोगों को लंबे समय से बुखार या स्किन पर निशान बना रहता है, ऐसे लोगों को डॉक्टर के पास जाने में देर नहीं करनी चाहिए।

स्क्रब टाइफस: मेरठ मंडल के जिलों की स्थिति
जिला                      मरीजों की संख्या
गाजियाबाद                     34
गौतमबुद्धनगर                  03
हापुड़                                02
मेरठ                                 01
बुलंदशहर                         01
बागपत                             01

डेंगू: मेरठ मंडल के जिलों की स्थिति 

जिला                    मरीजों की संख्या
मेरठ                           142
गाजियाबाद               113
गौतमबुद्धनगर            13
बागपत                     11
हापुड़                   08
बुलंदशहर             01
(यह आंकड़े 16 सितंबर 2021 तक के हैं।)

डेंगू और स्क्रब टाइफस क्या है और कैसे होता है
डेंगू एक वायरल बीमारी है, जो कि मच्छर के काटने से होता है। वहीं स्क्रब टाइफस बैक्टीरिया से होता है, जो कि माइट (चिगर्स) के काटने से फैलता है। ये चूहे, छछूंदर और गिलहरी वगैरह से होते हुए भी इंसान तक पहुंच सकते हैं।

बचाव
- डेंगू से बचने के लिए लोग खुद को मच्छरों से बचाएं और मच्छर के पनपने के लिए कूलर, बर्तन, गड्ढे वाली जगह पर पानी न इकट्ठा होने दें।
- स्क्रब टाइफस से बचाव के लिए जंगल, झाड़ी या खेत वाली जगहों पर जाने से बचें। अगर जाएं तो हमेशा पूरी बांह वाले कपड़े पहनें। साफ-सफाई का ख्याल रखें। बुखार, सिरदर्द वगैरह होने पर डॉक्टर को दिखाएं, ताकि समय पर बीमारी की पहचान कर इलाज शुरू हो सके। 

लक्षण 
डेंगू की शुरुआत तेज बुखार व ठंड लगने के साथ होती है। सिरदर्द, कमरदर्द व आंखों में तेज दर्द हो सकता है। जोड़ों में दर्द, बेचैनी, उल्टियां और लो ब्लड प्रेशर जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं। 

स्क्रब टायफस में तेज बुखार, सिरदर्द, खांसी, मांसपेशियों में दर्द व कमजोरी जैसी परेशानियां हो सकती हैं।
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आगरा: दुकान में घुसकर लूट की कोशिश, विरोध पर कर्मचारी की गोली मारकर हत्या, लुटेरे फरार

आगरा के कालिंदी विहार में सौ फुटा मार्ग स्थित प्लाईबोर्ड एंड ग्लास एल्यूमीनियम की दुकान में शुक्रवार रात को बाइक से आए तीन बदमाशों ने लूट का प्रयास किया। कर्मचारी साहस दिखाते हुए दो बदमाशों से भिड़ गया। दोनों को घसीटते हुए दुकान से बाहर ले आया। इस पर तीसरे बदमाश ने उसे गोली मार दी। उसकी मौके पर ही मौत हो गई। क्षेत्र के लोगों ने पुलिस के देर से पहुंचने पर हंगामा किया। हालांकि एसएसपी मुनिराज जी. का कहना है कि पुलिस दस मिनट में मौके पर पहुंच गई।

एत्मादपुर निवासी वीर बहादुर उर्फ भूरा की कालिंदी विहार में सौ फुटा मार्ग पर राधिका प्लाईबोर्ड एंड ग्लास एल्यूमीनियम के नाम से शोरूम है। यहां पर शुक्रवार को मूलरूप से फर्रुखाबाद निवासी सुशील चौहान (32) पुत्र राजपाल चौहान काम करने आया था। वह दयालबाग में रह रहा था।

वीर बहादुर ने पुलिस को बताया कि उनके पास माल आने वाला था। इसलिए सुशील को दुकान पर रोक रखा था। रात तकरीबन 10:30 बजे दुकान पर एक बाइक पर तीन बदमाश आए। इनमें से दो बाइक से उतरकर अंदर आ गए। उन्होंने सामान दिखाने को कहा। इस पर वीर बहादुर सामान निकालने लगे। तभी बदमाशों ने गल्ले में रखे रुपये देने को कहा। उन्होंने विरोध किया तो धमकी देने लगे। इसके बाद बदमाश गल्ला खोलने का प्रयास करने लगे। 
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वाराणसी : पीएम के जन्मदिन पर रिकार्ड तोड़ लगा टीका, 222 केंद्रों पर 63090 लोगों का हुआ टीकाकरण

आगरा: युवक की हत्या के बाद जांच करती पुलिस
प्रधानमंत्री के जन्मदिवस पर वाराणसी में शुक्रवार को रिकार्ड तोड़ टीका लगाया गया। मेगा टीकाकरण अभियान तहत शहरी, ग्रामीण इलाकों में 222 केंद्रों पर कुल 63090 लोगों का टीकाकरण हुआ। इनमें सबसे ज्यादा 53352 लोगों को पहली डोज और 9738 लोगों ने दूसरी डोज लगवाई, जो बीते माह हुए एक दिन में लगने वाले टीकाकरण के मुकाबले सर्वाधिक है। इससे पहले एक दिन में 56 हजार टीकाकरण करने का रिकार्ड दर्ज किया था। 

सीएमओ डॉ वीबी सिंह ने बताया कि शहरी एवं ग्रामीण इलाकों में हर रोज के मुकाबले प्रधानमंत्री जन्मदिन पर जिला महिला अस्पताल कबीरचौरा, मंडलीय अस्पताल कबीरचौरा, आयुर्वेद कॉलेज, सीएचसी दुर्गाकुंड सहित कुल 222 केंद्रों पर टीकाकरण हुआ। जहां 18 से 44 साल के 57277 लोगों को टीका लगाया गया 45 साल से अधिक उम्र के 5813 लोगों का टीकाकरण किया गया। महिला स्पेशल केंद्र पर 329 महिलाओं ने टीका लगवाया। शनिवार को जिले में 60 केंद्रों पर केवल दूसरी डोज का टीका लगाया जाएगा। इसके लिए सुबह आठ बजे से कोविन पोर्टल पर बुकिंग कराई जा सकेगी।
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कानपुर: थानेदार ने डकैती को चोरी में दर्ज किया, अफसरों को करते रहे गुमराह, स्पष्टीकरण तलब

डकैती जैसा संगीन मामला होने के बाद भी गोविंदनगर पुलिस वारदात पर पर्दा डालती नजर आई। थाना प्रभारी अनूप सिंह अफसरों को मामूली चोरी बताकर गुमराह करते रहे। दोपहर में जब अफसरों को सोशल मीडिया से घटना की सही जानकारी मिली तब छानबीन में तेजी लाई गई।

शुक्रवार दोपहर को एडीसीपी डॉ. अनिल कुमार वारदात स्थल पर पहुंचे। उन्होंने भी पीड़िता आशा गुप्ता से पूछताछ की। एसीपी गोविंदनगर विकास पांडेय को जब पता चला कि थाना प्रभारी ने एफआईआर डकैती के बजाय चोरी में दर्ज की है। तो उन्होंने थाना प्रभारी को फटकार लगाई और स्पष्टीकरण तलब किया। एसीपी ने बताया कि पीड़िता के बयानों के आधार पर डकैती की धारा बढ़ाई जाएगी। 

पांच माह पहले ही आईं थीं आशा
आशा की बेटी रानी ने बताया कि मार्च में ही मां अपार्टमेंट में रहने आईं थीं। इससे पहले मां पिता के पैतृक निवासी गोविंद नगर भदौरिया पार्क के पास स्थित मकान में ही रहतीं थीं। पिता के सेवानिवृत्त होने के बाद यह फ्लैट खरीदा गया था। यहां आने के कुछ ही दिन बाद पिता का देहांत हो गया था।

डेढ़ घंटे तक की लूटपाट
अपार्टमेंट के प्रथम तल पर जी- टू में आशा गुप्ता और जी-वन में दीपक राठी का परिवार रहता है। बदमाश डेढ़ घंटे तक लूटपाट करते रहे, लेकिन पड़ोसियों को भनक तक नहीं लगी। करीब सवा तीन बजे आशा बंधन मुक्त हुईं थीं। सुबह करीब चार बजे कई थानों का फोर्स पहुंचा था। 

30 से 35 उम्र के बीच के थे डकैत
आशा गुप्ता ने बताया कि घर में दाखिल हुए डकैत 30 से 35 साल के बीच के थे। जिसमें एक बदमाश काफी मोटा था। आपस में काफी बदतमीजी और तू तड़ाक से बात कर रहे थे। कुछ बदमाशों ने नकाब पहना था कुछ के चेहरे खुले हुए थे। स्केच एक्सपर्ट की मदद से बदमाशों का स्केच बनवाया जा रहा है।
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