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Karwa Chauth 2021: पांच साल बाद बन रहा विशेष योग, इस समय निकलेगा चांद और ये है पूजा का शुभ मुहूर्त

महिलाओं के लिए अखंड सौभाग्य का व्रत करवाचौथ कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि 24 अक्तूबर (रविवार) को मनाया जाएगा। महिलाएं जीवन साथी की दीर्घायु और सुख-समृद्धि के लिए दिनभर निर्जल व्रत करेंगी। 

इस बार करवाचौथ पर्व पर पांच साल बाद विशेष योग बन रहा है। इस बार करवाचौथ पर रोहिणी नक्षत्र और रविवार का संयोग बन रहा है। यह संयोग पूरे पांच साल बाद आया है। इस संयोग में श्रीगणेश के साथ ही सूर्यदेव की भी विशेष कृपा होगी।

इस दिन व्रत रखने से गणेश भगवान के साथ ही सूर्यदेव का भी आशीर्वाद प्राप्त होगा। उन्होंने बताया कि करवाचौथ का व्रत निर्जल किया जाता है। इस व्रत में चंद्रमा के उदय होने पर भगवान गणेश, कार्तिकेय, माता पार्वती और भगवान शिव की पूजा करके चंद्रमा को अर्घ्य देकर व्रत समाप्त किया जाता है।

चतुर्थी तिथि को भगवान गणेश की जन्मतिथि मानी जाती है, इसलिए इस दिन महिलाओं के साथ ही कोई भी व्यक्ति उपवास रख सकता है। गणेश भगवान को विघ्न हरता कहा गया है, इसलिए इस व्रत के रखने से जहां विवाहित महिलाएं अपने सुहाग की रक्षा करती हैं, वहीं कुंवारी युवतियां इस व्रत को रखकर विवाह में आ रही बाधाओं को दूर करती हैं।
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ऋषिकेश: 24 घंटे बाद भी ओवरहेड वाटर टैंक से नीचे नहीं उतरे गीता भवन के निष्कासित कर्मचारी

ऋषिकेश में गीता भवन की आयुर्वेदिक फार्मेसी से निष्कासित नौ कर्मचारी और एक आठ साल का बच्चा आश्रम परिसर स्थित टंकी पर बीते 24 घंटे से नीचे नहीं उतरे हैं। प्रशासन और पुलिस की टीम मौके पर मौजूद है और उन्हें मनाने का प्रयास कर रही है, लेकिन कर्मचारी नौकरी पर वापस रखने और लंबित वेतन के भुगतान को लेकर लिखित आश्वासन के बाद ही नीचे उतरने की जिद पर अड़े हैं। वहीं गीता भवन ट्रस्ट ने मामला लेबर कोर्ट में विचाराधीन होने का हवाला देते मांगों को लेकर अपना पल्ला झाड़ दिया है।    

स्वर्गाश्रम स्थित गीता भवन की आयुर्वेदिक फार्मेंसी 16 दिसंबर 2020 को सिडकुल हरिद्वार स्थानांतरित हो गई थी। इसके बाद ट्रस्ट ने 32 कर्मचारियों को भुगतान करना बंद कर दिया था। 16 जून 2021 को इन कर्मचारियों को ट्रस्ट ने निष्काषित कर दिया था। इसके बाद कर्मचारियों ने ट्रस्ट के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।

हाल में न्यायालय की ओर से कर्मचारियों को आवास खाली करने का नोटिस जारी किया गया था। जिससे कर्मचारियों में जबरदस्त अक्रोश था। शुक्रवार सुबह निष्कासित कर्मचारी मनोरंजन पासवान, प्रमोद यादव, ललित पासवान, दलीप पासवान, मानव राय, श्रीराम पासवान, बहादुर पासवान, बिजेंद्र, धीरेंद्र सिंह बिष्ट टंकी पर चढ़ गए थे।

वहीं बहादुर पासवान का आठ वर्ष का बेटा श्रीधांसु भी उसके साथ था। कर्मचारी नौकरी पर वापस रखने, 11 महीने के लंबित वेतन के भुगतान, पीएफ, ईएसआई और बीमा की सुविधा मांग करने लगे। वहीं मांग पूरी न होने पर टंकी से कूदकर आत्महत्या करने की चेतावनी दी। तहसीलदार के निर्देश पर लेबर अफसर मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि लेबर कोर्ट 12 नंवबर को मामले की सुनवाई होनी है। तहसीलदार मनजीत सिंह लेबर अफसर से बात कर 23 अक्तूबर को सुनवाई तय कराई। लेकिन इसके बाद कर्मचारी नहीं माने। फिलहाल तहसीलदार कर्मचारियों को मनाने में जुटे हैं। 

लीज समाप्त कब्जा बरकरार 
तहसीलदार मनजीत सिंह को निष्कासित कर्मचारियों ने बताया कि ट्रस्ट को लीज पर मिली भूमि की अवधि समाप्त हो चुकी है। इसके बावजूद भी भूमि पर ट्रस्ट का कब्जा बरकार है। तहसीलदार ने कर्मचारियों को जिलाधिकारी को शिकायत देने या हाईकोर्ट याचिका दायर करने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि जिलाधिकारी या कोर्ट का आदेश मिलने पर आख्या वे ही तैयार करेंगे। ऐसे में अगर अवैध कब्जा है तो उस पर निश्चित तौर कार्रवाई होगी।

विधायक का फोन स्विच ऑफ, सासंद ने दिए निर्देश
मौके से कर्मचारियों ने स्थानीय विधायक रितु खंडूड़ी को फोन किया। लेकिन कर्मचारियों ने कहा कि पहले विधायक से बात हुई। इसके बाद अचानक उनका नंबर स्विच ऑफ हो गया। इसके बाद कर्मचारियों ने पूर्व मुख्यमंत्री और गढ़वाल सांसद तीरथ सिंह रावत को फोन मिलाया। उन्होंने कर्मचारियों को तत्काल मामले में कार्रवाई के लिए जिलाधिकारी को निर्देशित करने का आश्वासन दिया। 
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कोरोना टीकाकरण: देहरादून में डीएम ने निकाला पहला साप्ताहिक लकी ड्रॉ, टीका लगवाने वालों पर हुई इनामों की बरसात

कोविड टीके के दूसरी डोज लगाने वालों पर शनिवार को इनामों की बरसात हुई। जिलाधिकारी डॉ. आर राजेश कुमार की पहल पर शुरू की गई आकर्षक उपहार योजना का पहला साप्ताहिक लकी ड्रॉ शनिवार को कलेक्ट्रेट स्थित ऋषिपर्णा सभागार में निकाला गया। शाम को परेड मैदान में आयोजित कार्यक्रम में विजेताओं को सम्मानित किया गया। 

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जिलाधिकारी ने बताया कि 18 से 22 अक्टूबर के बीच करीब 18 हजार लोगों ने टीके की दूसरी डोज लगाई। इससे टीकाकरण में कुल 109 फीसदी की बढ़ोत्तरी हुई है। वैक्सीनेशन मेले का बहुत अच्छा रिस्पांस मिल रहा है। अभी 3.14 लाख लोगों को दूसरी डोज लगाई जानी है।

30 नवंबर तक सभी लोगों को दूसरी डोज लगाने का लक्ष्य रखा गया है। साप्ताहिक ड्रॉ के विजेता भी मेगा ड्रॉ में शामिल किए जाएंगे और उनके पास दोबारा पुरस्कार जीतने का मौका होगा। शाम को परेड मैदान में आयोजित कार्यक्रम में मेयर सुनिल उनियाल गामा, डीआईजी जन्मेजय खंडूरी, सीडीओ नितिका खंडेलवाल, सीएमओ डॉ. मनोज कुमार उप्रेती, पंकज मेसोन ने पुरस्कार प्रदान किए। मेयर गामा ने वैक्सीनेशन कार्यक्रम को आकर्षक बनाने के लिए जिलाधिकारी की सराहना की। 

कई आकर्षक पुरस्कार किए प्रदान
पहले साप्ताहिक लकी ड्रॉ में राहुल कुमार, शीला, ममता देवी, मनीश पंवार और डोभाल को सैमसंग मोबाइल मिला। दीपक सुयाल, दीक्षा, सीमा बेलवाल, मनीष कुमार, अजय शुक्ला को ट्रैक सूट, ईशा चौहान, आनंद अग्रवाल व संजीव कुमार को इंडक्शन, ग्रान्तिक राज, दीपक थपलियाल, जयंत, नागा कुमार वप्रेरणा शाह को शूज और दीपांशु कुमार, अशुमन कंडारी, पकंज, अंजू व राजेश चौहान को टी शर्ट मिली। 
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उत्तराखंड: आज कई जिलों में हल्की बारिश के आसार, फिलहाल मौसम साफ, चारधाम यात्रा सुचारू

उत्तराखंड के चारों धामों में यात्रा निरंतर चल रही है। केदारनाथ धाम में आज मौसम सामान्य है। बदरीनाथ धाम हेतु सड़क मार्ग सुचारू है। यात्री चारधाम यात्रा के लिए रवाना हो रहे हैं।

रविवार को केदारनाथ में मौसम सामान्य
केदारनाथ, बदरीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री में यात्रा जारी है। शनिवार शाम केदारनाथ धाम में बारिश और बर्फबारी के बाद आज रविवार को मौसम सामान्य है। केदारनाथ धाम के लिए हेलीकॉप्टर सेवा चल रही है। ऋषिकेश चारधाम बस टर्मिनल एवं हरिद्वार बस अड्डे से रविवार सुबह से ही तीर्थयात्री चारधाम को प्रस्थान हुए हैं। 

आज कई जिलों में हल्की बारिश के आसार
वहीं राजधानी दून समेत प्रदेश के कई इलाकों में रविवार को हल्की बारिश हो सकती है। हालांकि आज मौसम साफ बना हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार देहरादून के अलावा उत्तरकाशी, हरिद्वार, चमोली, नैनीताल व चंपावत में कुछ स्थानों पर बारिश होने के आसार हैं।

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कुछ स्थानों पर हल्के हिमपात की भी संभावना
गर्जन के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। इसके अलावा उत्तरकाशी व चमोली के 3500 मीटर व उससे अधिक ऊंचाई वाले कुछ स्थानों पर हल्का हिमपात भी हो सकता है। राजधानी दून में हल्के बादल छाये रहने की संभावना है। शाम के बाद कुछ जगहों पर हल्की बारिश हो सकती है।
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यमुनोत्री धाम यमुनोत्री धाम

मन की बात:  प्रधानमंत्री मोदी ने की बागेश्वर की पूनम से बात, जिले में शतप्रतिशत टीकाकरण होने पर दी बधाई

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात में बागेश्वर की हेल्थ वर्कर पूनम नौटियाल से बात की। पूनम बागेश्वर के स्वास्थ्य उपकेंद्र चामी में एएनएम पद पर तैनात हैं। प्रधानमंत्री ने बागेश्वर जिले में शतप्रतिशत टीकाकरण होने पर बागेश्वर के लोगों को बधाई दी।

हेल्थ वर्कर्स की भूमिका की सराहना की
प्रधानमंत्री मोदी ने उत्तराखंड में शत प्रतिशत टीकाकरण को लेकर शुभकामनाएं दीं और टीकाकरण को संपन्न कराने में हेल्थ वर्कर्स की भूमिका की सराहना की। उन्होंने पूनम से बातचीत के दौरान टीकाकरण को लेकर लोगों में उत्साह, पहाड़ों में टीकाकरण कराने को लेकर आई परेशानी को लेकर बातचीत की। पूनम ने बताया कि जनवरी में टीकाकरण की शुरुआत होने के बाद से वह लगातार इस कार्य में जुटी हैं। स्वास्थ्य केंद्र में टीकाकरण कराने के अलावा घर-घर जाकर भी लोगों को टीके लगाए। अधिकांश लोगों ने टीकाकरण को लेकर उत्साह दिखाया। लोगों को टीका लगाने के लिए प्रेरित किया गया। बुजुर्ग और दिव्यांग लोगों को घर-घर जाकर टीके लगाए। टीका लगवाने से बच रहे लोगों को बताया गया कि टीका पूरी तरह से सुरक्षित और असरदार है।

स्वास्थ्य केंद्र में आने वाले लागों की लिस्ट बनाई
पीएम ने पूनम से कहा कि उन्हें जानकारी मिली है कि उन्होंने (पूनम) आउट ऑफ वे जाकर कार्य किया है। पूनम ने बताया कि उन्होंने लोगों को टीकाकरण के लिए प्रेरित किया। स्वास्थ्य केंद्र में आने वाले लोगों की लिस्ट बनाई। जिन लोगों ने टीकाकरण नहीं कराया था, उन्हें घर-घर जाकर टीका लगाया। पीएम ने पूछा कि एक दिन में कितना क्षेत्र कवर करना पड़ता था। पूनम ने बताया कि एक दिन में आठ से 10 किमी के एरिया में टीकाकरण किया। पीएम ने कहा कि पहाड़ों में आठ से 10 किमी चलने में पूरा दिन निकल जाता है। पूनम ने बताया कि उनकी पांच लोगों की टीम ने घर-घर जाकर टीकाकरण कराया। जिसमें डॉक्टर, एएनएम, फार्मासिस्ट, आशा और डाटा इंट्री ऑपरेटर होते थे। पीएम ने संचार नेटवर्क की दिक्कत के बारे में पूछा तो पूनम ने बताया कि कुछ गांवों में संचार सुविधा नहीं होने के कारण डाटा बागेश्वर आकर फीड किया जाता था।

प्रधानमंत्री से बात करने के बारे में कभी सोचा नहीं
पीएम मोदी से बात करने के बाद एएनएम पूनम ने बताया कि प्रधानमंत्री से बात करने के बारे में कभी सोचा नहीं था। जिले के शतप्रतिशत टीकाकरण ने यह अवसर दिलाया। जब पता चला कि पीएम बात करेंगे तो बातचीत से पहले कई तरह के ख्याल आ रहे थे। प्रधानमंत्री से किस तरह से बात होगी। वह क्या-क्या सवाल पूछेंगे, लेकिन उन्होंने बड़ी सहजता से बात की। जिसके कारण बात करने से पहले जो मन में डर था, वह चला गया। उन्होंने टीकाकरण को लेकर किए गए कार्य की सराहना की, जो हमारे कार्य और विभाग के लिए उत्साहवर्धक है।
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PM Modi Uttarakhand Visit: प्रधानमंत्री कर सकते हैं आदिगुरु शंकराचार्य के समाधिस्थल का उद्घाटन

केदारनाथ में आदिगुरु शंकराचार्य के समाधिस्थल का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कर सकते हैं। पीएम मोदी का पांच नवंबर को केदारनाथ भ्रमण प्रस्तावित है।

पीएम मोदी ने किया था शिलान्यास
केदारनाथ धाम में समाधिस्थल का पुनर्निर्माण कार्य लगभग पूरा होने वाला है। सोमवार को यहां आदिगुरु शंकराचार्य की मूर्ति को भी स्थापित कर दिया जाएगा। अन्य जरूरी कार्य अगले दस दिनों में पूरे हो जाएंगे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजक्ट में शामिल केदारनाथ में आदिगुरु शंकराचार्य के समाधि स्थल को भव्य बनाया जा रहा है। 20 अक्तूबर 2017 को पीएम मोदी ने केदारनाथ पहुंचकर पुनर्निर्माण कार्यों का शिलान्यास किया था। इसमें समाधिस्थल का पुनर्निर्माण कार्य भी शामिल है।

अमर उजाला खास: केदारनाथ धाम में हेली कंपनियां उड़ा रहीं नियमों की धज्जियां

पांच नवंबर को केदारनाथ भ्रमण प्रस्तावित
25 अक्तूबर को यहां आदिगुरु शंकराचार्य की मूर्ति को यहां स्थापित कर दिया जाएगा। यह मूर्ति कर्नाटक में बनाई गई है, जिसका वजन 35 टन है। बताया जा रहा है कि पांच नवंबर को केदारनाथ पहुंचकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समाधि स्थल का उद्घाटन कर सकते हैं।
 
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अमर उजाला खास: केदारनाथ धाम में हेली कंपनियां उड़ा रहीं नियमों की धज्जियां

केदारनाथ यात्रा में हेलीकॉप्टर सेवा का संचालन करने वाली हेली कंपनियां भारतीय वन्य जीव संस्थान के मानकों और एनजीटी के नियमों का पालन नहीं कर रही हैं। केदारघाटी से धाम के लिए उड़ान भर हेलीकॉप्टर निर्धारित 600 मीटर की ऊंचाई पर नहीं उड़ रहे हैं। साथ ही हेली कंपनियां प्रतिदिन का शटल, साउंड व ऊंचाई का रिकाॅर्ड केदारनाथ वन्य जीव प्रभाग को नहीं भेज रही हैं। इस संबंध में प्रभागीय स्तर से हेली कंपनियों को पत्र भेजकर जवाब मांगा गया है।

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इस वर्ष छह कंपनियों के हेलीकॉप्टर गुप्तकाशी, शेरसी व बडासू हेलीपैड से केदारनाथ के लिए उड़ान भर रहे हैं। लेकिन ये हेलीकॉप्टर नदी तल से 150 से 250 मीटर की ऊंचाई पर ही उड़ रहे हैं। हेलीकॉप्टरों की उड़ान की यह ऊंचाई केदारनाथ वन्य जीव प्रभाग के भीमबली में स्थापित मॉनीटरिंग स्टेशन में रिकाॅर्ड हो रही है।

उत्तराखंड आपदा: केंद्रीय टीम ने लिया आपदा से क्षति का जायजा, व्यास घाटी से 40 और लोगों को रेस्क्यू किया

केदारनाथ वन्य जीव प्रभाग गोपेश्वर अमित कंवर का कहना है हेलीकॉप्टर की तेज आवाज से अति संवेदनशील क्षेत्र में प्रवास करने वाले दुर्लभ वन्य जीवों, वनस्पतियों को नुकसान पहुंच रहा है। साथ ही लोगों को भी परेशानी हो रही है। 

रिपोर्ट पर भी नहीं हुई कार्रवाई
वर्ष 2013-2014 में केदारनाथ वन्य जीव प्रभाग ने यात्राकाल में केदारघाटी के गुप्तकाशी, फाटा, बडासू, शेरसी, सोनप्रयाग, गौरीकुंड से लेकर केदारनाथ हेलीपैड तक हेलीकॉप्टर की ध्वनि व ऊंचाई का अध्ययन किया था।

रिपोर्ट के अनुसार केदारनाथ हेलीपैड पर हेलीकाप्टर की न्यूनतम ध्वनि 92 डेसीबल व अधिकतम 108 डेसीबल मापी गई थी। रिपोर्ट में कहा गया था कि हेलीकॉप्टर सेंचुरी एरिया में उड़ान भरते हुए नियमों का खुलेआम उल्लंघन कर रहे हैं। लेकिन सात वर्ष बीत जाने के बाद भी इस दिशा में कोई कार्रवाई नहीं हो पाई है।
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उत्तराखंड में कोरोना: शनिवार को 16 नए संक्रमित मिले, 169 हुई सक्रिय मरीजों की संख्या

हेलीकॉप्टर
उत्तराखंड में अब कोरोना संक्रमण कम हो रहा है। बीते 24 घंटे में प्रदेश में 16 नए कोरोना संक्रमित मिले हैं। वहीं, एक भी मरीज की मौत नहीं हुई है। जबकि 13 मरीजों को ठीक होने के बाद घर भेजा गया। सक्रिय मरीजों की संख्या 169 पहुंच गई है। 

स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी बुलेटिन के अनुसार, शनिवार को 12351 सैंपलों की जांच रिपोर्ट निगेटिव आई है। नौ जिलों अल्मोड़ा, बागेश्वर, चमोली, चंपावत, पौड़ी, रुद्रप्रयाग, टिहरी, ऊधमसिंह नगर और उत्तरकाशी में एक भी संक्रमित मरीज नहीं मिला है। वहीं,  देहरादून में नौ, हरिद्वार और पिथौरागढ़ में दो-दो व नैनीताल में तीन संक्रमित मरीज मिले हैं।

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संक्रमण दर 0.13 प्रतिशत पहुंची
प्रदेश में अब तक कोरोना के कुल संक्रमितों की संख्या 343815 हो गई है। इनमें से 330112 लोग ठीक हो चुके हैं। प्रदेश में कोरोना के चलते अब तक कुल 7398 लोगों की जान जा चुकी है। प्रदेश की रिकवरी दर 96.01 प्रतिशत और संक्रमण दर 0.13 प्रतिशत दर्ज की गई है। 
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उत्तराखंड: रुड़की में बेकाबू हो रहा डेंगू, 55 नए मरीजों में हुई पुष्टि, एक संदिग्ध की मौत 

उत्तराखंड के रुड़की और लंढौरा क्षेत्र में डेंगू बेकाबू होता जा रहा है। शनिवार को 55 मरीजों की पुष्टि के बाद जिले में यह आंकड़ा बढ़कर 167 पर जा पहुंचा है। वहीं गाधारोणा में एक व्यक्ति की संदिग्ध मौत हो गई है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव पहुंचकर जानकारी ली है, जिसके अनुसार मृतक को बुखार की शिकायत नहीं थी।

पेट संबंधी दिक्कत चल रही थी, जिसके कारण उसकी मौत हुई है। वहीं दूसरी ओर, मंगलौर के हरजौली गांव में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने शिविर लगाकर 38 लोगों के सैंपल लिए। हालांकि इस गांव में मलेरिया के 22 सैंपल की रिपोर्ट निगेटिव आई है। ऐसे में माना जा रहा है कि इन लोगों को डेंगू की शिकायत हो सकती है। 

गाधारोणा गांव में डेंगू ने पूरी तरह पैर पसार लिए हैं। हर घर में डेंगू पीड़ित व्यक्ति मौजूद है। शनिवार को आई रिपोर्ट में 33 में डेंगू की पुष्टि हुई है। वहीं आधा दर्जन से अधिक गंभीर मरीजों को सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। गांव में लगातार स्वास्थ्य विभाग की टीम डेरा जमाए हुए है।

आशा व स्वास्थ्यकर्मी घर-घर जाकर लोगों को जागरूक करने के बाद दवाई भी दे रहे हैं। सीएचसी लंढौरा प्रभारी डॉ. अमित डाबरा शनिवार को गांव पहुंचे और डेंगू पीड़ित मरीजों से उनका हाल जाना। उन्होंने घर में साफ सफाई रखने का आह्वान किया।
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उत्तराखंड आपदा: मृतकों की संख्या 80 पहुंची, व्यास घाटी से 40 और लोगों को सुरक्षित निकाला, जायजा लेने पहुंची केंद्रीय टीम

प्रदेश में भारी बारिश के बाद आई आपदा में मौतों का आंकड़ा बढ़ता ही जा रहा है। शनिवार को उत्तरकाशी में पांच और लोगों के शव मिलने की खबर है। जबकि दो लापता है। हालांकि सरकारी आंकड़ों में मृतकों की संख्या 72 बताई गई है। 

शनिवार को धारचूला के व्यास घाटी के गुंजी से 40 लोगों को रेस्क्यू कर पिथौरागढ़ लाया गया। इसमें हल्द्वानी निवासी एक ही परिवार के नौ लोग भी शामिल हैं। इसके अलावा हेलिकॉप्टर से एक मृतक का शव जिला मुख्यालय के नैनीसैनी तक लाया गया। इस बीच मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को भी आपदा पीड़ितों के आंसू पोंछे और कहा कि सरकार आपदा से सबक सीखेगी जिससे भविष्य में प्रबंधन के ढांचे को बेहतर किया जा सके।   

उत्तराखंड आपदा: पीड़ितों से मिलने चंपावत पहुंचे सीएम धामी, अधिकारियों को दिए युद्ध स्तर पर काम करने के निर्देश

मौसम बना बाधक, बादल और हल्की बारिश के कारण लौटे हेलीकॉप्टर
खराब मौसम के कारण शनिवार को भी सुंदरढूंगा में बचाव और खोजबीन अभियान सफल नहीं हो पाया। हताहत और लापता लोगों की खोजबीन के लिए कपकोट के केदारेश्वर मैदान से हेलिकॉप्टर ने दो बार सुंदरढूंगा ग्लेशियर के लिए उड़ान भरी। घटनास्थल के समीप हल्की बारिश और धुंध के कारण अभियान सुचारू नहीं हो पाया।

ये है हालात
जिला-               मृतक-              घायल-       लापता 
नैनीताल              35                     05            --
अल्मोड़ा              06                      02            --
बागेश्वर                 01                    --               --
चमोली                01                      04            02
पौड़ी                   03                      02             --
उत्तरकाशी          10                       04             02
चंपावत              11                        04              --
यूएस नगर           02                       03                --
पिथौरागढ़           03                       02                --
(आंकड़े राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार)
-------------
जिला          भवन हानि  
नैनीताल        74 
अल्मोड़ा        40
बागेश्वर         --
चमोली         15
पौड़ी              --
उत्तरकाशी     --
चंपावत          02
यूएस नगर     93
पिथौरागढ़      --
(आंकड़े राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार)
 
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Karwa Chauth 2021: उत्तराखंड के बाजारों में सुबह से रात तक उमड़ी रही भीड़, चारों तरफ दिखी रौनक, तस्वीरें 

रविवार को मनाए जाने वाले करवाचौथ के व्रत को लेकर महिलाओं ने पूरी तैयारी कर ली है। व्रत को लेकर उत्तराखंड के बाजारों में शनिवार को सुबह से ही शहर के मुख्य सभी बाजारों में महिलाओं की भीड़ जुटनी शुरू हो गई है। खास तौर पर मेहंदी लगवाने वालों के पास महिलाएं लाइन लगाकर अपनी बारी का इंतजार कर रही थी।

इसके अलावा बाजार में बैंग्लस स्टोर की दुकानों पर भी दिनभर भीड़ लगी रही। सभी दुकानों पर महिलाएं चूड़ियां, हाथों में मेहंदी आदि के साथ-साथ श्रंगार का सामान खरीदती रही। इसके अलावा फल, मिठाइयां, मट्ठी, फेनियां आदि की खरीदारी की। राजधानी देहरादून के पलटन बाजार में इतनी भीड़ उमड़ी रही कि पैर रखने तक की जगह नहीं मिली।

Karwa Chauth 2021: पांच साल बाद बन रहा विशेष योग, इस समय निकलेगा चांद और ये है पूजा का शुभ मुहूर्त

महिलाओं के लिए करवा चौथ का विशेष महत्व होने के कारण सभी महिलाएं इस दिन अपने पति की लंबी आयु की कामना को लेकर उपवास रखती हैं। हिंदू संस्कृति में करवाचौथ के त्योहार का महिलाओं के लिए विशेष महत्व है। शाम को मंदिरों में जाकर कथा सुनने के बाद व चंद्रमा को अर्घ्य देकर और पति के हाथ से आहार लेकर अपना व्रत पूरा करती हैं।
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उत्तराखंड: ट्रैकरों की मौत के बाद जागा प्रशासन, बिना अनुमति ग्लेशियरों की सैर पर गए तो होगी कड़ी कार्रवाई

उत्तराखंड में बिना अनुमति ग्लेशियरों की सैर पर गए पर्यटकों के खिलाफ वन विभाग सख्त कदम उठाएगा। आपदा के दौरान पंजीकरण संबंधी कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठने के बाद विभाग ने ट्रैकरों को भेजने वाले टूर ऑपरेटरों का पता लगाने और उनके खिलाफ कार्रवाई करने का फैसला कर लिया है। विभाग ने बीते दिनों आई आपदा में कई ट्रैकरों की मौत के बाद सबक लेते हुए भविष्य के लिए पंजीकरण संबंधी कार्यप्रणाली को बेहतर बनाने के लिए भी कमर कस ली है।

प्रदेश में तीन दिन की बारिश के बाद पिंडारी, सुंदरढूंगा और कफनी ग्लेशियरों में करीब 75 पर्यटक और स्थानीय लोग फंस गए थे। पर्यटकों में बंगाल, महाराष्ट्र के अलावा अमेरिकी मूल के लोग भी शामिल थे। ट्रैकरों के फंसने के बाद खोजबीन की गई तो किसी का भी रिकॉर्ड वन विभाग के पास दर्ज नहीं था, जबकि वन क्षेत्र में पड़ने वाले ग्लेशियरों की यात्रा के लिए वन विभाग में पंजीकरण कराना अनिवार्य है।

उत्तराखंड आपदा: ग्लेशियरों की सैर पर जाने वालों से प्रशासन ‘अंजान’, नहीं है कोई रिकॉर्ड

शुक्रवार को अमर उजाला ने "ग्लेशियरों की सैर पर जाने वालों से प्रशासन अंजान" शीर्षक से खबर प्रकाशित की। जिसमें प्रशासन के कार्यप्रणाली को उजागर किया गया। वन विभाग ने तय किया है कि जितने भी देशी और विदेशी पर्यटक बिना पंजीकरण कराए ग्लेशियरों की सैर पर गए थे, उनके टूर ऑपरेटरों का पता लगाया जाएगा। जिसके बाद ऑपरेटरों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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उत्तराखंड आपदा: पीड़ितों से मिलने चंपावत पहुंचे सीएम धामी, अधिकारियों को दिए युद्ध स्तर पर काम करने के निर्देश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि इस आपदा से हुए नुकसान से सबक लेते हुए आपदा प्रबंधन को और बेहतर किया जाएगा। सरकार की प्राथमिकता आपदा पीड़ितों को राहत देने, बंद संपर्क मार्गों को खुलवाने, बिजली, पेयजल आपूर्ति सुचारु करवाने के साथ ही रसद आदि की व्यवस्था करने पर है। सीएम ने बताया कि आपदा प्रबंधन के सुधार के लिए विभाग के ढांचे को पुनर्गठित किया जा रहा है।

चंपावत में पत्रकारों से बातचीत में सीएम ने कहा कि तीन दिन की भारी बारिश से प्रदेश में भारी नुकसान हुआ। आपदा से हुए नुकसान की भरपाई के लिए युद्धस्तर पर काम किया गया है। चार धाम और अन्य धार्मिक यात्रा पर फंसे एक लाख पर्यटकों को निकालने में सफलता प्राप्त की। 

उत्तराखंड: हर्षिल-छितकुल लम्खागा पास से सात पर्यटकों के शव मिले, दो लापता की तलाश जारी

मुख्यमंत्री ने बांटा आपदा पीड़ित का दुखदर्द
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को चंपावत, धारचूला, पिथौरागढ़ और अल्मोड़ा में आपदाग्रस्त क्षेत्रों का दौरा कर पीड़ितों का हाल जाना और  उनका दुखदर्द बांटा। इस दौरान सीएम ने उन्हें हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया। चंपावत जिले के तेलवाड़ा में 19 अक्तूबर को आई आपदा में मारे गए जानकी देवी, आरती और विक्रम राम के घर जाकर सीएम इस दौरान सीएम ने आपदा में मारे गए लोगों के परिजनों को ढाढ़स बंधाया। सीएम ने सभी अफसरों को आपदा में मारे गए लोगों के परिजनों को हर तरह की राहत पहुंचाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने आपदा पीड़ितों को इलाज और अन्य जरूरी सुविधाएं देने की हिदायत भी दी। 

इसके बाद सीएम ने चंपावत में आपदा प्रबंधन की समीक्षा बैठक की। इसमें सीएम ने अधिकारियों को राहत और बचाव कार्यों में लापरवाही न बरतने की हिदायत दी। वहीं, विधायक फर्त्याल ने आपदा राहत में हीलाहवाली पर प्रशासन की क ार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। सीएम ने आपदा प्रभावित क्षेत्रों का भूसर्वेक्षण कर लोगों को विस्थापित करने के लिए जमीन तलाशने के आदेश दिए। उन्होंने कहा कि आपदा से निपटने के लिए उपकरणों की जरूरत होने पर इनकी खरीद करें। उन्होंने दो दिन के भीतर व्यवस्थाओं को सुधारने के आदेश दिए।

चंपावत से सीएम धारचूला पहुंचे। यहां उन्होंने आपदा में मृत लोगों की आत्मा की शांति के लिए एक मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी। पिथौरागढ़ में सीएम ने जिले की बंद सड़कों को खोलने के लिए युद्ध स्तर पर कार्य करने के निर्देश दिए। सीएम ने लोनिवि से सात नवंबर से  पहले जिले की सड़कों को गड्ढा मुक्त करने के लिए भी कहा। उन्होंने क्षतिग्रस्त पेयजल लाइनें, बिजली लाइनें, सड़कों को ठीक करने के साथ ही खाद्यान्न, तेल, गैस समेत सभी व्यवस्थाएं यथाशीघ्र दुरुस्त करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। इस दौरान सीएम ने 12 आपदा प्रभावितों को कुल 23 लाख रुपये की राशि के चेक सौंपे। 

पिथौरागढ़ में आपदा पीड़ितों का हाल जानने के बाद सीएम ने अल्मोड़ा जिले के आपदाग्रस्त क्षेत्रों का भी जायजा लिया और आपदा पीड़ितों के मिले। सीएम ने कहा कि आपदा प्रभावितों को उबारना सरकार की प्राथमिकता है। आपदा में सिराड़ निवासी लीला देवी और एनटीडी हीराडुंगरी निवासी 14 वर्षीय अरोमा की मलबे में दबकर मौत हो गई थी। सीएम ने अल्मोड़ा पहुंचकर दोनों मृतकों के परिजनों को सांत्वना दी। 

अलर्ट के कारण नहीं हुई अधिक जनहानि
सीएम ने कहा कि मौसम विभाग की चेतावनी के बाद सतर्कता बढ़ने से जनहानि कम हुई। उन्होंने कहा कि अयोध्या से आने के बाद उन्होंने तुरंत ही जिलाधिकारियों के साथ बैठक कर जरूरी कार्रवाई के निर्देश दिए। चार धाम यात्रा भी रोक दी गई।
उन्होंने कहा आपदा पर किसी का बस नहीं है। 1980 के बाद पहली बार रिकॉर्डतोड़ बारिश हुई है। इस बार की आपदा वर्ष 2013 की आपदा से कम नहीं थी। सीएम ने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बहुत मनोबल बढ़ाया। केंद्र से हरसंभव मदद मिली है। 
 
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