मॉक ड्रिल ः  भूकंप से अस्पताल धराशायी, 15 घायल!

अमर उजाला ब्यूरो, अल्मोड़ा। Updated Sun, 01 May 2016 10:56 PM IST
पूर्वाभ्यास के प्रशिक्षण में मौजूद प्रतिभागी।
पूर्वाभ्यास के प्रशिक्षण में मौजूद प्रतिभागी। - फोटो : अमर उजाला
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 संभावित आपदा के समय राहत और बचाव के लिए तैयारियों का जायजा लेने को छह मई को मॉक ड्रिल होगा। रविवार को मॉक ड्रिल का पूर्वाभ्यास किया गया। काल्पनिक तौर पर प्रशासन को 7.7 तीव्रता के भूकंप आने से जिला अस्पताल भवन ध्वस्त होने की सूचना मिली।
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प्रशासन के निर्देश पर बचाव, राहत कर्मियों ने मौके पर पहुंच कर आपरेशन शुरूकिया। अभ्यास दुर्घटना में 15 लोग घायल हुए। गंभीर रूप से घायल आठ को बेस अस्पताल, साधारण सात घायलों का अस्थायी शिविर में उपचार किया गया

मॉक ड्रिल के पूर्वाभ्यास के लिए प्रशासन के निर्देश पर आईटीबीपी, पुलिस, स्वास्थ्य कर्मी, एनएसीसी कैडेट्स, स्काउट्स आदि विभागों के कर्मी एसएसजे परिसर में एकत्र हुए। वहां उन्हें आपदा के समय सौंपे जाने वाले दायित्वों के निर्वहन, आपदा न्यूनीकरण को बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में बताया गया।

प्रशिक्षण के बाद अभ्यास के लिए हुए डेमो में काल्पनिक भूकंप से जिला अस्पताल परिसर का भवन ध्वस्त हो जाने से लोगों के भवन में फंसे होने की सूचना दी। सूचना मिलते ही पूर्व में सौंपे गए दायित्वों के मुताबिक बचाव, राहत कर्मी मौके पर पहुंचे।

अन्य कर्मचारी अस्थायी अस्पतालों, राहत शिविरों, पोस्टमार्टम हाउस, पेयजल, बिजली, सड़क, दूरसंचार आदि कामों में जुट गए। अभ्यास के दौरान मलबे में दबे घायलों को निकाल कर एंबुलेंसों के जरिए बेस अस्पताल पहुंचाया। इस दौरान वायरलेस सेटों के जरिए सूचनाएं प्रसारित कर मौके पर जरूरी सुविधाएं जुटाई गई। प्रशिक्षण और जिला अस्पताल में हुए डेमो के दौरान डीएम सविन बंसल, एसएसपी केएस नगन्याल, एडीएम इला गिरी, एसडीएम विवेक राय, एनएस नगन्याल, हेमंत वर्मा, आईटीबीपी के सहायक सेनानी पुनीत सचदेवा आदि अधिकारी थे। पूर्वाभ्यास के बाद डीएम ने सभी कर्मियों से प्रबंधन में हुई त्रुटियों आदि की जानकारी ली और आगे बेहतर तैयारियां करने के निर्देश दिए।

पूर्वाभ्यास को सच समझ बेहोश हो गई महिला
अल्मोड़ा। पूर्वाभ्यास के दौरान जैसे ही बचाव और राहत कर्मियों के वाहन जिला अस्पताल के पास रुके। बचाव कर्मी रस्सियों के सहारे दो मंजिले भवन में चढ़ने लगे। इस नजारे को देख कई लोग घटना को वास्तविक समझ बैठे। अस्पताल परिसर में ऑपरेशन शुरू होते ही एक महिला सच में बेहोश हो गई।

बेहोश महिला को बाहर लाते समय आईटीबीपी के सहायक सेनानायक जोर-जोर से चिल्लाते रहे कि महिला वास्तव में बेहोश है। उसे उपचार के लिए अस्पताल ले जाना है, ताकि गलत फहमी में कोई उसे डेमो का किरदार नहीं समझ बैठे। वहां मौजूद अधिकारियों ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए बेहोश महिला को 108 एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचाया। उपचार के बाद महिला को घर भेजा गया।

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