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पांच किमी डोली से लाए फिर अस्पताल ले गए

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Mon, 02 Aug 2021 12:54 AM IST
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बीमार रघुनाथ को परेवा से रीठा साहिब डोली में लाते ग्रामीण। फोटो: संवाद न्यूज एजेंसी
बीमार रघुनाथ को परेवा से रीठा साहिब डोली में लाते ग्रामीण। फोटो: संवाद न्यूज एजेंसी - फोटो : CHAMPAWAT
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रीठा साहिब (चंपावत)। लधिया घाटी की परेवा ग्राम पंचायत में सड़क नहीं होने का खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ रहा है। सबसे ज्यादा दिक्कत बुजुर्गों और बीमार लोगों को हो रही है। ऐसा ही एक वाकया शनिवार को हुआ। जब एक बीमार बुजुर्ग को अस्पताल ले जाने के लिए पांच किमी डोली के जरिये सड़क तक लाया गया। फिर उन्हें रीठा साहिब से हल्द्वानी ले जाया गया। अलबत्ता अब इलाज के बाद बुजुर्ग की तबियत में सुधार है।
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परेवा ग्राम पंचायत के रघुनाथ (60) की शनिवार को एकाएक सांस लेने में दिक्कत होने लगी। सांस फूलता देख परेशान परिजन आनन-फानन में ग्रामीणों की मदद से बुजुर्ग को डोली से रीठा साहिब लाए। पांच किलोमीटर दूर रीठा साहिब सड़क तक लाने में तीन घंटे से अधिक का समय लगा। यहां से उन्हें हल्द्वानी ले जाया गया। जहां अब उनकी तबियत में कुछ सुधार बताया गया है। डोली से सड़क तक लाने में खीमनाथ, प्रकाश सिंह, बचीनाथ, बलवंत सिंह, शेरनाथ आदि ने सहयोग किया।

सड़क से दूरी ही नहीं, अस्पताल के भी बुरे हाल
रीठा साहिब (चंपावत)। लधिया घाटी में सड़क से फासला तो है ही, लेकिन अस्पताल से भी निकटता नहीं है। लधिया घाटी की धुरी रीठा साहिब में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र है, लेकिन इस अस्पताल में दो डॉक्टर होने के बावजूद इलाज की सामान्य सुविधा भी नहीं है। एक्सरे परीक्षण से लेकर खून तक की जांच की सुविधा नहीं है। ऐसे में अस्पताल में मामूली इलाज भी अमूमन नहीं मिल पाता है। ग्रामीणों का कहना है कि यहां मामूली दिक्कत होने पर 62 किमी दूर लोहाघाट जाना मजबूरी है।
यातायात सुविधा नहीं होने से आज भी डोली ही एकमात्र सहारा
गणाईगंगोली(पिथौरागढ़)। वर्ष 2014 में स्वीकृत होने के बाद भी फडियाली-पभ्या-नायल दस किमी सड़क नहीं बन पाई है। प्रथम चरण में सड़क निर्माण के लिए आई 58.50 लाख की राशि मिली थी। मगर भूमि हस्तांतरण नहीं होने के कारण मामला लटका हुआ है।
सड़क स्वीकृति होने के बाद लोग खुश थे। मगर वन अधिनियम के फेर में सात साल बीतने के बाद भी सड़क निर्माण पूरा नहीं हो सका। क्षेत्र के 600 परिवार आज भी डेढ़ किमी की पैदल खड़ी चढ़ाई चलने के लिए मजबूर हैं। आज भी गांव में कोई बीमार होता है तो लोगों को डोली के सहारे ही उसे अस्पताल तक लाना पड़ता है। फडियाली, पभ्या, नायल, भाटगाड़ा के ग्रामीण बेहद परेशान हैं। सबसे अधिक दिक्कत फडियाली, पभ्या, तल्ली नायल के लोगों को उठानी पड़ती है। (संवाद)
सड़क नहीं होने से सुख सुविधाओं का अभाव है। बीमार लोगों को डोली में डेढ़ किमी की खड़ी चढ़ाई पार कर सड़क तक जाना पड़ता है। जहां से फिर बीमार को अस्पताल ले जाया जाता है। शीघ्र सड़क बनाई जानी चाहिए।
चंद्रकला आगरी, प्रधान फडियाली
सड़क की बांट जोहते हुए 87 साल हो गए हैं। जीते जी सड़क निर्माण हो जाता तो बड़ा सुकून मिलता। वन विभाग को जल्द भूमि हस्तांतरण की कार्यवाही करनी चाहिए।
हरक राम, वरिष्ठ नागरिक
भनेड़ा से पभ्या तक सड़क स्वीकृत है। इसके लिए वन भूमि हस्तांतरण की फाइल केंद्र सरकार लंबित है। स्वीकृति प्रक्रिया पूरी होते ही सड़क निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा।
विनोद सिन्हा, ईई, लोनिवि, बेड़ीनाग
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