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कलक्ट्रेट और विकास भवन में दीदी की रसोई की महक

संवाद न्यूज एजेंसी Published by: हल्द्वानी ब्यूरो Updated Sat, 31 Jul 2021 01:24 AM IST
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चंपावत में दीदी की रसोई में स्थानीय दाल के पैकेट बनाती सोनू भंडारी।
चंपावत में दीदी की रसोई में स्थानीय दाल के पैकेट बनाती सोनू भंडारी। - फोटो : CHAMPAWAT
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जिला मुख्यालय के विकास भवन और कलक्ट्रेट परिसर में इन दिनों हर कोई दीदी की रसोई के खुशबूदार व्यंजनों की महक और उसके स्वाद का दीवाना नजर आ रहा है। ग्राम्य विकास विभाग की ओर से संचालित सरस बाजार में महिला स्वयं सहायता समूह की ओर से दीदी की रसोई खोलकर ग्राहकों को लजीज और स्वादिष्ट भोजन एवं जलपान की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। इस कार्य में लगी डूंगरासेठी निवासी सोनू भंडारी महिला स्वयं सहायता समूहों के लिए आदर्श बनी हुई हैं।'
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कोरोना काल में एक साल पहले सोनू भंडारी ने जय कालेशन महिला स्वयं सहायता समूह के बैनर तले चंपावत में दीदी की रसोई शुरू की। रसोई का संचालन केवल महिलाओं की ओर से किया जा रहा है। सरस बाजार में दीदी की रसोई के माध्यम से स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाएं प्रतिमाह सम्मानजनक आजीविका प्राप्त कर रही हैं। सोनू भंडारी बताती हैं कि रसोई के संचालन के पहले दिन उन्हें ग्राहकों से बातचीत करने में कुछ झिझक तो अवश्य हुई, लेकिन ग्राम्य विकास विभाग की सहायक परियोजना निदेशक (एपीडी) विम्मी जोशी की ओर से प्रेरित किए जाने पर उनका मनोबल बढ़ा। इसके बाद समूह की अन्य महिलाएं भी दीदी की रसोई में हाथ बंटाने लगीं। सोनू ने एक साल पहले कोरोना संक्रमण की पहली लहर में गुजरात में प्राइवेट कंपनी में काम करने वाले पति भुवन भंडारी के घर आकर कोरोना संक्रमित होने के बाद भी दीदी की रसोई का संचालन जारी रखा। वह अन्य महिलाओं को हिम्मत देने और उनका हौसला बढ़ाने में मदद भी कर रहीं हैं। 


चाय, नाश्ता और खाने के साथ बेच रही हैं स्थानीय उत्पाद
चंपावत। दीदी की रसोई में महिलाओं की ओर से चाय, चने, समोसे, नाश्ता और खाने के साथ ही स्थानीय उत्पाद भी बेचे जा रहे हैं। दीदी की रसोई में महिला स्वयं सहायता समूहों की ओर से उत्पादित दूध, छांछ, घी, भांग, दालों के साथ ही सब्जियों को भी वाजिब मूल्य पर बेचा जा रहा है। इसके अलावा कालेशन महिला स्वयं सहायता समूह की ओर से कोरोना काल में बनाए गए पांच हजार से अधिक मास्क भी बेचे जा रहे हैं। एपीडी विम्मी जोशी का कहना है कि विभाग की ओर से समूह को हरसंभव मदद की जा रही है।

नामकरण और शादी विवाह समारोहों में भी दे रही हैं सेवा
स्वयं सहायता समूह की ओर से संचालित दीदी की रसोई से जुड़ी महिलाओं की ओर से नामकरण, शादी विवाह और जन्म दिन समारोहों में भी सेवाएं दी जा रही हैं। महिलाओं की ओर से सादगी और स्वच्छता के साथ भोजन तैयार कर मेहमानों को परोसा जाता है। इसके अलावा विभागीय स्तर पर आयोजित होने वाली कार्यशालाओं और अन्य आयोजनों में भी दीदी की रसोई महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। 
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