हरिद्वार: स्वामी स्वरूपानंद से भेंट करने पहुंचे अखिलेश यादव, अविमुक्तानंद सरस्वती से भी की मुलाकात

अमर उजाला नेटवर्क, हरिद्वार Published by: प्राची प्रियम Updated Sun, 11 Apr 2021 02:41 PM IST
शंकराचार्य मठ में अखिलेश यादव
शंकराचार्य मठ में अखिलेश यादव - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
ख़बर सुनें
हरिद्वार के कनखल स्थित शंकराचार्य मठ में रविवार को उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद से भेंट करने के लिए पहुंचे। मठ पहुंचकर अखिलेश सीधे स्वामी स्वरूपानंद के कक्ष में गए। इससे पहले उन्होंने अविमुक्तानंद सरस्वती से भी मुलाकात की। इसके बाद उन्होंने गंगा पूजन भी किया।
विज्ञापन


हरिद्वार महाकुंभ 2021 : नेपाल के अंतिम राजा ज्ञानेंद्र करेंगे शाही स्नान, आज पहुंचे हरिद्वार


श्रीमदजगद्गुरु गरीबदासाचार्य की शोभायात्रा में उमड़े श्रद्धालु

श्रीमदजगद्गुरु गरीबदासाचार्य की शनिवार को भव्य शोभायात्रा निकाली गई। यात्रा श्री गरीबदासी धर्मशाला मायापुर से शुरू होकर जगदीश आश्रम पहुंची। यात्रा को दौरान श्रद्धालुओं ने फूल बरसाकर संतों का भव्य स्वागत किया।

गीता मनीषी महामंडलेश्वर स्वामी ज्ञानानंद की मौजूदगी में श्रीमदजगद्गुरु गरीबदासाचार्य की पालकी की विधि-विधान से पूजा-अर्चना हुई। इसके बाद शोभायात्रा शुरू हुई। बैंडबाजों की धुन और आतिशबाजी के साथ शोभायात्रा मायापुर से शिवमूर्ति चौक होकर रेलवे स्टेशन रोड, ललतारो पुल, वाल्मीकि चौक, अपर रोड, हरिकी पैड़ी, भीमगोड़ा से भूपतवाला पहुंची।

इस दौरान आतिशबाजी आकर्षक रही। श्रद्धालुओं ने संतों पर फूल बरसाए। इस दौरान दयासागर, स्वामी भरतदास, महंत ऋषिश्वरानंद, स्वामी रविदेव शास्त्री, मेलाधिकारी दीपक रावत, आईजी कुंभ संजय गुंज्याल, अपर मेलाधिकारी हरबीर सिंह, सेक्टर मजिस्ट्रेट गौरव पांडेय समेत कई संत और श्रद्धालु मौजूद रहे।

श्री पंचायती अखाड़ा निर्मल में धर्मध्वजा स्थापित 

श्री पंचायती अखाड़ा निर्मल की छावनी में सभी तेरह अखाड़ों के संतों की उपस्थिति में धर्म ध्वजा स्थापित की गई। धर्मध्वजा स्थापित करते समय संतों पर हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा की गई। समारोह में स्वामी ज्ञानेश्वर दास का महांडलेश्वर पद पर पट्टाभिषेक भी हुआ। 

निर्मल पीठाधीश्वर श्रीमहंत ज्ञानदेव सिंह वेदांताचार्य ने कहा कि कुंभ मेला संत महापुरुषों के ज्ञान, तप एवं वैराग्य को दर्शाता है। देश-विदेश से तपस्वी संत आकर भक्तों को आशीर्वाद प्रदान कर उनका कल्याण करते हैं। श्री पंचायती अखाड़ा निर्मल समाज सेवा के प्रकल्पों के माध्यम से समाज को सदैव ही मानव सेवा का संदेश प्रदान करता आ रहा है।

उन्होंने कहा कि नवनियुक्त महामंडलेश्वर स्वामी ज्ञानेश्वर दास तपस्वी संत हैं। जो निर्मल अखाड़े की परंपराओं का निर्वहन कर अखाड़े को उन्नति की ओर अग्रसर करेंगे। 

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
  • Downloads

Follow Us

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00