राष्ट्रीय खेल दिवस 2021: देश के लिए जिम्मेदारी निभाकर अब रेलवे में ड्यूटी कर रहीं हैट्रिक गर्ल वंदना

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरिद्वार Published by: देहरादून ब्यूरो Updated Sun, 29 Aug 2021 04:51 PM IST

सार

रोशनाबाद गांव निवासी भारतीय महिला हॉकी टीम की खिलाड़ी वंदना कटारिया ने टोक्यो ओलंपिक में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ हुए मैच में गोलों की हैट्रिक लगाकर इतिहास रचा।
वंदना कटारिया
वंदना कटारिया - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
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विस्तार

टोक्यो ओलंपिक में हैट्रिक लगाकर इतिहास रचने वाली महिला हॉकी खिलाड़ी वंदना कटारिया अब मुंबई रेलवे में अपनी ड्यूटी कर रही हैं। वह कपिल शर्मा के शो में भी नजर आ चुकी हैं। वंदना कटारिया पर कौन बनेगा करोड़पति शो में भी 40 हजार रुपये का सवाल पूछा जा चुका है।
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रोशनाबाद गांव निवासी भारतीय महिला हॉकी टीम की खिलाड़ी वंदना कटारिया ने टोक्यो ओलंपिक में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ हुए मैच में गोलों की हैट्रिक लगाकर इतिहास रचा था। वे ऐसा करने वाली पहली भारतीय महिला हॉकी खिलाड़ी बनी हैं, लेकिन हॉकी में विश्वभर में पहचान बनाने वाली वंदना कटारिया अपने ड्यूटी के प्रति भी काफी सजग हैं। इसलिए वह आठ साल बाद अपने भाइयों को राखी बांधकर रक्षाबंधन पर्व के अगले ही दिन मुंबई अपने ड्यूटी स्थल पर पहुंच गई थीं।


वंदना कटारिया सेंट्रल रेलवे मुंबई में ऑफिसर्स ऑन स्पेशल ड्यूटी (ओएसडी) के पद पर तैनात हैं। उन्होंने अपना समय गांव में बिताने की बजाय अपनी ड्यूटी को दिया। वंदना कटारिया कपिल शर्मा शो में भी शनिवार रात में भारतीय हॉकी खिलाड़ियों के संग नजर आईं।

यही नहीं कौन बनेगा करोड़पति में अमिताभ की ओर से सातवें प्रश्न के रूप में पूछा गया कि ओलंपिक में हैट्रिक लगाने वाली पहली भारतीय महिला खिलाड़ी कौन हैं। वंदना ने बताया कि फिलहाल वह मुंबई में हैं और ड्यूटी पर हैं।

वंदना संग खेली शिखा दे रही हॉकी के टिप्स

वंदना कटारिया के साथ खेलीं और कई प्रशिक्षणों में साथ रहीं शिखा बिष्ट हॉकी खिलाड़ियों को टिप्स दे रही हैं। उनका कहना है कि वह महिला हॉकी खिलाड़ियों को वंदना जैसा बनाएंगी। मूल रूप से देहरादून की रहने वाली शिखा बिष्ट ने बताया कि वह 2004 में वंदना कटारिया के साथ उत्तराखंड सब जूनियर टीम में नेशनल गेम तक खेल चुकी हैं।

उस साल पंजाब के कपूरथाला में हुए नेशनल गेम में पहली बार वंदना को डिफेंस से हटाकर फारवर्ड खिलाड़ी के रूप में खिलाया गया था। वह भी उस टीम की हिस्सा रही थीं। इसके बाद वंदना ने पीछे मुड़कर नहीं दिखा। उसके बाद वह खेल विभाग की ओर से भोपाल में ढाई माह और लखनऊ में हुए दो माह के कैंप में वंदना के साथ रही।

वर्ष 2019 में 21 दिसंबर से वह राज्य महिला छात्रावास के बालिका हॉकी खिलाड़ियों प्रशिक्षित करने के लिए नियुक्त हो गईं, तब से यहीं पर हैं। छात्रावास में 25 हॉकी खिलाड़ियों में से 20 का चयन हो रखा है। शिखा बिष्ट का कहना है कि वह बालिकाओं को वंदना की तरह ही आगे बढ़ने का प्रशिक्षण देंगी, ताकि वह भी प्रदेश का नाम रोशन कर सकें।
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