बेहतर अनुभव के लिए एप चुनें।
INSTALL APP

अनुराग शंखधर की अग्रिम जमानत याचिका खारिज

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Tue, 22 Jun 2021 02:18 AM IST
विज्ञापन
प्रतीकात्मक।
प्रतीकात्मक।
ख़बर सुनें
नैनीताल। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम/ विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम अधिनियम प्रीतू शर्मा की अदालत ने प्रदेश के चर्चित दशमोत्तर छात्रवृत्ति घोटाले के आरोपी व ऊधमसिंह नगर के पूर्व जिला समाज कल्याण अधिकारी अनुराग शंखधर की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है। शंखधर की 10 मामलों में अग्रिम जमानत याचिकाएं पूर्व में खारिज हो चुकी हैं। शंखधर के खिलाफ 41 मामले अलग अलग थानों में दर्ज हैं।
विज्ञापन

अभियोजन पक्ष के अनुसार अनुराग शंखधर ने ऊधमसिंह नगर में जिला समाज कल्याण अधिकारी रहते छात्रवृत्ति में घोटाला किया। उनके खिलाफ ऊधमसिंह नगर के विभिन्न थानों में 41 मुकदमे भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम व धोखाधड़ी के दर्ज हैं।

सोमवार को आरोपी अनुराग शंखधर की ओर से दो मामलों में जमानत याचिकाएं दायर की गईं। पहले मामले के अनुसार अनुराग शंखधर ने वर्ष 2014-15 में बाबा मोहन दास कॉलेज ऑफ एजुकेशन मोटला, क्लान रेवाड़ी हरियाणा में जसपुर के 10 छात्र-छात्राओं का फर्जी प्रवेश दिखाकर उनके नाम चेक जारी किए और यह चेक खुद ही आहरित कर लिए। इसी तरह केलाखेड़ा क्षेत्र के 10 अन्य अनुसूचित जाति के छात्र-छात्राओं का फर्जी प्रवेश मां गंगा कॉलेज ऑफ एजुकेशन झज्जर हरियाणा में बीएड के लिए दिखाया और उनके नाम की छात्रवृत्ति स्वयं ही ले ली। इन दोनों कॉलेजों में छात्रों ने कभी प्रवेश नहीं लिया था।
न्यायालय को बताया गया कि किसी बिचौलिये ने किसी बहाने से इन छात्रों से उनके प्रमाणपत्र लिए होंगे और बाद में इन प्रमाणपत्रों से उनका निजी कॉलेजों में फर्जी प्रवेश दिखा दिया। यह मामले हाईकोर्ट में दायर जनहित याचिका रविंद्र जुगरान व अन्य बनाम सरकार मामले में हाईकोर्ट द्वारा गठित एसआईटी की जांच में उजागर हुए हैं ।
अनुराग शंखधर ने अपनी जमानत याचिका में स्वयं को निर्दोष बताते हुए अन्य स्टाफ पर उन्हें फंसाने का आरोप लगाया है। जबकि अभियोजन पक्ष की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता सुशील शर्मा ने कोर्ट को बताया कि जिला समाज कल्याण अधिकारी की मिलीभगत के बिना यह घोटाला संभव नहीं है। कहा कि जिला समाज कल्याण अधिकारी की जिम्मेदारी है कि वह छात्रवृत्ति से संबंधित पत्रावली का भौतिक सत्यापन करें। इन तर्कों को सुनने के बाद कोर्ट ने आरोपी की जमानत खारिज कर दी।

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
Election
  • Downloads

Follow Us