दो हजार हजार ऑटो विक्रम चालकों ने शहर में निकाली रैली

Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Fri, 22 Oct 2021 12:48 AM IST
ई-रिक्शाओं का हाईवे पर संचालन बंद करने की मांग को लेकर रैली निकालते ऑटो विक्रम यूनियन के पदाधिकार
ई-रिक्शाओं का हाईवे पर संचालन बंद करने की मांग को लेकर रैली निकालते ऑटो विक्रम यूनियन के पदाधिकार - फोटो : RISHIKESH
विज्ञापन
ख़बर सुनें
ऋषिकेश। शहर में अलग-अलग क्षेत्रों में हाईवे पर संचालित हो रहे ई-रिक्शा के संचालन को बंद करने की मांग के लिए दो हजार ऑटो विक्रम चालकों और मालिकों ने एआरटीओ कार्यालय का घेराव किया। इस दौरान बाइपास मार्ग पर जाम जैसी स्थिति रही। ऑटो विक्रम पदाधिकारियों ने एआरटीओ प्रशासन को ज्ञापन दिया।
विज्ञापन

बृहस्पतिवार को ऋषिकेेश, लक्ष्मणझूला, रामझूला, डोईवाला शांतिकुंज के विक्रम चालक अपने वाहनों को लेकर हरिद्वार रोड स्थित विक्रम टैंपो कार्यालय के बाहर एकत्रित हुए, यहां पर एकत्रित होकर जुलूस की शक्ल मेें देहरादून रोड होते हुए इंद्रमणि बडोनी चौक होकर एआरटीओ कार्यालय पहुंचे। ऑटो विक्रमों इतनी लंबी लाइन थी कि एआरटीओ कार्यालय के बाहर से इंद्रमणि बडोनी चौक से लेकर देहरादून रोड राजकीय बालिका इंटर कॉलेज गेट तक ऑटो विक्रम ही विक्रम दिखे। एआरटीओ कार्यालय में विक्रम चालकों को संबोधित करते हुए गढ़वाल विक्रम टैंपो वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष महंत विनय सारस्वत ने कहा कि शहर में 500 पंजीकृत ई-रिक्शा संचालित हो रहे हैं। इन ई-रिक्शा के हाईवे पर संचालित होने से ऑटो विक्रम चालकों को पर्याप्त सवारी नहीं मिल पा रही है। यह ई रिक्शा नियम विरुद्ध संचालित हो रहे हैं। राजेंद्र लांबा ने कहा कि इन ई-रिक्शा का संचालन शुरू होने से पहले परिवहन विभाग और यातायात पुलिस ने इनके रूट तय किए गए थे। अब यह नियमों के विरुद्ध शहर और हाईवे पर संचालित हो रहे हैं। सुनील कुमार ने कहा कि ई-रिक्शा की बढ़ती संख्या के कारण शहर में जाम की स्थिति बन रही है। शुक्रवार, शनिवार और रविवार को शहर में जाम लगता है। उन्होंने कहा कि इन ई-रिक्शाओं केे नियंत्रित करने के लिए परिवहन विभाग को ठोस नीति बनानी होगी। प्रदर्शन करने वालों में त्रिलोक भंडारी, सोहन गौनियाल, सुभाष चंद शर्मा, विनोद शर्मा, प्रताप यादव आदि थे।

इनसेट-
रायवाला, हरिपुर कलां के ई-रिक्शा भी पहुंच रहे ऋषिकेेश
रायवाला, हरिपुर कलां और प्रतीतनगर के ई-रिक्शा भी आईएसबीटी, रामझूला और एम्स रोड पर सवारी ढो रहे हैं। जबकि अलग-अलग क्षेत्रों में आंतरिक सड़कों पर लोगों को ई-रिक्शा नहीं मिलते।
ई-रिक्शाओं ने लोडरों का काम भी पीटा
एआरटीओ कार्यालय में प्रदर्शन के दौरान एक विक्रम चालक ने बताया कि शहर में उसके विक्रम के साथ ही लोडर (छोटा हाथी) भी चलते हैं। लेेकिन लोडरों का काम ई-कार्ट (लोडर ई-रिक्शा) कर रहे हैं। टैंट का सामान। हलवाई का बरदाना, सीमेंट स्टोर से सीमेंट के ढोने, विस्तर भंडार से बिस्तरों को ढोने और लोकल में अन्य काम भी यहीं कर रहे हैं, इससे लोडरों का काम पिट गया है।
इनकी भी सुनिए
एआरटीओ प्रशासन अरविंद पांडेय ने बताया पहले ई-रिक्शा का परमिट होता था, तो उसका रूट भी होता था, उसे आवंटित रूट पर ही चलना होता था। लेकिन अब केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय ने ई-रिक्शा के परमिट की व्यवस्था खत्म कर दी है। ऐसे में ई-रिक्शा कहीं संचालित हो सकते हैं। स्थानीय स्तर पर ई-रिक्शा को नियंत्रित नहीं किया जा सकता। ऑटो विक्रम प्रतिनिधियों को अपनी मांगों को परिवहन आयुक्त को अवगत कराना चाहिए। यदि शासन चाहेगा तो देहरादून की तर्ज पर मुख्य मार्गों पर ई-रिक्शा का संचालन हो सकता है।

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00