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उत्तराखंड में कोरोना: 24 घंटे में 51 नए संक्रमित मिले, एक भी मरीज की मौत नहीं

उत्तराखंड में बीते 24 घंटे में 51 संक्रमित मिले हैं। वहीं एक भी मरीज की मौत नहीं हुई है। जबकि 24 मरीजों को ठीक होने के बाद घर भेजा गया। वहीं, सक्रिय मामलों की संख्या घटकर 637 पहुंच गई है। 

हरिद्वार: कोरोना संक्रमण से बचाव के नियम हवा-हवाई, रविवार को हरकी पैड़ी पर पहुंची भारी भीड़, तस्वीरें

स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी बुलेटिन के अनुसार, रविवार को 23892 सैंपलों की जांच रिपोर्ट निगेटिव आई है। वहीं अल्मोड़ा, बागेश्वर, चमोली और चंपावत में एक-एक, देहरादून, नैनीताल और पिथौरागढ़ में नौ-नौ, हरिद्वार में तीन, पौड़ी, टिहरी और उत्तरकाशी में दो-दो, रुद्रप्रयाग में चार और ऊधमसिंह नगर में सात संक्रमित मिले हैं। 

प्रदेश में अब तक कोरोना के कुल संक्रमितों की संख्या 341724 हो गई है। इनमें से 327716 लोग ठीक हो चुके हैं। प्रदेश में कोरोना के चलते अब तक कुल 7359 लोगों की जान जा चुकी है।

ब्लैक फंगस के दो नए केस, दो की मौत
प्रदेश में बीते 24 घंटे में ब्लैक फंगस के दो नए मामले सामने आए हैं। जबकि दो मरीजों ने इलाज के दौरान दम तोड़ा है। छह मरीजों को ठीक होने के बाद घर भेजा गया। हेल्थ बुलेटिन के अनुसार देहरादून जिले में दो मरीजों में ब्लैक फंगस की पुष्टि हुई है। जिन्हें उपचार के लिए एम्स ऋषिकेश में भर्ती किया गया। वहीं, एम्स में भर्ती दो मरीजों की मौत हुई है। प्रदेश में कुल मरीजों की संख्या 551 हो गई है, जबकि 123 मरीजों की मौत और 201 स्वस्थ हो चुके हैं। 
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कोरोना वायरस की जांच (प्रतीकात्मक तस्वीर) कोरोना वायरस की जांच (प्रतीकात्मक तस्वीर)

कांवड़ यात्रा: हरिद्वार में बढ़ी सख्ती, पुलिस ने हरकी पैड़ी से 14 कांवड़ियों को पकड़कर किया क्वारंटीन

कांवड़ियों को हरिद्वार आने से रोकने के जिला और पुलिस प्रशासन के दावे खोखले साबित हो गए। सावन के पहले ही दिन हरियाणा के 14 कांवड़िए भगवा वस्त्र धारण किए न केवल हरकी पैड़ी तक पहुंचे, बल्कि सामूहिक रूप से बम बम भोले के जयकारे लगा रहे थे। पुलिस ने उनको पकड़कर 14 दिनों के लिए प्रेमनगर आश्रम में क्वारंटीन कर दिया है। पुलिस ने कांवड़ियों की वेशभूषा बेचने वाले दो फेरी दुकानदारों पर भी कार्रवाई की है। 

हरिद्वार: कोरोना संक्रमण से बचाव के नियम हवा-हवाई, रविवार को हरकी पैड़ी पर पहुंची भारी भीड़, तस्वीरें

इस बार भी कांवड़ मेला स्थगित है। कांवड़ियों के हरिद्वार आने से रोकने के लिए जिला और पुलिस प्रशासन की ओर से दावे किए जा रहे हैं। बावजूद इसके कांवड़िए हरकी पैड़ी पहुंच रहे हैं। सावन के पहले दिन रविवार को हरकी पैड़ी क्षेत्र में कांवड़ वेशभूषा पहन बम-बम भोले के नारे लगाने वाले 14 कांवड़ियों को पुलिस ने पकड़ा है।

इनके नाम बृजमोहन यादव, सूरज, अंशुल, अमन, विकास पांडे, भानु सिंह, प्रमोद साहू, ओमवीर, धर्मेश, प्रदीप, सुशील, शैलेश कुमार, अरविंद कुमार, अंकुर शर्मा निवासी कुंडली सोनीपत हरियाणा हैं। इनके खिलाफ आपदा अधिनियम के तहत मुकदमा भी दर्ज किया गया है। 

पुलिस ने कांवड़ संबंधित सामग्री बेचने वाले दो फेरी दुकानदार राहुल सैनी थाना शहजाद नगर जिला रामपुर उत्तर प्रदेश और तोतीराम सैनी निवासी हरिपुर कलां थाना रायवाला देहरादून के खिलाफ भी कार्रवाई की है। नगर कोतवाल राजेश शाह ने बताया कि कांवडियों पर नजर रखी जा रही है। दूसरे प्रदेशों में पुलिस टीमें भेजकर वहां की पुलिस की मदद से लोगों को कांवड़ मेला स्थगित होने की जानकारी दी जा रही है। 
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तस्वीरें: आंगन में खेल रही डेढ़ साल की बच्ची को मुंह में दबाकर ले गया गुलदार, नहीं लगा कोई सुराग

उत्तराखंड में रुद्रप्रयाग के अगस्त्यमुनि ब्लॉक के सिल्ला-ब्राह्मणगांव में गुलदार ने आंगन में बैठी डेढ़ वर्षीय बच्ची पर हमला कर दिया और मुंह में दबाकर जंगल की तरफ भाग गया। बच्ची का अब तक कुछ पता नहीं लग पाया है। वन विभाग की टीम ग्रामीणों के साथ खोजबीन में जुटी है। विभागीय स्तर पर गुलदार को देखते ही गोली मारने के आदेश जारी कर दिए गए हैं। तीन शिकारी मौके पर बुला लिए हैं। 

शनिवार रात करीब साढ़े आठ बजे सिल्ला ब्राह्मणगांव के जाबर तोक निवासी प्रमोद कुमार की डेढ़ वर्षीय बालिका घर के आंगन में खेल रही थी। तभी, घात लगाए गुलदार ने बच्ची पर झपटा मारा और मुंह में दबाकर उसे जंगल की तरफ ले गया। बच्ची के माता-पिता शोर मचाते हुए कुछ दूर तक उसके पीछे भागे लेकिन गुलदार पलक झपकते ही आंखों से ओझल हो गया। शोर सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे।

स्थानीय निवासी व क्षेत्र पंचायत सदस्य सावन नेगी ने तत्काल घटना के बारे में वन विभाग को सूचना दी। लोगों ने काफी तलाश की लेकिन बच्ची का कुछ पता नहीं चला। इस दौरान कुछ स्थानों पर खून के धब्बे और मांस का टुकड़ा मिला है। रात लगभग सवा दस बजे रुद्रप्रयाग वन विभाग के उत्तरी जखोली रेंज के रेंजर रजनीश लोहानी टीम सहित मौके पर पहुंचे। देर रात तक खोजबीन की गई। लेकिन कुछ पता नहीं चला। 
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कोविड जांच फर्जीवाड़ा: हिसार और भिवानी से लौटी एसआईटी, डेलफिया लैब से लैपटॉप और रजिस्टर बरामद 

महाकुंभ मेला 2021 के दौरान कोरोना जांच में हुए फर्जीवाड़े के गिरफ्तार किए गए डेलफिया लैब भिवानी के संचालक आशीष वशिष्ठ को पुलिस ने तीन दिन का रिमांड पूरा होने के बाद न्यायालय में पेश कर वापस जेल भेज दिया है। आरोपी की निशानदेही पर एसआईटी ने लैपटॉप और रजिस्टर बरामद किया है। 

महाकुंभ मेला में हरिद्वार आने वाले श्रद्धालुओं की कोरोना जांच के लिए मैक्स कॉरपोरेट सर्विस को ठेका दिया गया था। कंपनी के पार्टनर शरत व मल्लिका पंत ने आईसीएमआर के नियमों पर खरी न उतरने वाली भिवानी की एक छोटी लैब व नलवा लैब हिसार के बीच करार करा दिया था।

जिसके बाद फर्जी आंकड़े आईसीएमआर के पोर्टल पर अपलोड किए गए। इस मामले में जांच कर रही एसआईटी ने चार दिन पहले आरोपी भिवानी की डेलफिया लैब के संचालक आशीष वशिष्ठ को गिरफ्तार किया था। 

जिसके बाद आरोपी को न्यायालय से रिमांड पर लेकर एसआईटी के जांच अधिकारी राजेश शाह भिवानी व हिसार में नलवा लैब पहुंचे। भिवानी पहुंचने के बाद आरोपी की निशानदेही पर रजिस्टर पर लैपटॉप बरामद किया गया।

इसके साथ ही नलवा लैब के संचालक डॉक्टर नवतेज नलवा व आरोपी का आमना-सामना भी कराना था। लेकिन डॉक्टर नलवा के हिसार में न होने के कारण एसआईटी की टीम को वापस आना पड़ा। जांच अधिकारी राजेश शाह ने बताया कि आरोपी का रिमांड पूरा होने के बाद उसे न्यायालय में पेश कर वापस जेल भेज दिया गया। 

ऐसे हुआ था आरोपी व नलवा लैब के बीच करार
कोविड जांच में हुए फर्जीवाड़े की जांच कर रही एसआईटी की टीम ने पहली गिरफ्तारी कर ली है। पकड़े गए आरोपी आशीष वशिष्ठ ने बताया कि उसकी लैब आईसीएमआर में पंजीकृत नहीं थी। लिहाजा मैक्स कॉरपोरेट सर्विस के पार्टनर शरत और मल्लिका पंत ने उसका करार नवला लैब से कराया था। इसके बाद श्रद्धालुओं की जांच करने के लिए उसने भिवानी, हरियाणा और हरिद्वार के जगजीतपुर की एक संस्था से कोरोना जांच के लिए कर्मचारी रखे थे।
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देहरादून: थानो रोड पर पेड़ से टकराई कार, दो लोगों की मौत, चार घायल अस्पताल में भर्ती

हरिद्वार कुंभ
देहरादून जिले के डोईवाला में थानो रोड पर रविवार की दोपहर में एक कार अनियंत्रित होकर पेड़ से टकरा गई। हादसे कार सवार दो लोगों की मौत हो गई। चार अन्य बुरी तरह घायल हो गए। घायलों को पुलिस ने उपचार के लिए हिमालयन अस्पताल जौलीग्रांट में भर्ती कराया है। 

कोतवाली पुलिस को दोपहर एक बजे के आसपास थानो रोड पर एक कार पेड़ से टकराने की सूचना मिली। मौके पर पहुंची पुलिस ने भुंइया मंदिर से करीब एक किमी आगे सैन चौकी जौलीग्रांट की ओर बाई ओर जंगल में पेड़ से क्षतिग्रस्त कार में फंसे लोगों को निकलना शुरू कर दिया।

देहरादून: नई बाइक से काम पर निकले थे भाई-बहन, डंपर की चपेट में आने से युवती की हुई मौत 

कार में चालक सहित पांच लोग सवार थे। पेड़ से तेज गति से टक्कर लगने पर कार सवार दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि चार अन्य लोग घायल हो गए। मौके पर पहुंची 108 सेवा के माध्यम से घायलों को हिमालयन अस्पताल जौलीग्रांट में उपचार के लिए भर्ती कराया है।
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उत्तराखंड: हरकी पैड़ी पर उमड़ी भीड़ और मारपीट तक पहुंची सफाई कर्मियों की हड़ताल, पढ़ें 5 बड़ी खबरें...

रविवार को हरिद्वार में हरकी पैड़ी पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। इस दौरान कोरोना से बचाव के नियम तार-तार होते नजर आए। वहीं, आज पुलिस कर्मियों को 4600 ग्रेड पे की मांग को लेकर गढ़वाल से लेकर कुमाऊं में धरने-प्रदर्शन का दौर जारी रहा। पढ़ें कुछ और बड़ी खबरें...

हरिद्वार: कोरोना संक्रमण से बचाव के नियम हवा-हवाई, रविवार को हरकी पैड़ी पर पहुंची भारी भीड़, तस्वीरें
एक ओर कोरोना की तीसरी लहर आने की आशंका जताई जा रही है तो वहीं दूसरी और लोग कोविड नियमों का पालन करने को तैयार नहीं है। ताजा मामला धर्मनगरी हरिद्वार का है। 
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उत्तराखंड: मारपीट तक पहुंची सफाई कर्मियाें की हड़ताल, महिलाओं ने नायक को लाठी-डंडों से पीटा, तस्वीरें
देवभूमि उत्तराखंड सफाई कर्मचारी संघ से जुड़ीं महिला सफाई कर्मियों ने उत्तरांचल स्वच्छकार कर्मचारी संघ से जुड़े सफाई नायक की नगर निगम परिसर में चप्पल और लाठी-डंडों से पिटाई कर दी।
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उत्तराखंड: पुलिस कर्मियों को 4600 ग्रेड पे की मांग पर गढ़वाल से लेकर कुमाऊं में प्रदर्शन, बारिश में भी डटे परिजन, तस्वीरें
पुलिस कर्मियों को 4600 ग्रेड पे की मांग को लेकर रविवार को गढ़वाल से लेकर कुमाऊं में धरने-प्रदर्शन का दौर जारी है। गढ़वाल में राजधानी देहरादून तो कुमाऊं में रुद्रपुर में पुलिस कर्मियों के परिजन ग्रेड पे की मांग को लेकर धरने पर बैठे।
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उत्तराखंड चुनाव 2021: पार्टी में मचे घमासान पर लगा विराम, सामूहिक नेतृत्व में ही चुनाव लड़ेगी कांग्रेस
हरीश रावत को चुनाव संचालन समिति का अध्यक्ष बनाए जाने के बाद पार्टी का एक गुट लगातार इस बात पर जोर दे रहा है कि हरीश रावत ही पार्टी का सीएम का चेहरा हैं। 
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उत्तराखंड: रुद्रप्रयाग में गुलदार ने डेढ़ वर्ष की बच्ची को बनाया निवाला, एक दिन पहले हुआ था महिला पर हमला
रुद्रप्रयाग जिले के सिल्ला-ब्राह्मण गांव में शनिवार रात को गुलदार ने डेढ़ वर्ष की बच्ची को निवाला बना लिया। गुलदार घर के आंगन से बच्ची को उठा ले गया। देर रात को बच्ची का शव घर से काफी दूर मिला। 
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कांवड़ यात्रा: हरकी पैड़ी पर कोविड के नियम हुए तार-तार, 14 कांवड़िए क्वारंटीन, देखें वीडियो...

उत्तराखंड: चीन सीमा पर बढ़ी ड्रेगन की गतिविधियां, सीमांत इलाकों में शस्त्र प्रशिक्षण की दरकार

सीमा पर ड्रेगन की गतिविधियां बढ़ती जा रहीं हैं। ऐसे में एसएसबी को पुराने स्वरूप में लाने की जरूरत है। इसका लाभ चीन समेत अन्य देशों की सीमा से सटे सीमांत क्षेत्र को मिल सकता है बल्कि यह देश के लिए भी मुफीद होगा।

वर्ष 1962 के भारत-चीन युद्ध के बाद उपजी परिस्थितियों को देखते हुए वर्ष 1963 में केंद्रीय कैबिनेट के अधीन सीक्रेट सर्विस ब्यूरो (एसएसबी) का गठन किया गया था। वर्ष 2001 में एनडीए सरकार ने एसएसबी को सशस्त्र सीमा बल के रूप में पैरामिलिट्री फोर्स का दर्जा देकर इस बल को गृह मंत्रालय के अधीन कर दिया। इससे गुरिल्लों की भूमिका समाप्त हो गई। तब से सीमांत के गांवों में हथियार का प्रशिक्षण देना भी बंद हो गया।  

एसएसबी का गठन पूरी तरह से खुफिया जानकारी देने और सीमांत के गांवों में लोगों को हथियारों के प्रशिक्षण के लिए किया गया था। दशकों तक इस बल ने बखूबी अपनी जिम्मेदारी निभाई। गुरिल्ला बल के विशेष स्वयंसेवक होते थे, जिन्हें हिमाचल के सराहन और ग्वालदम चमोली में 45 दिन तक छद्मयुद्ध का कठोर प्रशिक्षण दिया जाता था। गुरिल्ला प्रशिक्षण के बाद भी समय-समय पर इन लोगों को प्रशिक्षण दिया जाता था।

प्रशिक्षण अवधि का मानदेय भी मिलता था। छद्मयुद्ध का प्रशिक्षण प्राप्त स्वयंसेवक गुरिल्ला कहलाते हैं। एसएसबी की भूमिका बदलने से पहले एसएसबी में गुरिल्लों  की ही भर्ती होती थी। एसएसबी का स्वरूप बदलने के बाद पूर्वोत्तर के गुरिल्लों को वर्ष 2004 में एसएसबी में समायोजित किया गया लेकिन उत्तराखंड समेत कई सीमावर्ती राज्यों के गुरिल्लों को एसएसबी में समायोजित नहीं किया गया। गुरिल्ला स्वयंसेवकों की राय है कि गुरिल्लों की भूमिका अहम हो सकती है। केंद्र सरकार को इस पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। 
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