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उत्तराखंड मौसम: कई जिलों में बारिश के आसार, नैनीताल के बनियानाला में फिर हुआ भूस्खलन

उत्तराखंड में मौसम आज फिर करवट बदल सकता है। मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 घंटे में देहरादून के साथ ही उत्तरकाशी, हरिद्वार, नैनीताल और चंपावत में कहीं-कहीं तेज गर्जना के साथ हल्की बारिश होगी। फिलहाल भारी बारिश की संभावना नहीं जताई है।

मौसम विभाग के मुताबिक राजधानी दून में भी आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे और शनिवार की शाम या रात में कुछ स्थानों पर तेज गर्जना के साथ हल्की बारिश की संभावना है। बता दें, पिछले दिनों पश्चिमी विक्षोभ की अत्यधिक सक्रियता और दक्षिणी-पूर्वी हवाओं के दबाव के चलते मैदान से लेकर पहाड़ तक मौसम का मिजाज बदल गया था।

बीते दिनों बारिश से हुआ काफी नुकसान
पूरे राज्य में रिकॉर्ड तोड़ मूसलाधार बारिश हुई। खासकर कुमाऊं क्षेत्र में मूसलाधार बारिश के चलते जहां 50 से अधिक लोगों की मौत हो गई और करोड़ों की संपत्तियों का नुकसान हुआ। हालांकि मौसम विज्ञानियों का मानना है कि पश्चिमी विक्षोभ और दक्षिणी-पूर्वी हवाओं का प्रभाव बिल्कुल खत्म हो गया है। ऐसे में अब भारी बारिश के आसार कतई नहीं है। 

सुबह तक 400 श्रद्धालु पहुंचे यमुनोत्री धाम
यमुनोत्री हाईवे के साथ ही यमुनोत्री पैदल मार्ग पर आवाजाही सुचारू रूप से हो रही है। यमुनोत्री धाम के आखिरी प्रमुख पड़ाव जानकीचट्टी पुलिस चौकी प्रभारी गंभीर तोमर ने बताया कि सुबह से अभी तक 400 यात्रियो ने यमुनोत्री धाम पहुंचकर मां यमुना के दर्शन किए।

नैनीताल के बनियानाला में हुआ भूस्खलन
नैनीताल के बलियानाला क्षेत्र में शनिवार को फिर भूस्खलन हो गया। भूस्खलन जीआईसी विद्यालय के मुहाने तक पहुंच गया है। इससे विद्यालय समेत तमाम भवनों को भारी खतरा पैदा हो गया है। इस जगह पर कुछ दिन पहले भी भूस्खलन हुआ था। बलियानाला क्षेत्र नैनीताल शहर की तलहटी में स्थित है। यहां दशकों से भूस्खलन होता आ रहा है। अब तक कोई भी तकनीक इसे रोकने में कामयाब नहीं हुई है। धीरे-धीरे यह शहर की ओर बढ़ रहा है। इसकी जड़ में आए अनेक भवन पूर्व में खाली कराए जा चुके हैं और दर्जनों लोग यहां से विस्थापित हो चुके हैं। 
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उत्तराखंड आपदा: आपबीती सुना सहम उठा 'जलप्रलय' में बचा मजदूर, बोला- पानी का ऐसा रेला आया कि सब तबाह हो गया

नैनीताल के सकुना में दो मंजिला मकान में दबे बिहार के 10 मजदूरों में से सिर्फ एक बच पाया है। उसकी आंखों में साथियों को खोने का गम है। भरे गले से उसने बताया कि बारिश के कारण हम 18 अक्तूबर को ही घर निकलना चाहते थे लेकिन ठेकेदार ने दिवाली और छठ पूजा में घर जाने के लिए कहा था। हम चले जाते तो हमारी जान बच जाती।

सकुना में आई आपदा के कारण 19 अक्तूबर को एक दो मंजिले मकान में मलबा घुस गया। इससे मकान में सो रहे बिहार के नौ मजदूरों की मौत हो गई। किसी तरह जान बचा पाए राजन शाह ने बताया कि वे सड़क निर्माण कर रहे थे। 18 अक्तूबर की रात खाना खाकर वे एक कमरे में सो गए।

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वह बीच में सो रहा था। करीब चार बजे के आस-पास एक तेज आवाज के साथ पानी का रेला आया। जैसे ही नींद टूटी तो मेरे सीने और पैर पर एक पत्थर पड़ा हुआ था। इसी समय पानी का दूसरा रेला आया और पानी के बहाव में वे दूसरे छोर में पहुंच गए। जैसे ही वह उठा तो देखा कि उसके साथी मलबे में दबे हुए हैं।
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उत्तराखंड: रामगढ़ में कदम-कदम पर दिख रहे आपदा के जख्म, कई घरों की बुनियादें तक गायब, तस्वीरें

नैनीताल के रामगढ़ के झूतिया और सकुना में कदम-कदम पर आपदा के जख्म दिख रहे हैं। जगह-जगह पहाड़ों से निकलकर सड़कों पर बह रहा पानी ऐसा प्रतीत होता है मानो जख्म से खून बह रहा हो। कीचड़ से लथपथ सड़कें और घरों के आंगन उस रात आई प्रलय की कहानी बयां कर रहे हैं। गांव में इक्का दुक्का दुकानें खुली हैं लेकिन न आपूर्ति ठप होने से सामान न के बराबर रह गया है। कई घरों की तो नींव तक उखड़ गई है।

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ग्राहक भी कम ही है। लोगों की जुबान पर सिर्फ और सिर्फ मौतों की ही बातें हैं। कई नाली जमीन बह जाने से जहां किसान सिर पकड़ कर बैठे हैं, वहीं बिहार से मजदूरों के शव लेने आए परिजनों की आंखें नम और गले भरे हुए हैं। अमर उजाला की टीम ने ग्राउंड जीरो पर जाकर पड़ताल की तो हालात बद से बदतर दिखे। 

सुबह 9 बजे : 
मल्ला रामगढ़ से तल्ला रामगढ़ तक सड़क बेहद खतरनाक है। अमर उजाला की टीम शुक्रवार को जब झूतिया गांव के लिए निकली। बारिश के कहर से गागर में बिजली के पोल धराशायी हो गए हैं। कई जगह तो आधी सड़क बह गई है। हिमालयन हाइट्स रिसॉर्ट के ठीक नीचे सड़क का आधा हिस्सा ढह गया है। यहां खाई की ओर वाहन जाने से रोकने के लिए एक दो पत्थर रखे गए थे। अगर गलती से कोई वाहन खाई की ओर आता है तो कमजोर पड़ी जमीन खिसकना तय है। 
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T20 World Cup 2021: भारत-पाक मैच को लेकर उत्तराखंड में चरम पर उत्साह, सट्टेबाजी की आशंका पर पुलिस अलर्ट

टी-20 विश्व कप में आज भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाले मुकाबले को लेकर उत्तराखंड के क्रिकेट प्रेमियों का उत्साह चरम पर है। मुकाबले से पहले सभी तरह की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। कई होटल-रेस्त्रां में क्रिकेट मुकाबले के सीधा प्रसारण दिखाने की व्यवस्था की गई है। यहां क्रिकेट प्रेमी खाने-पीने के साथ मैच देख सकते हैं। इसके अलावा लोगों ने घर पर भी मुकाबले को देखने के लिए विशेष इंतजाम किए हैं।

आज होने वाला मैच कई मायनों में खास
टी-20 विश्व कप में रविवार को पाकिस्तान के साथ मुकाबले से भारत अपने अभियान की शुरुआत करेगा। हर क्रिकेट प्रेमी को इस रोमांच का इंतजार रहता है। वहीं, आज होने वाला मैच कई मायनों में खास रहेगा। एक तो लंबे समय के बाद भारत-पाकिस्तान की क्रिकेट टीमें आमने-सामने होंगी। दूसरा, रविवार का अवकाश होने के कारण छुट्टी की भी कोई टेंशन नहीं रहेगी।

लिहाजा क्रिकेट प्रेमियों ने छुट्टी के दिन इस मैच का लाइव लुत्फ उठाने की पूरी तैयारी कर ली है। कोई अपने परिवार के साथ मैच देखेगा तो कोई दोस्तों के साथ। आमतौर पर भारतीय टीम की जीत के बाद घंटाघर पर क्रिकेट प्रेमी जश्न मनाने के लिए जुटते हैं। भारत-पाक मैच के दौरान कई बार विवाद की स्थिति भी पैदा होती है। इसको देखते हुए पुलिस भी अतिरिक्त सतर्कता बरत रही है। एसएसपी जन्मजेय खंडूरी ने सभी थानों, कोतवाली और चौकी प्रभारियों को क्षेत्र में लगातार गश्त करने के आदेश जारी किए हैं।
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भारत बनाम पाकिस्तान आईसीसी टी20 विश्व कप मैच भारत बनाम पाकिस्तान आईसीसी टी20 विश्व कप मैच

उत्तराखंड आपदा:  केंद्रीय टीम ने प्रभावित इलाकों का लिया जायजा, 243 करोड़ के नुकसान का आकलन 

सात सदस्यीय केंद्रीय टीम पिछले दिनोंं उत्तराखंड में आई आपदा से प्रभावित क्षेत्रों और योजनाओं का निरीक्षण करने के लिए पहुंची। इस दौरान समीक्षा बैठक में डीएम ने बताया कि प्राथमिक आंकलन में 243 करोड़ की क्षति का अनुमान है। 

संयुक्त सचिव गृह संजीव जिंदल के नेतृत्व में टीम ने आपदा प्रभावित तल्ला रामगढ़ क्षेत्र का हवाई निरीक्षण कर क्षति का जायजा लिया। इस दौरान अधिकारियों ने प्रभावितों से बातचीत भी की। इसके बाद टीम ने कलसिया नाला, क्षतिग्रस्त गौलापुल के साथ ही इंदिरा नगर द्वितीय, बिंदुखत्ता में गौला नदी से हुए नुकसान का जायजा लिया। इसके बाद उन्होंने राज्य के अधिकारियों के साथ सर्किट हाउस में समीक्षा बैठक की।

जनपद में 243 करोड़ की क्षति
समीक्षा बैठक में डीएम धीराज सिंह गर्ब्याल ने बताया कि जनपद में प्राथमिक आकलन के हिसाब 242 करोड़ 96 लाख की क्षति का अनुमान है। यह आंकड़ा और बढ़ने की संभावना है। बताया कि लोनिवि के 93 मोटर मार्ग और तीन पुल क्षतिग्रस्त हुए हैं। विभाग ने प्राथमिक आकलन कर 37.29 करोड़ का नुकसान बताया है।  इसी तरह राष्ट्रीय राजमार्ग में 34.50 करोड़, पीएमजीएसवाई के 63 मार्ग क्षतिग्रस्त हुए हैं।

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इनमें 28.56 करोड़ का नुकसान हुआ है। पेयजल निगम की ओर से 4.46 करोड़, सिंचाई विभाग की ओर से 47 करोड़, लघु सिंचाई की 171 योजनाएं आपदा से प्रभावित हुई हैं। इसमें 5.79 करोड़ की क्षति हुई है। बाढ़ से नलकूप विभाग के 20 पंपों में सिल्ट आने से खराब हो गए, जिससे 90.20 लाख की क्षति हुई है। स्वास्थ्य विभाग के 12 अस्पताल और आवासीय भवनों को एक करोड़ 19 लाख की क्षति हुई है। 

135 किमी बिजली लाइन क्षतिग्रस्त, 133 ट्रांसफार्मर हुए खराब
ऊर्जा निगम के अधिकारियों ने बताया कि 133 ट्रांसफार्मर और 135 किमी बिजली लाइन क्षतिग्रस्त हुई हैं। इसके अलावा 648 बिजली पोल ध्वस्त हुए हैं। प्राथमिक तौर पर 5.72 करोड़ के नुकसान का आकलन है। कृषि विभाग की ओर से 4.60 करोड़ की क्षति, उद्यान विभाग की ओर से 3.60 करोड़, मत्स्य विभाग ने 2.20 करोड़ की क्षति का आकलन किया है।

वहीं ग्राम विकास की 910 परिसंपत्तियों को क्षति पहुंची हैं। 15.52 करोड़ की क्षति का आकलन किया गया है। स्वजल को 80 लाख की क्षति, पंचायती राज विभाग की ग्राम पंचायत भवनों, खडं़जा नाली को 4.90 करोड़ की क्षति हुई है। इसी तरह पूर्ति विभाग के छह गोदामों में तीन करोड़ का नुकसान हुआ है। सहकारिता विभाग ने 22 लाख का आकलन किया है।
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उत्तराखंड: आज कई जिलों में हल्की बारिश के आसार, फिलहाल मौसम साफ, चारधाम यात्रा सुचारू

उत्तराखंड के चारों धामों में यात्रा निरंतर चल रही है। केदारनाथ धाम में आज मौसम सामान्य है। बदरीनाथ धाम हेतु सड़क मार्ग सुचारू है। यात्री चारधाम यात्रा के लिए रवाना हो रहे हैं।

रविवार को केदारनाथ में मौसम सामान्य
केदारनाथ, बदरीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री में यात्रा जारी है। शनिवार शाम केदारनाथ धाम में बारिश और बर्फबारी के बाद आज रविवार को मौसम सामान्य है। केदारनाथ धाम के लिए हेलीकॉप्टर सेवा चल रही है। ऋषिकेश चारधाम बस टर्मिनल एवं हरिद्वार बस अड्डे से रविवार सुबह से ही तीर्थयात्री चारधाम को प्रस्थान हुए हैं। 

आज कई जिलों में हल्की बारिश के आसार
वहीं राजधानी दून समेत प्रदेश के कई इलाकों में रविवार को हल्की बारिश हो सकती है। हालांकि आज मौसम साफ बना हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार देहरादून के अलावा उत्तरकाशी, हरिद्वार, चमोली, नैनीताल व चंपावत में कुछ स्थानों पर बारिश होने के आसार हैं।

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कुछ स्थानों पर हल्के हिमपात की भी संभावना
गर्जन के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। इसके अलावा उत्तरकाशी व चमोली के 3500 मीटर व उससे अधिक ऊंचाई वाले कुछ स्थानों पर हल्का हिमपात भी हो सकता है। राजधानी दून में हल्के बादल छाये रहने की संभावना है। शाम के बाद कुछ जगहों पर हल्की बारिश हो सकती है।
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मन की बात:  प्रधानमंत्री मोदी ने की बागेश्वर की पूनम से बात, जिले में शतप्रतिशत टीकाकरण होने पर दी बधाई

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात में बागेश्वर की हेल्थ वर्कर पूनम नौटियाल से बात की। पूनम बागेश्वर के स्वास्थ्य उपकेंद्र चामी में एएनएम पद पर तैनात हैं। प्रधानमंत्री ने बागेश्वर जिले में शतप्रतिशत टीकाकरण होने पर बागेश्वर के लोगों को बधाई दी।

हेल्थ वर्कर्स की भूमिका की सराहना की
प्रधानमंत्री मोदी ने उत्तराखंड में शत प्रतिशत टीकाकरण को लेकर शुभकामनाएं दीं और टीकाकरण को संपन्न कराने में हेल्थ वर्कर्स की भूमिका की सराहना की। उन्होंने पूनम से बातचीत के दौरान टीकाकरण को लेकर लोगों में उत्साह, पहाड़ों में टीकाकरण कराने को लेकर आई परेशानी को लेकर बातचीत की। पूनम ने बताया कि जनवरी में टीकाकरण की शुरुआत होने के बाद से वह लगातार इस कार्य में जुटी हैं। स्वास्थ्य केंद्र में टीकाकरण कराने के अलावा घर-घर जाकर भी लोगों को टीके लगाए। अधिकांश लोगों ने टीकाकरण को लेकर उत्साह दिखाया। लोगों को टीका लगाने के लिए प्रेरित किया गया। बुजुर्ग और दिव्यांग लोगों को घर-घर जाकर टीके लगाए। टीका लगवाने से बच रहे लोगों को बताया गया कि टीका पूरी तरह से सुरक्षित और असरदार है।

स्वास्थ्य केंद्र में आने वाले लागों की लिस्ट बनाई
पीएम ने पूनम से कहा कि उन्हें जानकारी मिली है कि उन्होंने (पूनम) आउट ऑफ वे जाकर कार्य किया है। पूनम ने बताया कि उन्होंने लोगों को टीकाकरण के लिए प्रेरित किया। स्वास्थ्य केंद्र में आने वाले लोगों की लिस्ट बनाई। जिन लोगों ने टीकाकरण नहीं कराया था, उन्हें घर-घर जाकर टीका लगाया। पीएम ने पूछा कि एक दिन में कितना क्षेत्र कवर करना पड़ता था। पूनम ने बताया कि एक दिन में आठ से 10 किमी के एरिया में टीकाकरण किया। पीएम ने कहा कि पहाड़ों में आठ से 10 किमी चलने में पूरा दिन निकल जाता है। पूनम ने बताया कि उनकी पांच लोगों की टीम ने घर-घर जाकर टीकाकरण कराया। जिसमें डॉक्टर, एएनएम, फार्मासिस्ट, आशा और डाटा इंट्री ऑपरेटर होते थे। पीएम ने संचार नेटवर्क की दिक्कत के बारे में पूछा तो पूनम ने बताया कि कुछ गांवों में संचार सुविधा नहीं होने के कारण डाटा बागेश्वर आकर फीड किया जाता था।

प्रधानमंत्री से बात करने के बारे में कभी सोचा नहीं
पीएम मोदी से बात करने के बाद एएनएम पूनम ने बताया कि प्रधानमंत्री से बात करने के बारे में कभी सोचा नहीं था। जिले के शतप्रतिशत टीकाकरण ने यह अवसर दिलाया। जब पता चला कि पीएम बात करेंगे तो बातचीत से पहले कई तरह के ख्याल आ रहे थे। प्रधानमंत्री से किस तरह से बात होगी। वह क्या-क्या सवाल पूछेंगे, लेकिन उन्होंने बड़ी सहजता से बात की। जिसके कारण बात करने से पहले जो मन में डर था, वह चला गया। उन्होंने टीकाकरण को लेकर किए गए कार्य की सराहना की, जो हमारे कार्य और विभाग के लिए उत्साहवर्धक है।
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उत्तराखंड आपदा:  हल्द्वानी में बही थी गौला पुल की एप्रोच रोड, निरीक्षण करने पहुंचे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी

पीएम मोदी
बीते दिनों उत्तराखंड में आई आपदा में हल्द्वानी के गौला पुल की एप्रोच रोड बह गई थी। जिससे पुल को भी खतरा पैदा हो गया था। रविवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिहं धामी पुल का निरीक्षण करने पहुंचे। इस दौरान मुख्यमंत्री धामी ने जल्द से जल्द रोड निर्माण के आदेश दिए।

हल्द्वानी में गौला पुल की एप्रोच रोड बही, पुल को भी खतरा
नदी के उफान में आने से बाईपास में गौला नदी में बने पुल की 30 मीटर एप्रोच रोड बह गई थी। इससे पुल को खतरा पैदा हो गया है। एनएचएआई और लोनिवि के अधिकारियों ने पुल का निरीक्षण कर एप्रोच रोड के बहने का कारण अवैध खनन बताया है। हालांकि एनएचएआई के अधिकारियों ने प्रथम दृष्टया गौला पुल को सुरक्षित बताया है।

आपदा के दौरान गौला नदी ने पुल की एप्रोच रोड को काटना शुरू कर दिया था। इससे 30 मीटर एप्रोच रोड पूरी तरह कट गई थी। इससे पुल और एप्रोच रोड के बीच बनी सुरक्षा दीवार भी ध्वस्त हो गई। पुल की साइड वॉल की बुनियाद भी दिखने लगी थी। करीब 25 मीटर गहरा गड्ढा हो गया था।

उत्तराखंड आपदा: मृतकों की संख्या 80 पहुंची, व्यास घाटी से 40 और लोगों को सुरक्षित निकाला, जायजा लेने पहुंची केंद्रीय टीम

पुलिस और जिला प्रशासन के अधिकारियों ने पुल के दोनों ओर बैरीकेड कर लोगों को वहां से हटाया। एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर योगेंद्र शर्मा और लोनिवि के अधिशासी अभियंता अशोक चौधरी मौके पर पहुंचे। एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर ने कहा कि अवैध खनन के कारण एप्रोच रोड बही है। कहा कि अवैध खनन को लेकर कई बार जिला प्रशासन को अवगत कराया गया था। इसके बाद भी जिला प्रशासन ने इस ओर ध्यान नहीं दिया।

अवैध खनन पर प्रशासन मूकदर्शक बना रहा
नदी के पुल के दोनों ओर एक किलोमीटर तक खनन शासन ने प्रतिबंधित किया हुआ है, लेकिन हल्द्वानी गौला पुल के नीचे अवैध खनन बदस्तूर जारी रहा। अमर उजाला की ओर से भी कई बार इसको लेकर खबर प्रकाशित की गई थी, लेकिन जिला प्रशासन, पुलिस और वन विभाग की टीम ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। यहां तक कि लोनिवि और एनएचएआई के अधिकारी अवैध खनन को लेकर कई बार डीएम से शिकायत भी कर चुके हैं। इसके बाद भी अवैध खनन पर ध्यान नहीं दिया गया।
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PM Modi Uttarakhand Visit: प्रधानमंत्री कर सकते हैं आदिगुरु शंकराचार्य के समाधिस्थल का उद्घाटन

केदारनाथ में आदिगुरु शंकराचार्य के समाधिस्थल का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कर सकते हैं। पीएम मोदी का पांच नवंबर को केदारनाथ भ्रमण प्रस्तावित है।

पीएम मोदी ने किया था शिलान्यास
केदारनाथ धाम में समाधिस्थल का पुनर्निर्माण कार्य लगभग पूरा होने वाला है। सोमवार को यहां आदिगुरु शंकराचार्य की मूर्ति को भी स्थापित कर दिया जाएगा। अन्य जरूरी कार्य अगले दस दिनों में पूरे हो जाएंगे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजक्ट में शामिल केदारनाथ में आदिगुरु शंकराचार्य के समाधि स्थल को भव्य बनाया जा रहा है। 20 अक्तूबर 2017 को पीएम मोदी ने केदारनाथ पहुंचकर पुनर्निर्माण कार्यों का शिलान्यास किया था। इसमें समाधिस्थल का पुनर्निर्माण कार्य भी शामिल है।

अमर उजाला खास: केदारनाथ धाम में हेली कंपनियां उड़ा रहीं नियमों की धज्जियां

पांच नवंबर को केदारनाथ भ्रमण प्रस्तावित
25 अक्तूबर को यहां आदिगुरु शंकराचार्य की मूर्ति को यहां स्थापित कर दिया जाएगा। यह मूर्ति कर्नाटक में बनाई गई है, जिसका वजन 35 टन है। बताया जा रहा है कि पांच नवंबर को केदारनाथ पहुंचकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समाधि स्थल का उद्घाटन कर सकते हैं।
 
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उत्तराखंड में कोरोना: शनिवार को 16 नए संक्रमित मिले, 169 हुई सक्रिय मरीजों की संख्या

उत्तराखंड में अब कोरोना संक्रमण कम हो रहा है। बीते 24 घंटे में प्रदेश में 16 नए कोरोना संक्रमित मिले हैं। वहीं, एक भी मरीज की मौत नहीं हुई है। जबकि 13 मरीजों को ठीक होने के बाद घर भेजा गया। सक्रिय मरीजों की संख्या 169 पहुंच गई है। 

स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी बुलेटिन के अनुसार, शनिवार को 12351 सैंपलों की जांच रिपोर्ट निगेटिव आई है। नौ जिलों अल्मोड़ा, बागेश्वर, चमोली, चंपावत, पौड़ी, रुद्रप्रयाग, टिहरी, ऊधमसिंह नगर और उत्तरकाशी में एक भी संक्रमित मरीज नहीं मिला है। वहीं,  देहरादून में नौ, हरिद्वार और पिथौरागढ़ में दो-दो व नैनीताल में तीन संक्रमित मरीज मिले हैं।

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संक्रमण दर 0.13 प्रतिशत पहुंची
प्रदेश में अब तक कोरोना के कुल संक्रमितों की संख्या 343815 हो गई है। इनमें से 330112 लोग ठीक हो चुके हैं। प्रदेश में कोरोना के चलते अब तक कुल 7398 लोगों की जान जा चुकी है। प्रदेश की रिकवरी दर 96.01 प्रतिशत और संक्रमण दर 0.13 प्रतिशत दर्ज की गई है। 
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अमर उजाला खास: केदारनाथ धाम में हेली कंपनियां उड़ा रहीं नियमों की धज्जियां

केदारनाथ यात्रा में हेलीकॉप्टर सेवा का संचालन करने वाली हेली कंपनियां भारतीय वन्य जीव संस्थान के मानकों और एनजीटी के नियमों का पालन नहीं कर रही हैं। केदारघाटी से धाम के लिए हेलीकॉप्टर निर्धारित 600 मीटर की ऊंचाई पर नहीं उड़ रहे हैं। साथ ही हेली कंपनियां प्रतिदिन का शटल, साउंड व ऊंचाई का रिकाॅर्ड केदारनाथ वन्य जीव प्रभाग को नहीं भेज रही हैं। इस संबंध में प्रभागीय स्तर से हेली कंपनियों को पत्र भेजकर जवाब मांगा गया है।

चारधाम यात्रा 2021: एक महीने में तीर्थयात्रियों की संख्या दो लाख पार, केदारनाथ में उमड़ा हुजूम, तस्वीरें

इस वर्ष छह कंपनियों के हेलीकॉप्टर गुप्तकाशी, शेरसी व बडासू हेलीपैड से केदारनाथ के लिए उड़ान भर रहे हैं। लेकिन ये हेलीकॉप्टर नदी तल से 150 से 250 मीटर की ऊंचाई पर ही उड़ रहे हैं। हेलीकॉप्टरों की उड़ान की यह ऊंचाई केदारनाथ वन्य जीव प्रभाग के भीमबली में स्थापित मॉनीटरिंग स्टेशन में रिकाॅर्ड हो रही है।

उत्तराखंड आपदा: केंद्रीय टीम ने लिया आपदा से क्षति का जायजा, व्यास घाटी से 40 और लोगों को रेस्क्यू किया

केदारनाथ वन्य जीव प्रभाग गोपेश्वर अमित कंवर का कहना है हेलीकॉप्टर की तेज आवाज से अति संवेदनशील क्षेत्र में प्रवास करने वाले दुर्लभ वन्य जीवों, वनस्पतियों को नुकसान पहुंच रहा है। साथ ही लोगों को भी परेशानी हो रही है।
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उत्तराखंड: रुड़की में बेकाबू हो रहा डेंगू, 55 नए मरीजों में हुई पुष्टि, एक संदिग्ध की मौत 

उत्तराखंड के रुड़की और लंढौरा क्षेत्र में डेंगू बेकाबू होता जा रहा है। शनिवार को 55 मरीजों की पुष्टि के बाद जिले में यह आंकड़ा बढ़कर 167 पर जा पहुंचा है। वहीं गाधारोणा में एक व्यक्ति की संदिग्ध मौत हो गई है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव पहुंचकर जानकारी ली है, जिसके अनुसार मृतक को बुखार की शिकायत नहीं थी।

पेट संबंधी दिक्कत चल रही थी, जिसके कारण उसकी मौत हुई है। वहीं दूसरी ओर, मंगलौर के हरजौली गांव में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने शिविर लगाकर 38 लोगों के सैंपल लिए। हालांकि इस गांव में मलेरिया के 22 सैंपल की रिपोर्ट निगेटिव आई है। ऐसे में माना जा रहा है कि इन लोगों को डेंगू की शिकायत हो सकती है। 

गाधारोणा गांव में डेंगू ने पूरी तरह पैर पसार लिए हैं। हर घर में डेंगू पीड़ित व्यक्ति मौजूद है। शनिवार को आई रिपोर्ट में 33 में डेंगू की पुष्टि हुई है। वहीं आधा दर्जन से अधिक गंभीर मरीजों को सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। गांव में लगातार स्वास्थ्य विभाग की टीम डेरा जमाए हुए है।

आशा व स्वास्थ्यकर्मी घर-घर जाकर लोगों को जागरूक करने के बाद दवाई भी दे रहे हैं। सीएचसी लंढौरा प्रभारी डॉ. अमित डाबरा शनिवार को गांव पहुंचे और डेंगू पीड़ित मरीजों से उनका हाल जाना। उन्होंने घर में साफ सफाई रखने का आह्वान किया।
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Karwa Chauth 2021: उत्तराखंड के बाजारों में सुबह से रात तक उमड़ी रही भीड़, चारों तरफ दिखी रौनक, तस्वीरें 

रविवार को मनाए जाने वाले करवाचौथ के व्रत को लेकर महिलाओं ने पूरी तैयारी कर ली है। व्रत को लेकर उत्तराखंड के बाजारों में शनिवार को सुबह से ही शहर के मुख्य सभी बाजारों में महिलाओं की भीड़ जुटनी शुरू हो गई है। खास तौर पर मेहंदी लगवाने वालों के पास महिलाएं लाइन लगाकर अपनी बारी का इंतजार कर रही थी।

इसके अलावा बाजार में बैंग्लस स्टोर की दुकानों पर भी दिनभर भीड़ लगी रही। सभी दुकानों पर महिलाएं चूड़ियां, हाथों में मेहंदी आदि के साथ-साथ श्रंगार का सामान खरीदती रही। इसके अलावा फल, मिठाइयां, मट्ठी, फेनियां आदि की खरीदारी की। राजधानी देहरादून के पलटन बाजार में इतनी भीड़ उमड़ी रही कि पैर रखने तक की जगह नहीं मिली।

Karwa Chauth 2021: पांच साल बाद बन रहा विशेष योग, इस समय निकलेगा चांद और ये है पूजा का शुभ मुहूर्त

महिलाओं के लिए करवा चौथ का विशेष महत्व होने के कारण सभी महिलाएं इस दिन अपने पति की लंबी आयु की कामना को लेकर उपवास रखती हैं। हिंदू संस्कृति में करवाचौथ के त्योहार का महिलाओं के लिए विशेष महत्व है। शाम को मंदिरों में जाकर कथा सुनने के बाद व चंद्रमा को अर्घ्य देकर और पति के हाथ से आहार लेकर अपना व्रत पूरा करती हैं।
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