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भगत सिंह

कहानी उस वीर की जिसने 23 साल की उम्र में मौत को माना ‘महबूबा’

वीडियो डेस्क, अमर उजाला टीवी/ नई दिल्ली Updated Thu, 28 Sep 2017 09:32 AM IST

आज आजादी के उस हीरो का जन्मदिन है जिसने मौत को 'महबूबा' और आजादी को 'दुल्हन' माना था, जिसने 'कफन' का सेहरा बांधकर अपनी मां से कहा था 'मेरा रंग दे बंसती चोला'। जी हां हम बात कर रहे हैं भारत मां के सच्चे सपूत भगत सिंह की। भगत सिंह के जन्मदिन के इस मौके पर हम आपको बताएंगे भगत सिंह के उस आखिरी खत के बारे में जो उन्होंने फांसी के ठीक एक दिन पहले लिखा था।
 

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