असमंजस: ब्रिटेन ने कोविशील्ड वैक्सीन को दी मंजूरी, लगवाने वाले भारतीयों को राहत नहीं 

एजेंसी, लंदन Published by: देव कश्यप Updated Thu, 23 Sep 2021 04:59 AM IST

सार

चौतरफा घेराव के बाद ब्रिटेन ने भूल तो सुधारी लेकिन अधूरी, कोविशील्ड की दोनों खुराक लेने के बाद भी ब्रिटेन पहुंचने पर दस दिन क्वारंटीन रहना होगा।
कोविशील्ड
कोविशील्ड - फोटो : twitter@serum institute
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विस्तार

यात्रा प्रतिबंधों में पिछले हफ्ते दी ढील में भारतीय टीकों को नजरअंदाज करने के बाद चौतरफा घिरे ब्रिटेन ने अपनी भूल तो सुधारी मगर अधूरी। ब्रिटेन ने बुधवार को सीरम इंस्टीट्यूट में बने ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका के कोविशील्ड को तो मंजूरी दे दी लेकिन इसे लगवाने वाले भारतीयों को राहत नहीं दी है। नई एडवाइजरी में जिन 17 देशों को शामिल किया गया है भारत उनमें नहीं है। ऐसे में टीके की दोनों खुराकें लगवाकर पहुंचने वाले भारतीयों को अब भी बिना टीके वालों की ही तरह आरटी-पीसीआर जांच करानी होगी और दस दिन के अनिवार्य क्वारंटीन में रहना होगा। 
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ब्रिटेन ने इससे पहले शनिवार को आगामी चार अक्तूबर से यात्रा प्रतिबंध वाली पीली व हरी सूची को खत्म करने की घोषणा की थी। भारत यूं तो पीली सूची में था लेकिन कोविशील्ड या कोवैक्सिन को मान्यता नहीं होने के कारण यहां से जाने वालों को इस राहत का लाभ नहीं मिलता। ब्रिटेन के इस फैसले की चौतरफा आलोचना हुई और घेराव के बाद जॉनसन सरकार ने अपना रुख नरम करते हुए बुधवार को कोविशील्ड को मान्यता दे दी। हालांकि भारत को राहत वाले 17 देशों में शामिल नहीं किया है। ब्रिटेन ने नई एडवाइजरी में एस्ट्राजेनेका ऑक्सफोर्ड निर्मित कोविशील्ड के अलावा एस्ट्राजेनेका वैक्सजेवरिया और मॉडर्ना टाकेडा को भी मंजूरी दी है। 


ब्रिटेन को समझ नहीं आ रहा भारत का टीकाकरण सिस्टम 
ब्रिटेन ने उसके फैसले पर उठ रहे सवालों के बचाव में तर्क दिया कि उन्हें भारत का टीकाकरण सिस्टम समझ नहीं आ रहा है। कोविन प्लेटफॉर्म और टीकाकरण के बाद मिलने वाले प्रमाणपत्र को लेकर उसे संशय है। इस पर विशेषज्ञों ने भी आपत्ति जताई है। वहीं कोविन वेबसाइट के प्रमुख डॉ. आरएस शर्मा ने बताया कि हाल ही में ब्रिटेन उच्चायुक्त ने उनसे बात कर कोविन सिस्टम को समझने की इच्छा जाहिर की थी। उन्होंने कहा, ब्रिटेन ने हालांकि इस सिस्टम के प्रति कोई आपत्ति जाहिर नहीं की है। वहीं ब्रिटिश उच्चायोग ने बुधवार को कहा कि वह भारत सरकार के साथ उसके टीकाकरण प्रमाणपत्र को मान्यता देने की प्रक्रिया में है। 

भारत का टीकाकरण दुनिया में सबसे बेहतर
कोविन पोर्टल के प्रमुख डॉ. आरएस शर्मा ने कहा, भारत का टीकाकरण सिस्टम दुनिया में सबसे बेहतर बताया। आईटी तकनीक का इस्तेमाल करते हुए टीकाकरण प्रमाण पत्र का सत्यापन करने की सुविधा भारत के पास है। जबकि अन्य देशों में एक पर्ची ही प्रमाण पत्र के तौर दी जा रही है।

ब्रिटेन जाने वाले यह ध्यान रखें
भारत से ब्रिटेन की यात्रा करने वाले लोग ध्यान रखें कि उन्हें रवाना होने से तीन दिन पहले की आरटी-पीसीआर रिपोर्ट लेकर जाना है। साथ ही लंदन पहुंचने से पहले दो आरटी-पीसीआर जांचों की बुकिंग पहले से करनी होगी। इसमें पहली जांच पहुंचते ही और दूसरी आठ दिन बाद करानी होगी। साथ ही वहां पहुंचकर दस दिन के अनिवार्य क्वारंटीन में रहना होगा। 

भारत की ‘जैसे को तैसा’ वाली चेतावनी का पूरा असर नहीं
ब्रिटेन की बेरुखी पर ऐतराज जताते हुए भारत ने जैसे को तैसा वाला रुख अपनाने की चेतावनी दी थी। विदेश सचिव हर्षवर्धन शृंगला ने मंगलवार को दो टूक कहा था कि ब्रिटेन हमारे साथ जैसा व्यवहार करेगा उसे वैसा ही बर्ताव झेलना पड़ेगा। ब्रिटेन इससे कुछ संभला तो है लेकिन इसका पूरा असर नहीं हुआ। यही कारण है कि कोविशील्ड को तो मान्यता दी लेकिन इसे लगवाने वाले भारतीयों को नहीं। 

टीके से नहीं प्रमाणपत्र से दिक्कत 
ब्रिटेन के अधिकारियों ने स्पष्टीकरण दिया कि उन्हें कोविशील्ड टीके से दिक्कत नहीं है बल्कि समस्या प्रमाणपत्र है। हमारी टीम भारत सरकार के साथ इस मुद्दे को सुलझाने में जुटी है। 

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