ब्रिटिश संसद: स्पीकर ने सांसदों के जींस पहनकर आने पर लगाई रोक, कहा- यह नहीं है संसदीय परिधान

एजेंसी, लंदन Published by: Kuldeep Singh Updated Mon, 06 Sep 2021 02:44 AM IST

सार

  • स्पीकर ने सांसदों के लिए एक चेतावनी पत्र जारी करते हुए कहा, सांसद उचित संसदीय वेशभूषा में आए
  • लॉकडाउन के दौरान सांसदों को वर्चुअल तरीके से सदन में उपस्थित होने के लिए नियमों में दी गई थी छूट
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विस्तार

ब्रिटेन के हाउस ऑफ कामंस (संसद के निचले सदन) में ग्रीष्मावकाश के बाद सोमवार से दोबारा संसदीय कार्यवाही शुरू हो जाएगी। लेकिन इस बार ब्रिटिश सांसदों के लिए ड्रेस कोड थोड़ा बदला हुआ रहेगा।
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स्पीकर ने दी चेतावनी, कहा- यह नहीं है संसदीय परिधान
हाउस ऑफ कामंस के स्पीकर लिंड्से होएल ने सांसदों के जींस या स्पोर्ट्स वियर पहनकर संसद में आने पर रोक लगा दी है। स्पीकर ने एक चेतावनी पत्र जारी किया है, जिसमें सभी सांसदों को उचित संसदीय वेशभूषा में ही सदन में आने के लिए कहा गया है।


स्पीकर लिंड्से होएल ने हाउस ऑफ कामंस में व्यवहार और शिष्टाचार से जुड़े नियमों को दोबारा अपडेट किया है ताकि कोविड-19 लॉकडाउन के दौरान दी गई किसी भी तरह की छूट से निपटा जा सके। लॉकडाउन के दौरान सांसदों को वर्चुअल तरीके से सदन में उपस्थित होने के लिए कई तरह के नियमों में छूट दी गई थी।

पुनर्निर्धारित नियमों के मुताबिक, सांसदों को यह पता होना चाहिए कि वे कैसे कपड़े पहनते हैं। उन्हें राष्ट्र के लिए जीवन में अपने मतदाताओं, सदन और संसदीय प्रतिष्ठान के लिए सम्मान दिखाना चाहिए। नए नियमों में कहा गया है कि सदस्यों से सदन में बिजनेस परिधान (सूट, शर्ट व चमड़े के जूते और टाई) पहनने की आशा की जाती है।

जींस, स्पोर्ट्स वियर, चिनोज पैंट या अन्य कैजुअल पैंट उचित वेशभूषा नहीं है। टीशर्ट और बिना बाजू के टॉप भी बिजनेस परिधान नहीं हैं। सदस्यों से बिजनेस शू पहनने की अपेक्षा है। कैजुअल या स्पोर्ट्स शू की इजाजत नहीं है। नियमों में कहा गया है कि संसद सदस्य के तौर पर सेवा करना एक विशेषाधिकार है और यह आपकी वेशभूषा, भाषा और आचार में झलकना चाहिए। 

सदन में गाने या नारे लगाने की भी इजाजत नहीं
ब्रिटिश स्पीकर होएल ने हाउस ऑफ कामंस में सांसदों की ‘दादागिरी’ पर भी शिकंजा कसा है। उनकी तरफ से तय नए नियमों में सदन के अंदर ‘गाने और नारे लगाने’ की भी अनुमति नहीं है। साथ ही चर्चा के दौरान तालियां बजाने पर भी उन्होंने रोक लगा दी है, क्योंकि होएल के हिसाब से तालियां बजने पर चर्चा के लिए आवश्यक समय खराब होता है। नियमों में कहा गया है कि सदन में चर्चा के दौरान सांसदों को किताब या समाचार पत्र पढ़ने या मोबाइल व अन्य किसी इलेक्ट्रानिक उपकरण देखने में व्यस्त नहीं रहना चाहिए। 

पहले भी पहनावे पर सख्ती दिखा चुके हैं स्पीकर
ब्रिटिश स्पीकर होएल पहले भी सांसदों के पसंद के पहनावे को लेकर कई बार सख्ती दिखा चुके हैं। इसमें पिछले साल दिसंबर में कोविड-19 की दूसरी लहर को लेकर सदन में चर्चा के दौरान उन्होंने तत्कालीन विदेश मंत्री जेरेमी हंट को ताकीद की थी कि आपका परिधान उचित नहीं है।

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