चीन का नया सीमा कानून: छह देशों से टकराने को तैयार ड्रैगन, भारत के खिलाफ तिब्बत में बसे लोगों के इस्तेमाल की क्या है साजिश?

वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग Published by: सुभाष कुमार Updated Tue, 26 Oct 2021 01:56 PM IST

सार

चीनी सीमा कानून के कुछ प्रावधान ऐसे हैं, जिन्हें सिर्फ भारत को ध्यान में रखते हुए बनाया गया है। ऐसे में अगले साल भारत और चीन के बीच तनाव की स्थिति में कैसे बदलाव आ सकते हैं इसे लेकर काफी संशय की स्थिति पैदा हो गई है।
चीन की सीमा 14 देशों से लगती है, जिसमें से छह से उसका सीमा को लेकर विवाद है।
चीन की सीमा 14 देशों से लगती है, जिसमें से छह से उसका सीमा को लेकर विवाद है। - फोटो : Amar Ujala Graphic by Himanshu Bhatt
विज्ञापन
ख़बर सुनें

विस्तार

चीन ने अपने आधुनिक इतिहास में पहली बार सीमा से जुड़े कानून को मंजूरी दी है। इस नए कानून के तहत अब चीन सरकार ने 14 देशों से जुड़ी अपनी जमीनी सीमा को लेकर कुछ नियम निर्धारित किए हैं। इस कानून को 'द लैंड बॉर्डर्स लॉ' कहा गया है और यह 1 जनवरी 2022 से लागू हो जाएगा। यानी इस तारीख के बाद से चीन अपने तय कानून के तहत ही सीमा से जुड़े मुद्दों पर समीक्षा और कार्रवाई करेगा। खास बात यह है कि चीन अब तक अपने सीमा से जुड़े मुद्दों पर केंद्रीय शासन और सेना के नेतृत्व के आधार पर फैसले लेता था। यानी ये कानून सिर्फ उन फैसलों को आधिकारिक रूप देने का एक तरीका है। हालांकि, कानून के कुछ प्रावधान ऐसे हैं, जिन्हें सिर्फ भारत को ध्यान में रखते हुए बनाया गया है। ऐसे में अगले साल भारत और चीन के बीच तनाव की स्थिति में कैसे बदलाव आ सकते हैं इसे लेकर काफी संशय की स्थिति पैदा हो गई है।
विज्ञापन


इस बीच अमर उजाला आपको बता रहा है कि चीन के नए कानून में ऐसे क्या प्रावधान हैं, जिन्हें लेकर अगले साल उसके साथ सीमा साझा करने वाले देशों से विवाद पैदा हो सकते हैं। चीन कुल मिलाकर 16 देशों से जमीनी और समुद्री सीमा साझा करता है। इनमें 14 देश उससे जमीनी सीमा से जुड़े हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00