लोकप्रिय और ट्रेंडिंग टॉपिक्स

Hindi News ›   World ›   China : Xi jinping on backfoot after Covid protests, people relief from strict lockdown and quarantine rules

China Covid: विरोध प्रदर्शन के बाद बैकफुट पर चीन सरकार, कोरोना नियमों में दी गई ढील

वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग Published by: प्रांजुल श्रीवास्तव Updated Wed, 07 Dec 2022 12:13 PM IST
सार

चीन सरकार का कहना है कि अब नागरिकों को उनके घरों पर क्वारंटीन रहने की अनुमति दी गई है। कहा गया है कि जिन लोगों में हल्के या एक भी लक्षण नहीं हैं, वे घर में रह कर अपना इलाज करा सकते हैं। सार्वजनिक जगहों से पीसीआर टेस्ट की अनिवार्यता को भी खत्म कर दिया गया है। 

चीन में कोरोना
चीन में कोरोना - फोटो : Lockdown In China
विज्ञापन

विस्तार

चीन में जीरो कोविड पॉलिसी के खिलाफ लोग गुस्से में हैं। सड़क पर प्रदर्शन हो रहे हैं, जिससे चीन सरकार बैकफुट पर आ गई है। जानकारी के मुताबिक, चीन में अब नागरिकों को क्वारंटीन और लॉकडाउन के नियमों से ढील दी गई है। 


 

चीन सरकार का कहना है कि अब नागरिकों को उनके घरों पर क्वारंटीन रहने की अनुमति दी गई है। कहा गया है कि जिन लोगों में हल्के या एक भी लक्षण नहीं हैं, वे घर में रह कर अपना इलाज करा सकते हैं। इसके अलावा सार्वजनिक जगहों से पीसीआर टेस्ट की अनिवार्यता को भी खत्म कर दिया गया है। सिर्फ स्कूलों और अस्पतालों में पीसीआर टेस्ट अनिवार्य होगा। चीन के कड़े कोरोना नियमों में ये बदलाव कई शहरों में हुए प्रदर्शन के बाद हुए हैं। 


जीरो-कोविड पॉलिसी से खींचे कदम 
चीन में कोरोना नियमों में दी गई ढील का साफ मतलब है कि जिनपिंग सरकार अपनी जीरो कोविड पॉलिसी से कदम पीछे खींच रही है। अब यहां के लोगों को वायरस के साथ जीना होगा, जैसा कि दुनिया के अन्य देश कर रहे हैं। चीन में यह कदम तब उठाए जा रहे हैं, जब देश में प्रतिदिन 30 हजार से ज्यादा मामले सामने आ रहे हैं।

जीरो कोविड नीति में राहत

  • चीन सरकार का कहना है कि ज्यादातर संक्रमित अब सरकारी कोविड केंद्रों के बजाए घरों में ही आइसोलेट रह सकेंगे। 
  • हल्के या बिना लक्षण वाले मरीज घर पर रह कर स्वयं के संक्रमित होने की रिपोर्ट कर सकते हैं।
  • अस्पतालों और स्कूलों को छोड़कर अधिकांश सार्वजनिक स्थानों के लिए पीसीआर टेस्ट की अनिवार्यता समाप्त। 
  • अब लॉकडाउन और सीमित इलाकों में लागू किया जाएगा। जैसे कि कुछ भवन, कुछ इकाइयां, कुछ मंजिलें। पहले पूरे शहर या आसपास के इलाकों में लॉकडाउन किया जाता था। 
  • नई लॉकडाउन गाइडलाइन में कहा गया है कि उच्च जोखिम वाले इलाकों में यह पांच दिन तक कोई नया केस नहीं मिले तो उन्हें खोल दिया जाए। 
  • यदि स्कूल में बड़े पैमाने पर संक्रमित न मिलें तो उन्हें खोल दिया जाए। 
  • भवनों के आपात द्वारों को खोल दिया जाना चाहिए और अस्पतालों में आपात चिकित्सा सेवाएं मुहैया कराई जाना चाहिए।

कठोर क्वारंटीन नियमों का हो रहा था विरोध
अब तक चीन में कोविड-संक्रमित लोगों और निकट संपर्क वालों को क्वारंटीन कैंप में जाने के लिए मजबूर किया जाता था। चीन की यह नीति कठोर होने के कारण विरोध का कारण बन रही थी, क्योंकि इसके कारण लोगों को घर छोड़ने को मजबूर होना पड़ा। हाल ही में एक वीडियो वायरल हुआ था, इसमें गार्ड एक व्यक्ति को घर से बाहर खींचते नजर आ रहे थे। इस दौरान वह व्यक्ति गार्डों का कड़ा विरोध करता है। 

विज्ञापन
पिछले सप्ताह चीन में कठोर कोविड नीति के खिलाफ देशभर में प्रदर्शन हुए थे। इस दौरान एपल के संयंत्र में हिंसक झड़प हो गई थी। संयंत्र को बंद करने की नौबत आ गई थी। संक्रमितों को उनका घर व परिवार जबर्दस्ती छोड़कर क्वारंटीन शिविरों में हफ्तों रहने को मजबूर किया जाता है। इस कारण यह नीति काफी अलोकप्रिय हो रही थी। 

 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Election
एप में पढ़ें
जानिए अपना दैनिक राशिफल बेहतर अनुभव के साथ सिर्फ अमर उजाला एप पर
अभी नहीं

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00