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वैज्ञानिकों की राय: ‘हर्ड इम्युनिटी’ के भरोसे न रहें, गायब नहीं होगा कोविड-19 वायरस

वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन Published by: Harendra Chaudhary Updated Tue, 04 May 2021 03:29 PM IST

सार

विशेषज्ञों का कहना है कि व्यापक टीकाकरण के बावजूद ये संभावना नहीं है कि कोविड-19 वायरस पर चेचक या पोलियो जैसी विजय हासिल होगी। इसके बदले इसकी स्थिति मिजिल्स (छोटी माता) या येलो फीवर जैसी हो सकती है...
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay

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विस्तार

वैज्ञानिकों ने आगाह किया है कि कोरोना वायरस को लेकर हर्ड इम्युनिटी पैदा होने की संभावना नहीं है। विशेषज्ञों के मुताबिक अधिक से अधिक यह हो सकता है कि कोरोना वायरस संक्रमण एक ऐसी बीमारी हो जाए, जिसे संभालना अभी की तुलना में ज्यादा आसान हो जाएगा। गौरतलब है कि बहुत से देश हर्ड इम्युनिटी के भरोसे इस रोग के काबू में आ जाने की उम्मीद पर चल रहे हैं। हर्ड इम्युनिटी का मतलब वैसी स्थिति होता है, जब एक खास सीमा से अधिक लोगों के संक्रमित हो जाने के बाद मानव समाज उस संक्रमण के मुकाबले के लिए सामूहिक रूप से सक्षम हो जाता है।
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