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India-US Relation: जयशंकर-ब्लिंकन की संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस, रूस-यूक्रेन समेत इन मुद्दों पर भारत की दो टूक

वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन Published by: अभिषेक दीक्षित Updated Tue, 27 Sep 2022 11:15 PM IST
सार

विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने कहा कि आज की बैठक में हमने अपने राजनीतिक समन्वय, महत्वपूर्ण क्षेत्रीय मुद्दों और वैश्विक चुनौतियों समेत कई मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की।

Jaishankar Blinken
Jaishankar Blinken - फोटो : ANI
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विस्तार

विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर और अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने वॉशिंगटन में एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस की। अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने कहा कि आज की बैठक और पिछली रात की रात्रिभोज में हमने अपनी रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने और साझा उद्देश्यों को आगे बढ़ाने के तरीकों के बारे में बात की। भारत दिसंबर में UNSC में अध्यक्षता करने और अगले साल G20 में अध्यक्षता करने के साथ अधिक वैश्विक सहयोग और कार्रवाई को एक साथ चलाने में सक्षम होगा। हमारे देशों भारत और अमेरिका के बीच साझेदारी दुनिया में सबसे अधिक परिणामी और महत्वपूर्ण है। लोगों के सामने आने वाली हर वैश्विक चुनौती का समाधान करना महत्वपूर्ण है। दोनों देश मिलकर इस काम को सफलतापूर्व कर रहे हैं।



वहीं, विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने कहा कि आज की बैठक में हमने अपने राजनीतिक समन्वय, महत्वपूर्ण क्षेत्रीय मुद्दों और वैश्विक चुनौतियों पर सहयोग पर आकलन का आदान-प्रदान किया और कई मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। इस संबंध में मैं विशेष रूप से यूक्रेन संघर्ष और भारत-प्रशांत स्थिति का उल्लेख करूंगा, जिस पर हमने गंभीरता के साथ चर्चा की। हमारी राष्ट्रीय, आर्थिक, तकनीकी सुरक्षा सभी घनिष्ठ सहयोग से बढ़ी है। भारत की राष्ट्रीय शिक्षा नीति में गहरी दिलचस्पी दिखाई जा रही है और हम यह पता लगाएंगे कि हमारी साझेदारी का विस्तार करने के लिए इसका सबसे अच्छा उपयोग कैसे किया जा सकता है।


अमेरिका के सहयोग को सराहा
विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने कहा कि भारत और अमेरिका की अधिक लचीली और मजबूत आपूर्ति श्रृंखलाओं को प्रोत्साहित करने में एक मजबूत रुचि है और इसके लिए नीतिगत निर्णयों के साथ-साथ व्यावसायिक समुदायों को शामिल करने वाले व्यावहारिक उपायों की आवश्यकता होती है। हम इस पर फोकस कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मैं अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद से निपटने के लिए अमेरिका से मिले मजबूत सहयोग की सराहना करता हूं। विशेष रूप से अमेरिकी प्रतिबंध प्रक्रिया द्वारा जाने-माने और वांछित आतंकवादियों की सूची तैयार करना एक अहम कदम है।

जयशंकर ने कहा कि आज मैं अमेरिका को देखता हूं जो पारंपरिक गठबंधनों से परे सोचकर भारत के साथ जुड़ने के लिए बहुत खुला है। क्वाड आज बहुत अच्छा काम कर रहा है। यह बमहतर तरीके से विकसित हो रहा है। हमारे लिए आज अमेरिका के साथ हमारे संबंध संभावनाओं की एक पूरी श्रृंखला खोलते हैं। मैं संबंधों के बारे में आशावादी हूं।

ऊर्जा बाजारों पर भी भारत का सख्त रूख
जयशंकर ने कहा कि ऐसी कई सर्वोत्तम प्रथाएं होंगी, जिनसे हम लाभ उठा सकते हैं। शायद तीसरे देशों के साथ भी साझा कर सकते हैं। ऐसे में ऊर्जा बाजारों में नरमी आनी चाहिए। हम किसी भी स्थिति को इस आधार पर आंक सकते कि यह हमें और अन्य देशों को कैसे प्रभावित करती है। विकासशील देशों में इस बात को लेकर बहुत गहरी चिंता है कि उनकी ऊर्जा जरूरतों को कैसे पूरा किया जाए?

रक्षा उपकरणों के आयात पर जयशंकर ने दिया साफ जवाब
रक्षा उपकरणों के आयात पर विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने कहा कि यह मत सोचिए कि हमें सर्विसिंग या स्पेयर पार्ट्स की आपूर्ति के मामले में किसी समस्या का सामना करना पड़ रहा है, जो हमें बीते दिनों में रूस से मिले हैं। हमें अपने सैन्य उपकरण कहां से मिलेंगे, यह कोई नया मुद्दा नहीं है। भू-राजनीतिक परिवर्तनों के कारण यह बदलते रहते हैं। हम एक ऐसा विकल्प चुनते हैं जो हमारे राष्ट्रीय हित में हो। हमारे पास मल्टी-सोर्सिंग की परंपरा है और हमारे लिए प्रतिस्पर्धी स्थिति से इष्टतम सौदा कैसे प्राप्त किया जाए, यह वास्तव में यही है। 
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यूक्रेन संघर्ष और तेल की कीमतों पर भी बोले जयशंकर
यूक्रेन संघर्ष पर विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने कहा कि जयशंकर ने कहा कि यह विवाद किसी के हित में नहीं है। आगे बढ़ने का सबसे अच्छा तरीका बातचीत और कूटनीति की ओर लौटना है। उन्होंने कहा कि हम तेल की कीमत को लेकर चिंतित हैं। तेल की कीमत हमारी कमर तोड़ रही है। यह हमारी बड़ी चिंता है।

F16 फाइटर प्लेन पर अमेरिका की सफाई
अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने कहा कि भविष्य को आकार देने की कोशिश करने के लिए अधिक क्षमता, अवसर और जिम्मेदारी की जरूरत है। यह सिर्फ दो देशों के जरिए संभव नहीं होगा। उन्होंने F16 फाइटर प्लेन को लेकर भी सफाई दी। उन्होंने कहा कि यह F16s के लिए एक सतत कार्यक्रम है जो पाक के पास लंबे समय से है। ये कोई नई बात नहीं है, जो उनके पास है। उसके लिए हमें उनकी मदद करनी होगी। हम जिस किसी को भी सैन्य उपकरण प्रदान करते हैं, उसके प्रति हमारी जिम्मेदारी और दायित्व होते हैं कि उन्हें ठीक बनाए रखा जाए।

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ब्लिंकेन ने पीएम मोदी की बात को दोहराया
ब्लिंकेन ने कहा कि मैं वास्तव में इस बात पर जोर देना चाहता हूं कि पीएम मोदी ने क्या कहा? मुझे लगता है कि उन्होंने मामले को बारिकी से समझ लिया है। मैंने जो भी सुना है, मूल रूप से उसका मतलब क्या है? उन्होंने कहा कि यह युद्ध का युग नहीं है। यह युद्ध का समय नहीं है। युद्ध से कोई सहमत नहीं हो सकता।

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