पाक का फटकार: अमेरिका के पूर्व एनएसए ने इमरान की टिप्पणियों पर उठाए सवाल, बाइडन से बात के मंसूबों पर फेरा पानी

वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन Published by: सुरेंद्र जोशी Updated Thu, 07 Oct 2021 08:40 PM IST

सार

अमेरिकी एनएसए रहे मैकमास्टर ने कहा कि अफगानिस्तान में तालिबान के कब्जे के बाद इमरान खान ने अमेरिका के खिलाफ कुछ टिप्पणियां की हैं। उनकी इन टिप्पणियों के लिए खान को अमेरिका प्रशासन द्वारा जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए।
Imran Khan
Imran Khan - फोटो : पीटीआई
विज्ञापन
ख़बर सुनें

विस्तार

अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे के बाद से खुश हुए बैठा पाकिस्तान अमेरिका से बेहतर रिश्तों व राष्ट्रपति जो बाइडन से बात को लेकर लालायित है, लेकिन अमेरिका है कि उसे फटकारता जा रहा है। अब अमेरिका के पूर्व एनएसए एच आर मैकमास्टर ने पाकिस्तान व पीएम इमरान खान को खूब खरी खरी सुनाई है।
विज्ञापन

अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने अब तक पाकिस्तान के पीएम इमरान खान से बात नहीं की है। पाक राजनयिक इसके लिए खूब जोर लगा रहे हैं कि बाइडन से जैसे तैसे एक बार बात हो जाए, लेकिन उन्हेें कामयाबी नहीं मिल रही। इसके उलट अमेरिकी प्रशासन पाकिस्तान को घेरने को कोई मौका नहीं चूक रहा।

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार रिटायर्ड जनरल एच आर मैकमास्टर ने पाकिस्तान को लताड़ा है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी संसद की शक्तिशाली समिति के सामने पेश होते हुए कहा कि पाकिस्तान काफी लंबे समय से अपने 'दोनों हाथों में लड्डू' रखकर बैठा है। उसे अब कोई मदद नहीं दी जानी चाहिए।
डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति काल में अमेरिकी एनएसए रहे मैकमास्टर अफगानिस्तान के मुद्दे पर अपना पक्ष रख रहे थे। उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान में तालिबान के कब्जे के बाद पाकिस्तानी पीएम इमरान खान ने अमेरिका के खिलाफ कुछ टिप्पणियां की हैं। उनकी इन टिप्पणियों के लिए इमरान खान को अमेरिका प्रशासन द्वारा जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए। ट्रंप प्रशासन ने पाकिस्तान को दी जाने सभी सहायता पर रोक लगा दी  थी, जिसे बाइडन प्रशासन ने अभी तक चालू नहीं किया है।
अमेरिका के खिलाफ बयान दिए थे, अब हम क्यों मदद करें?
मैकमास्टर ने पाकिस्तान व इमरान को लताड़ लगाते हुए आगे कहा कि काबुल पर तालिबान के कब्जे के बाद इमरान ने अमेरिका के खिलाफ बयान दिए थे। इसके लिए इमरान खान को जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए। हम आखिर क्यों पाकिस्तान की आर्थिक सहायता करें? मेरा तो ये मानना है कि उन्हें तालिबान, लश्कर-ए-तैयबा और हक्कानी नेटवर्क जैसे संगठनों की मदद के चलते अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग थलग किया जाना चाहिए, क्योंकि ये संगठन मानवता के लिए खतरा हैं।

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00