सिंगापुर : सार्वजनिक रूप से शराब पीने पर भारतवंशी को दोबारा जेल, पढ़ें दुनिया की चार खबरें

एजेंसी, सिंगापुर। Published by: Jeet Kumar Updated Fri, 08 Oct 2021 12:48 AM IST

सार

अधिकारियों ने पाया कि गणेशन ने चेहरे पर मास्क न पहनकर कोविड-19 नियमों का भी उल्लंघन किया है। साथ ही गणेशन पर उत्पीड़न का भी आरोप है।
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सांकेतिक तस्वीर.... - फोटो : social media
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विस्तार

भारतीय मूल के एक सिंगापुरी नागरिक को बृहस्पतिवार को सार्वजनिक रूप से शराब पीने के आरोप में 11 सप्ताह के लिए जेल में डाल दिया गया है। 55 वर्षीय गणेशन समीथुराई इसी अपराध के लिए दो सप्ताह की सजा काटने के बाद जमानत पर रिहा हुआ था लेकिन उसने रिहाई के तुरंत बाद एक बार फिर यही अपराध दोहराया।
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गणेशन के साथ-साथ शरारत और उत्पीड़न के मामले में छह अन्य लोगों को भी दोषी ठहराया गया है। जमानत पर रिहा होने के बाद गणेशन यहां सार्वजनिक आवास संपत्ति के पास पेंडिंग रोड पर फ्लैटों के एक ब्लॉक पर नशे में दिखाई दिया। उसकी बड़ी बहन ने उसे देखा और भाग गई।


इसके बाद उसने पुलिस को फोन किया। अधिकारियों ने पाया कि गणेशन ने चेहरे पर मास्क न पहनकर कोविड-19 नियमों का भी उल्लंघन किया है। उसने बहन के घर की खिड़कियों को तोड़ने के लिए ईंट का इस्तेमाल भी किया और घर में घुसकर करीब 6,000 सिंगापुरी डॉलर के सामान का नुकसान किया। आइए जानते हैं विदेश की अन्य महत्वपूर्ण खबरों के बारे में...

जर्मनी में 100 वर्षीय पूर्व नाजी गार्ड पर चलाया जाएगा मुकदमा

द्वितीय विश्य युद्ध के दौरान बर्लिन के पास एक बंदी शिविर में नाजी गार्ड के रूप में सेवा देने वाले 100 वर्षीय गार्ड पर हजारों की हत्या में सहायक होने के आरोप में मुकदमा चल रहा है। उस पर 3,518 मामलों को लेकर हत्या में सहायक होने के आरोप हैं। इस गार्ड की अधिक उम्र होने के बावजूद उस पर मुकदमा चलाने के लिए अदालत ने उसे फिट बताया है। 

अदालत ने इस 100 वर्षीय संदिग्ध गार्ड के नाम का खुलासा नहीं किया है लेकिन उसका मुकदमा न्यूरुपिन प्रांत की अदालत से ब्रैंडेनबर्ग में स्थानांतरित कर दिया गया है। अदालत ने पाया कि 1942 से 1945 के बीच नाजी पार्टी के अर्धसैनिक विंग में यह गार्ड सूचीबद्ध रहा और बंदी शिविर में कई लोगों को यातनाएं दीं व कई की मौत में मददगार रहा। मारे गए लोगों की संख्या का अनुमान अलग-अलग है। 

गिनी के सैन्य नेता ने बेवोगुई को पीएम बनाया

गिनी के सैन्य नेता ने घोषणा की है कि वरिष्ठ नागरिक सेवक मोहम्मद बेवोगुई उस सरकार में प्रधानमंत्री के बतौर काम करेंगे जो पिछले माह तख्तापलट के बाद पश्चिम अफ्रीकी देश को नागरिक शासन में बदल रही है।

हाल ही में अंतरिम राष्ट्रपति के रूप में शपथ लेने वाले कर्नल मामाडी डोंबोया ने सरकारी टीवी पर यह घोषणा की। 68 वर्षीय बीवोगुई ने विकास के क्षेत्र में काफी काम किया है जबकि उनके करियर का बड़ा हिस्सा संयुक्त राष्ट्र में रहा है। उन्होंने कृषि विकास व खाद्य के लिए यूएन के अंतरराष्ट्रीय कोष में कई पदों पर काम किया।

सऊदी सरकार की आलोचना के जुर्म में 20 साल कैद की सजा बरकरार

रेड क्रेसेंट के कर्मी अब्दुल रहमान अल-सादान को सऊदी अरब सरकार की टि्वटर पर आलोचना के जुर्म में 20 वर्ष कैद की सजा बहाल रखी गई है। कैलिफॉर्निया में रह रहीं अल-सादान की बहन अरीज ने बताया, इस वर्ष अप्रैल में रियाद की अदालत ने उनके भाई को 20 वर्ष कैद की सजा सुनाई थी। अपील में अदालत ने सजा बरकरार रखने के साथ 20 का यात्रा प्रतिबंध लगा दिया है। यानी 37 वर्षीय अल-सादान 40 वर्ष तक सजा भुगतेंगे।

अचानक गायब हो गए
अरीज बताती हैं कि उनका भाई मार्च 2018 में अचानक गायब हो गया था, बस इतना पता चला था कि सादी पोशाक में आए कुछ सुरक्षाकर्मी साथ ले गए। दो वर्ष तक उन्हें अल-सादान की खबर नहीं मिली, फिर फरवरी 2020 में पता चला कि उन्हें सरकार ने बंदी बना रखा है।
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