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Liz Truss: कंजरवेटिव पार्टी के साथ-साथ ब्रिटेन का भी भट्ठा बैठा देंगी लिज ट्रस!

वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लंदन Published by: Harendra Chaudhary Updated Thu, 29 Sep 2022 04:35 PM IST
सार

Liz Truss: कंजरवेटिव पार्टी पूर्व प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन के दौर में सामने आए घोटालों के झटके से अभी तक नहीं उबर पाई है। पार्टी नेताओं ने उम्मीद की थी कि लिज ट्रस अपनी दो टूक नीतियों से पार्टी के लिए नया समर्थन जुटाएंगी। लेकिन तीन हफ्तों में ही अब कंजरवेटिव नेताओं का भरोसा टूटने लगा है...

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liz truss - फोटो : Agency (File Photo)
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विस्तार

कुछ ही हफ्ते पहले प्रधानमंत्री बनीं लिज ट्रस के फैसलों ने ब्रिटेन के आर्थिक संकट को और गहरा बना दिया है। बुधवार को ब्रिटेन के बॉन्ड्स की कीमत तेजी से गिरी। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष और कई मार्केट एजेंसियों ने चेतावनी दी है कि 45 बिलियन पाउंड की टैक्स कटौती के ट्रस सरकार के फैसले से महंगाई और आर्थिक मंदी की हालत और बिगड़ेगी। सबसे ज्यादा आलोचना इस बात की हो रही है कि ट्रस ने सबसे धनी तबकों के आय कर में भी लाखों पाउंड की छूट दी है।

टैक्स कटौती की घोषणा होते ही ब्रिटेन के वित्तीय बाजारों में अफरा-तफरी फैल गई। ब्रिटिश पाउंड की कीमत अमेरिकी डॉलर की तुलना में अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई। अब इस बात की संभावना और बढ़ गई है कि ब्रिटेन का सेंट्रल बैंक- बैंक ऑफ इंग्लैंड- ब्याज दरें और बढ़ाएगा। उससे कर्जदार लोगों के लिए अपनी किस्तें चुकाना और मुश्किल हो जाएगा। साथ ही इस कदम से आर्थिक वृद्धि दर में और गिरावट आएगी।

फैली घबराहट को देखते हुए बुधवार को बैंक ऑफ इंग्लैंड ने एलान किया कि वह ब्रिटिश सरकार के बॉन्ड खरीदेगा। इससे सरकार को टैक्स कटौती जैसे उपायों के लिए धन को हासिल हो जाएगा, लेकिन इस कदम से महंगाई और बढ़ने का अंदेशा है। आईएमएफ ने कहा है कि टैक्स कटौती से ब्रिटेन में आर्थिक गैर-बराबरी और बढ़ने का अंदेशा है।

पर्यवेक्षकों के मुताबिक अपने शुरुआती दिनों में ही लिज ट्रस ने अपनी छवि एक गैर-जिम्मेदार नेता की बना ली है। जनमत सर्वेक्षणों में इसका सीधा लाभ विपक्षी लेबर पार्टी को मिल रहा है। बीते सप्ताहांत लेबर पार्टी का सालाना अधिवेशन हुआ, जहां पार्टी के लिए बढ़ रहे जन समर्थन से उत्साह का माहौल देखा गया। मीडिया विश्लेषणों के मुताबिक इस समय लेबर पार्टी की लोकप्रियता जिस ऊंचे स्तर पर है, वैसा तत्कालीन प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर के दौर के बाद कभी नहीं देखा गया था।

उधर सत्ताधारी कंजरवेटिव पार्टी में मायूसी का माहौल है। पूर्व कंजरवेटिव सरकार में मंत्री रह चुके एक नेता ने अमेरिकी टीवी चैनल सीएनएन से बातचीत में कहा- ‘हमारी हर समस्या ऐसी है, जिसे हमने खुद ही खड़ा किया है। हमारी पार्टी की छवि ऐसे गैर-जिम्मेदार जुएबाज की बन गई है, जो जिस सिर्फ उन लोगों की चिंता करती है, जो जुए में हारना बदार्श्त करने सकने की स्थिति में हों।’ लिज ट्रस की सरकार ऐसे मंत्रियों से भरी-पड़ी है, जो मुक्त अर्थव्यवथा में यकीन करते हैँ। लेकिन पार्टी के अंदर अब इस सोच पर सवाल उठने लगे हैं। पूर्व मंत्री ने कहा- ‘हमने यह सोचने की गलती की कि जो बातें फ्री मार्केट थिंक टैंक की बैठकों में कारगर लगती हैं, वे असल में भी कारगर होती हैँ।’

कंजरवेटिव पार्टी पूर्व प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन के दौर में सामने आए घोटालों के झटके से अभी तक नहीं उबर पाई है। पार्टी नेताओं ने उम्मीद की थी कि लिज ट्रस अपनी दो टूक नीतियों से पार्टी के लिए नया समर्थन जुटाएंगी। लेकिन तीन हफ्तों में ही अब कंजरवेटिव नेताओं का भरोसा टूटने लगा है। ट्रस की नीतियों से आम ब्रिटेन वासियों की मुश्किलें बढ़ी हैं, जबकि देश के आर्थिक भविष्य के सामने अंधेरा और गहरा गया है।

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