टोक्यो में दिव्यांग खिलाड़ियों को दिक्कत: पैराओलंपिक्स आयोजन की सफलता की आखिर क्या है कसौटी?

वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, टोक्यो Published by: Harendra Chaudhary Updated Mon, 30 Aug 2021 07:02 PM IST

सार

पर्यवेक्षकों का कहना है कि हाल के वर्षों में दिव्यांग लोगों की जिंदगी आसान बनाने के लिए जापान में कई उपाय किए गए हैं। उनके लिए निर्बाध इन्फ्रास्ट्रक्चर का निर्माण किया गया है। इससे ऐसे लोग बिना किसी रुकावट और सुरक्षित ढंग से खास जगहों पर घूम-फिर पाते हैं...
टोक्यो ओलंपिक
टोक्यो ओलंपिक - फोटो : social media
विज्ञापन
ख़बर सुनें

विस्तार

टोक्यो में चल रहे पैराओलंपिक खेलों ने दिव्यांग लोगों के लिए जरूरी व्यवस्थाओं की कमी पर फिर से रोशनी डाली है। यहां आए कई देशों के प्रतिनिधियों ने उनके देशों में ऐसे लोगों के लिए सुविधाओं के अभाव और उनके प्रति संवेदनशीलता की कमी की चर्चा की है। इस बीच इस मसले पर जापान के दिव्यांग लोगों की हालत पर खास चर्चा छिड़ी है। जापान में दिव्यांग व्यक्तियों के लिए अधिकारों के लिए काम करने वाले कार्यकर्ताओं ने इस बात पर संतोष जताया है कि पैराओलंपिक खेलों से उन समस्याओं पर लोगों का अधिक ध्यान गया है, जिन पर रोशनी डालने के लिए वे हमेशा काम करते हैं। लेकिन इन कार्यकर्ताओं का कहना है कि दिव्यांग लोगों के प्रति समाज का नजरिया बदलने में अभी लंबा वक्त लगेगा। अभी भी ऐसी स्थिति नहीं है कि ऐसे लोग सहजता से समाज में घुल-मिल सकें।
विज्ञापन


जापान के पैराओलंपिक दल की उप प्रमुख मिक्की माथेसन ने टीवी चैनल यूरो न्यूज से कहा- ‘जब मैं कनाडा जाती हूं तो एक भी पल ऐसा नहीं आता, जब मुझे अपनी दिव्यांगता का अहसास हो। लेकिन जैसे ही वापस मैं टोक्यो हवाई अड्डे पर विमान से उतरती हूं, मुझे ये बात याद आ जाती है कि मैं दिव्यांग हूं।’ इस बीच पैराओलंपिक्स के लिए टोक्यो शहर में एक हाई-टेक मरम्मत का वर्कशॉप खोला गया है। इसका मकसद जरूरत पड़ने पर यहां आए खिलाड़ियों के खास उपकरणों की मरम्मत करना है। कार्यकर्ताओं का कहना है कि ऐसे उपायों से आने वाले समय में जापान के दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए आसानी होगी।


मिक्की माथेसन ने कहा है- ‘मेरी राय में पैराओलंपिक खेलों को सफल तभी माना जाएगा, अगर इसका दिव्यांग व्यक्तियों की रोजमर्रा जिंदगी पर अच्छा असर पड़े। इन्हें तभी सफल समझा जाएगा जब ऐसे लोग यह कहें कि इन खेलों के कारण वे अधिक आसानी से अपने घरों से बाहर घूम-फिर रहे हैं या उनके प्रति दूसरे लोगों की मानसिकता बदल गई है।’

पर्यवेक्षकों का कहना है कि हाल के वर्षों में दिव्यांग लोगों की जिंदगी आसान बनाने के लिए जापान में कई उपाय किए गए हैं। उनके लिए निर्बाध इन्फ्रास्ट्रक्चर का निर्माण किया गया है। इससे ऐसे लोग बिना किसी रुकावट और सुरक्षित ढंग से खास जगहों पर घूम-फिर पाते हैं। टोक्यो के ट्रेन सिस्टम में इसके लिए खास कोशिशें की गई हैं। टोक्यो नगर प्रशासन के मुताबिक 2019 के आखिर तक टोक्यो रेल सिस्टम के तहत आने वाले स्टेशनों में से 96 फीसदी पर विकलांग व्यक्तियों के लिए खास एलिवेटर लगा दिए गए थे। नगर प्रशासन के मुताबिक 2019 में टोक्यो के भूमिगत (सब-वे) स्टेशनों में 82 फीसदी पर ऐसे गेट लग चुके थे, जिनसे नेत्रहीन लोग सुरक्षित ढंग से वहां से गुजर सकें।

बताया जाता है कि पैराओलंपिक खेलों के आयोजन को देखते हुए इस दिशा में काम तेज गति से हुआ। 2020 में कोरोना महामारी आने से काम प्रभावित हुआ। इसके बावजूद इन खेलों के लिए तैयार स्थलों पर वर्चुअल रियलिटी सिस्टम लगाया गया, ताकि कम दृष्टि के लोग आसानी से खेल देख सकेँ। हालांकि फिलहाल कोरोना महामारी के कारण खेलों का आयोजन बिना दर्शकों की मौजूदगी के हो रहा है।

जापान सरकार ने दिव्यांग व्यक्तियों के कल्याण एक विशेष नियम बना रखा है। उसके तहत हर कंपनी को अपने कर्मचारियों के बीच कम से कम 2.3 फीसदी कर्मचारी दिव्यांग रखने पड़ते हैं। ऐसा ना करने पर भारी जुर्माना उन्हें देना पड़ता है।

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00